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राजीव मिश्र को मिला डब्ल्यूएचओ व यूनीसेफ का प्रमाण पत्र
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बलिया। कोरोना महामारी में काम करने वाले कोरोना वारियर डॉ. राजीव मिश्र को विश्व स्वास्थ्य संगठन और यूनीसेफ की ओर से कोरोना महामारी में समाज के लिए कार्य करने की एवज में प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया है।
राजीव ने लॉकडाउन के बीच आदिवासियों, आजमगढ़ अनाथालय व ईंट भट्टा पर काम करने वाले लोगों के बीच मास्क, गमछा और सैनिटाइजर का वितरण किया। साथ ही उन्हें कोविड-19 को लेकर जागरूक भी किया। उन्होंने लॉकडाउन के दौरान तीन बार रक्तदान शिविर का आयोजन भी किया। अंतर्राष्ट्रीय थैलीसिमिया दिवस पर हाईकोर्ड के एडवोकेट ज्ञान प्रकाश ओझा से इस रोग से पीडि़त मासूम बच्चे के लिए रक्तदान भी कराया।
राजीव ने कहा कि हमें सिर्फ अपने लिए ही नहीं जीना चाहिए। एक दिन तो सबको मरना है तो कुछ अच्छा काम करके ही मरना चाहिए, ताकि आने वाली युवा पीढ़ी भी प्रेरित हो। इससे पहले राजीव ने वाराणसी से कन्याकुमारी और कन्याकुमारी से जम्मू कश्मीर 20 राज्य और 7940 किलोमीटर की यात्रा कर रक्तदान किया था। यह एक वर्ल्ड रिकार्ड है। इसके लिए लंदन से डॉ. राजीव को अंतर्राष्ट्रीय सम्मान भी मिला। राजीव ने अब तक 69 बार रक्तदान किया है।
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राजीव ने लॉकडाउन के बीच आदिवासियों, आजमगढ़ अनाथालय व ईंट भट्टा पर काम करने वाले लोगों के बीच मास्क, गमछा और सैनिटाइजर का वितरण किया। साथ ही उन्हें कोविड-19 को लेकर जागरूक भी किया। उन्होंने लॉकडाउन के दौरान तीन बार रक्तदान शिविर का आयोजन भी किया। अंतर्राष्ट्रीय थैलीसिमिया दिवस पर हाईकोर्ड के एडवोकेट ज्ञान प्रकाश ओझा से इस रोग से पीडि़त मासूम बच्चे के लिए रक्तदान भी कराया।
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राजीव ने कहा कि हमें सिर्फ अपने लिए ही नहीं जीना चाहिए। एक दिन तो सबको मरना है तो कुछ अच्छा काम करके ही मरना चाहिए, ताकि आने वाली युवा पीढ़ी भी प्रेरित हो। इससे पहले राजीव ने वाराणसी से कन्याकुमारी और कन्याकुमारी से जम्मू कश्मीर 20 राज्य और 7940 किलोमीटर की यात्रा कर रक्तदान किया था। यह एक वर्ल्ड रिकार्ड है। इसके लिए लंदन से डॉ. राजीव को अंतर्राष्ट्रीय सम्मान भी मिला। राजीव ने अब तक 69 बार रक्तदान किया है।
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