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Ballia News: 25 वर्ष से अनावरण की राह देख रही राजेंद्र बाबू की प्रतिमा
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लालगंज। देश के प्रथम राष्ट्रपति रहे डॉ.राजेंद्र प्रसाद की 140वीं जयंती मंगलवार को उनकी पत्नी राजवंशी देवी के पैतृक गांव रामपुर स्थित अपराजिता सरस्वती राजवंशी देवी जूनियर हाईस्कूल के प्रांगण में मनाई गई। इस दौरान लोगों ने डॉ. प्रसाद व उनकी पत्नी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन किया। 25 वर्ष पूर्व गांव में दंपती की आदमकद प्रतिमा लगाई गई थी लेकिन अनावरण आज तक नहीं हो सका है।
जनपद के पूर्वी छोर पर बसे विकास खंड मुरली छपरा के ग्राम पंचायत रामपुर में देश के प्रथम राष्ट्रपति का ससुराल है। राजेंद्र बाबू की शादी बाबू हरिनंदन सहाय की बेटी राजवंशी देवी से हुई थी। वर्ष 1999 में राजवंशी देवी के परिजन स्व. सर्वदेव श्रीवास्तव उर्फ चुन्नू लाल ने डॉ. प्रसाद व उनकी पत्नी की संगमरमर की आदमकद प्रतिमा लगाई। अपने जीवन काल में उन्होंने प्रतिमा के अनावरण के लिए काफी प्रयास किया। लेकिन सार्थक परिणाम नहीं निकला। जिला प्रशासन ने भी कोई मदद नहीं की। इस कारण 25 वर्ष से प्रतिमा अनावरण के इंतजार में ढकी है। गांव वाले वहीं तस्वीर रखकर देश के प्रथम राष्ट्रपति की जयंती मनाते हैं। मंगलवार को कार्यक्रम में सुजान श्रीवास्तव, रजनीश श्रीवास्तव, अमन श्रीवास्तव, दुर्गा दत्त श्रीवास्तव, दीपक श्रीवास्तव आदि रहे।
लगातार प्रयास का नतीजा रहा सिफर
चुन्नू लाल के भतीजे सूजान श्रीवास्तव उर्फ राहुल कहते हैं कि प्रतिमा के अनावरण के लिए सपा, बसपा और वर्तमान भाजपा सरकार में कई बार आवेदन किया गया, लेकिन कुछ नहीं हुआ। बताया कि स्व. चुन्नू लाल वर्ष 2001 में तत्कालीन मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह, जून 2003 में पूर्व सीएम मायावती से मिले थे। 2003 नवंबर में पूर्व सीएम मुलायम सिंह से मिले थे। मुलायम सिंह यादव ने 03 दिसंबर 2003 को इसके लिए समय तय किया था लेकिन बाद में कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया। 2011 में पूर्व मुख्यमंत्री मायावती को प्रार्थना पत्र दिया गया। 2013 में सहतवार कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रहे अखिलेश यादव से सुजान श्रीवास्तव ने बात की। इसके लिए आश्वासन भी मिला। 2014 में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने समय दिया पर जिला प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया। 2020 में सीएम योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पत्र के माध्यम से मांग की गई। 2023 और 2024 में वर्तमान राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू के यहां पत्र दिया गया। 2023 में तत्कालीन जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार से कई बार वार्ता की गई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।
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जनपद के पूर्वी छोर पर बसे विकास खंड मुरली छपरा के ग्राम पंचायत रामपुर में देश के प्रथम राष्ट्रपति का ससुराल है। राजेंद्र बाबू की शादी बाबू हरिनंदन सहाय की बेटी राजवंशी देवी से हुई थी। वर्ष 1999 में राजवंशी देवी के परिजन स्व. सर्वदेव श्रीवास्तव उर्फ चुन्नू लाल ने डॉ. प्रसाद व उनकी पत्नी की संगमरमर की आदमकद प्रतिमा लगाई। अपने जीवन काल में उन्होंने प्रतिमा के अनावरण के लिए काफी प्रयास किया। लेकिन सार्थक परिणाम नहीं निकला। जिला प्रशासन ने भी कोई मदद नहीं की। इस कारण 25 वर्ष से प्रतिमा अनावरण के इंतजार में ढकी है। गांव वाले वहीं तस्वीर रखकर देश के प्रथम राष्ट्रपति की जयंती मनाते हैं। मंगलवार को कार्यक्रम में सुजान श्रीवास्तव, रजनीश श्रीवास्तव, अमन श्रीवास्तव, दुर्गा दत्त श्रीवास्तव, दीपक श्रीवास्तव आदि रहे।
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लगातार प्रयास का नतीजा रहा सिफर
चुन्नू लाल के भतीजे सूजान श्रीवास्तव उर्फ राहुल कहते हैं कि प्रतिमा के अनावरण के लिए सपा, बसपा और वर्तमान भाजपा सरकार में कई बार आवेदन किया गया, लेकिन कुछ नहीं हुआ। बताया कि स्व. चुन्नू लाल वर्ष 2001 में तत्कालीन मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह, जून 2003 में पूर्व सीएम मायावती से मिले थे। 2003 नवंबर में पूर्व सीएम मुलायम सिंह से मिले थे। मुलायम सिंह यादव ने 03 दिसंबर 2003 को इसके लिए समय तय किया था लेकिन बाद में कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया। 2011 में पूर्व मुख्यमंत्री मायावती को प्रार्थना पत्र दिया गया। 2013 में सहतवार कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रहे अखिलेश यादव से सुजान श्रीवास्तव ने बात की। इसके लिए आश्वासन भी मिला। 2014 में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने समय दिया पर जिला प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया। 2020 में सीएम योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पत्र के माध्यम से मांग की गई। 2023 और 2024 में वर्तमान राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू के यहां पत्र दिया गया। 2023 में तत्कालीन जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार से कई बार वार्ता की गई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।
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