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खेती के लिए बारिश वरदान, किसानों के चेहरे खिले

Fri, 05 Jun 2020 09:09 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 05 Jun 2020 09:09 PM IST
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Rain boon for farming, farmers face blossomed
नगर के शहीद पार्क चौक-विजय सिनेमा रोड पर लगा बारिश का पानी। - फोटो : BALLIA
बलिया। जिले में बृहस्पतिवार की रात और शुक्रवार की दोपहर हुई बारिश खेती के लिए वरदान मानी जा रही है। बारिश से किसानों के चेहरे खिल गए हैं। किसानों ने खरीफ की फसल की बुआई की तैयारी शुरू कर दी है। शहर में जगह-जगह जलभराव से लोगों को परेशानी तो हुई लेकिन तापमान गिरने से गर्मी से राहत भी मिली।
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बृहस्पतिवार की मध्य रात से पूरी रात बारिश हुई। वहीं शुक्रवार को दोपहर 12 बजे हुई झमाझम बारिश हुई। बारिश से नगर पालिका के सफाई व्यवस्था की पोल खुल गई है। शहर के सतीश चंद्र कालेज चौराहा और कलेक्ट्रेट परिसर में जलभराव हो गया। जिला अस्पताल में जलभराव से चिकित्सकीय सेवा प्रभावित हुई। मौसम विभाग के जानकारों का कहना है कि निर्सग चक्रवात के कारण हुई बारिश खेती के लिहाज से महत्वपूर्ण है। किसानों का कहना है कि रोहिणी नक्षत्र में बारिश होने के बाद अगर मृगशिरा नक्षत्र में तपन बढ़ जाती हैं तो आद्रा नक्षत्र में खरीफ की फसलों की बुआई शुरू हो जाती है। इससे उपज अच्छी होती है।
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माल्दह : बृहस्पतिवार रात 12:30 बजे से शुक्रवार की सुबह 6:00 बजे तक लगातार वारिश से किसानों के चेहरे चमक उठे । उनका कहना था कि बारिश के कारण सब्जी की फसलों को नुकसान होगा, लेकिन धान के बेहन के लिए बारिश से बड़ी राहत मिलेगी। बैरिया: बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे। आम की खेती करने वाले किसानों का कहना है कि अब आम पकने शुरू हो जाएंगे। नरही: बारिश के बाद किसानों ने धान की नर्सरी लगाने की तैयारी शुरू कर दी । नगरा: मानसून पूर्व वर्षा के बाद किसान धान की नर्सरी लगाने की तैयारी में जुट गए हैं। बांसडीह: बारिश व तेज हवा से गर्मी से राहत मिली है। किसान भी खरीफ की फसलों की बुआई की तैयारी में जुट गये हैं। बांसडीहरोड: बारिश के बाद किसानों ने धान की नर्सरी भी डालनी शुरू कर दी है। हालांकि बेमौसम हुई बरसात से क्षेत्र के अधिकांश मार्ग पर जलभराव से राहगीरों की परेशानी बढ़ गई।
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लौकी और नेनुआ की फसल को होगा नुकसान
नरही। कृषि विज्ञान केंद्र सोहांव के अध्यक्ष प्रोफेसर रवि प्रकाश मौर्य ने बताया कि शुक्रवार को हुई बारिश किसानों के लिए काफी फायदेमंद है। किसान इस समय धान की नर्सरी एवं अरहर की खेती कर सकते हैं। बारिश के कारण लौकी व नेनुआ के खेतों में यदि पानी लग गया हो तो उसको नुकसान पहुंच सकता है। किसान खरीफ की खेती में जुट सकते हैं क्योंकि मानसून समय पर दस्तक देने वाला है।
छह जून तक जिले में रहेगा निसर्ग का असर
नरही। निसर्ग तूफान का असर अभी 24 घंटे तक रहने का अनुमान है। शनिवार से इसका प्रभाव कम होने की संभावना है। मौसम विभाग पटना के निदेशक विवेक सिन्हा ने बताया कि निसर्ग तूफान का असर इधर देखने को मिला कि मानसून के पहले जोरदार बारिश का आगाज हुआ। इसका असर 6 जून से कम होने लगेगा। उन्होंने बताया कि अभी मानसून के दस्तक देने में समय लगेगा।

बरसात के पानी में बह गई सड़क
दयाछपरा। बृहस्पतिवार की रात्रि 1.30 बजे हुई बारिश के कारण हर छपरा में मनरेगा योजना से बनी सड़क को बरसाती पानी की धारा बहा ले गई। इस दौरान मनोज यादव का घर गिरने से बच गया। ग्रामीणों का कहना है कि हर साल इस सड़क पर मनरेगा के तहत कार्य कराया जाता है, लेकिन बरसात में सड़क बह जाती है। कभी कभी तो साल में दो तीन बार कार्य करना पड़ता है। ग्रामीणों ने समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है।
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