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चाहंहु तुम्हहि समान सुत प्रभुसन कवन दुराव
ब्यूरो,अमर उजाला,बलिया
Updated Mon, 26 Sep 2016 08:00 PM IST
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lord swaminarayan
श्री शुभ नगर रामलीला कमेटी के तत्वावधान में रामलीला मैदान में चल रहे रामलीला मंचन के दौरान रविवार की रात कलाकारों ने मनु तपस्या एवं रावण जन्म का मंचन किया गया। मनु की घोर तपस्या के बाद भगवान विष्णु प्रकट हुए और मनु से वरदान मांगने को कहा। मनु और सतरूपा ने वर मांगा कि चाहंहु तुम्हहि समान सुत प्रभुसन कवन दुराव।
मनु और सतरूपा की मांग पर भगवान विष्णु ने कहा मैं अपने समान पुत्र कहां खोजूं। मैं स्वयं अयोध्या नरेश राजा दशरथ के यहां अवतार लूंगा। उधर, देवताओं से परेशान राक्षसों ने गुरु शुक्राचार्य के निर्देशानुसार राक्षसी केकसी को मुनि विसेसर्वा के आश्रम भेजा। जहां केकसी ने वर्षों मुनि की सेवा की। उचित समय पाकर उसने मुनि से विवाह का प्रस्ताव रखा।
मुनि ने उसके जिद के आगे लाचार होकर उससे शादी की। जिसके बाद रावण, कुम्भकरण, विभीषण एवं अहिरावण का जन्म हुआ। रावण ब्रह्मा व शंकर की घोर तपस्या कर उनसे वरदान प्राप्त कर बलवान व शक्तिशाली हुआ। लीला का मंचन शंभू झा, चंद्रभूषण झा, प्रहलाद झा, सुरेश झा, शंकर झा, लल्लन झा, राम झा, गजेंद्र झा, संतोष कुमार सिंह, पवन झा आदि कलाकारों ने भावपूर्ण मंचन किया। इस मौके पर दीपक केशरी, जितेंद्र वर्मा, संजय, मान सिंह, संतोष सोनी, मानिक चंद्र वर्मा, किशुन चौबे, शिवशक्ति आदि मौजूद रहे।
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मनु और सतरूपा की मांग पर भगवान विष्णु ने कहा मैं अपने समान पुत्र कहां खोजूं। मैं स्वयं अयोध्या नरेश राजा दशरथ के यहां अवतार लूंगा। उधर, देवताओं से परेशान राक्षसों ने गुरु शुक्राचार्य के निर्देशानुसार राक्षसी केकसी को मुनि विसेसर्वा के आश्रम भेजा। जहां केकसी ने वर्षों मुनि की सेवा की। उचित समय पाकर उसने मुनि से विवाह का प्रस्ताव रखा।
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मुनि ने उसके जिद के आगे लाचार होकर उससे शादी की। जिसके बाद रावण, कुम्भकरण, विभीषण एवं अहिरावण का जन्म हुआ। रावण ब्रह्मा व शंकर की घोर तपस्या कर उनसे वरदान प्राप्त कर बलवान व शक्तिशाली हुआ। लीला का मंचन शंभू झा, चंद्रभूषण झा, प्रहलाद झा, सुरेश झा, शंकर झा, लल्लन झा, राम झा, गजेंद्र झा, संतोष कुमार सिंह, पवन झा आदि कलाकारों ने भावपूर्ण मंचन किया। इस मौके पर दीपक केशरी, जितेंद्र वर्मा, संजय, मान सिंह, संतोष सोनी, मानिक चंद्र वर्मा, किशुन चौबे, शिवशक्ति आदि मौजूद रहे।
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