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पुष्पवर्षा से रुहानी काफिले का स्वागत
ब्यूरो, अमर उजाला/बलिया
Updated Sat, 22 Oct 2016 10:42 PM IST
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असनवार गांव स्थित बाबा जयगुरुदेव आश्रम पर बाबा के काफिले का स्वागत करते अनुयायी।
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बाबा जयगुरुदेव के शिष्य उमाकांत तिवारी के नेतृत्व में धर्म विकास संस्थान के मुख्यालय से शुरू हुई 25 दिवसीय रुहानी यात्रा शनिवार को करीब एक बजे 21 वें पड़ाव पर असनवार स्थित आश्रम पहुंची। इस दौरान अनुनायियों ने पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया। कार्यक्रम स्थल पर 11 लंगर चलाए गए। जिसमें श्रद्धालु भक्तों के साथ ही आसपास के गांवों से कार्यकर्ता के रूप में तैनात लोगों ने भी प्रसाद ग्रहण किया।
जिले के असनवार गांव स्थित बाबा जयगुरुदेव आश्रम पर रुहानी काफिला के पहुंचते ही भक्तों ने बाबा उमाकांत तिवारी के स्वागत में जुट गए। करीब सौ से अधिक महिलाओं ने अपने हाथों में कलश और पुष्प लेकर बाबा का स्वागत किया। इस दौरान महिलाओं ने बाबा से आशीर्वचन भी लिए।
बाबा जयगुरुदेव जी महाराज के शिष्य उमाकांत तिवारी के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए काफी संख्या में अनुयायी पहुंच गए। बाबा अपने रुहानी काफिले के साथ शनिवार को दोपहर करीब एक बजे असनवार स्थित आश्रम पर पहुंचे। इसके बाद कार्यक्रम स्थल पर विशाला भंडारा किया गया। अलग-अलग प्रांतों के कुल 12 लंगर चलाए जा रहे थे। बाबा के काफिले में उप्र के कई जनपदों के साथ ही महाराष्ट्र, गुजरात, बिहार, झारखंड, नेपाल, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तरांचल सहित कई प्रांतों से हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रतिभाग किया।
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जिले के असनवार गांव स्थित बाबा जयगुरुदेव आश्रम पर रुहानी काफिला के पहुंचते ही भक्तों ने बाबा उमाकांत तिवारी के स्वागत में जुट गए। करीब सौ से अधिक महिलाओं ने अपने हाथों में कलश और पुष्प लेकर बाबा का स्वागत किया। इस दौरान महिलाओं ने बाबा से आशीर्वचन भी लिए।
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बाबा जयगुरुदेव जी महाराज के शिष्य उमाकांत तिवारी के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए काफी संख्या में अनुयायी पहुंच गए। बाबा अपने रुहानी काफिले के साथ शनिवार को दोपहर करीब एक बजे असनवार स्थित आश्रम पर पहुंचे। इसके बाद कार्यक्रम स्थल पर विशाला भंडारा किया गया। अलग-अलग प्रांतों के कुल 12 लंगर चलाए जा रहे थे। बाबा के काफिले में उप्र के कई जनपदों के साथ ही महाराष्ट्र, गुजरात, बिहार, झारखंड, नेपाल, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तरांचल सहित कई प्रांतों से हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रतिभाग किया।
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