बलिया। किसानों के समर्थन में हस्ताक्षर पत्र सौंपने जा रही अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बृहस्पतिवार को टीडी कालेज चौराहे पर गृहमंत्री अमित शाह का पुतला दहन किया। इस दौरान पुलिसकर्मियों और कार्यकर्ताओं बीच छीनाझपटी भी हुई। इससे नाराज कांग्रेस कार्यकर्ता टीडी कालेज चौराहे पर धरने पर बैठ गए। सूचना पर पहुंचे कोतवाल विपिन कुमार सिंह ने धरना पर बैठे कार्यकर्ताओं को कोतवाली लेकर चले गए। जहां शाम पांच बजे सभी कार्यकर्ताओं को निजी मुचलके पर रिहा कर दिया गया।इस मौके पर जैनेंद्र पांडेय ने कहा कि किसानों की आवाजों को दबाने के लिए उनको समर्थन दे रही प्रियंका गांधी की गिरफ्तारी एक तरफ से लोकतंत्र का हत्या का प्रयास है। लोकतंत्र में सभी राजनीतिक दल किसी भी आंदोलन को समर्थन दे सकते हैं। किसान भारत का अन्नदाता है और उसे उसकी फसल की सही मूल्य देना केंद्र सरकार की नैतिक जिम्मेदारी होती है लेकिन सरकार अडानी-अंबानी के दबाव में अपने नैतिक कर्तव्य से भाग रही है। किसानों को नक्सली और खालिस्तानी कहने वाले भारत के गद्दार हैं, उनकी सदस्यता खत्म करनी चाहिए। उमाशंकर पाठक ने कहा कि हम कांग्रेसजन किसानों की आवाजों को गांव गली चौराहे से लेकर भारत की सबसे बड़ी संसद तक उठाने का कार्य करेंगे। प्रियंका गांधी और अजय कुमार लल्लू के नेतृत्व में प्रदेश में किसानों की आवाज को बुलंद करते रहेंगे। इस मौके मुन्ना उपाध्याय, रामधनी सिंह, फुलबदन तिवारी, मदन यादव, सुशील श्रीवास्तव, गीरीश कांत गांधी, जाकीर हुसैन, रूपेश चौबे, विवेक ओझा, बंटी मिश्रा, धनजी यादव, प्रशांत पांडेय, स्वामी नाथ भारती, दिव्य प्रकाश पांडेय, अमित दूबे, अबुल फ़ैज, राहुल यादव, चंद्रजीत पासवान, विशाल कुमार, अनूप कुमार आदि मौजूद रहे।