जयप्रकाश नगर। बैरिया थाना क्षेत्र के एनएच-31 (बैरिया-मांझी मार्ग) पर पूर्व से निर्मित पुलिया को निर्माणाधीन ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे निर्माण की कार्यदायी संस्था एनकेसी की ओर से ग्रामीणों के मना करने के बावजूद बंद कर दिया गया। इसके कारण भारी बारिश होने पर छह किसानों की फसलें और कुछ मकानों के अंश जलमग्न हो गए हैं। इसे लेकर सोमवार को ग्रामीणों ने नायब तहसीलदार बैरिया को पत्रक दिया था, लेकिन कोई कार्रवाई न होना देख ग्रामीण पुलिया के पास आकर सांकेतिक धरने पर बैठ गए। सूचना पर पहुंचे एनकेसी के मैनेजर के समझाने पर वापस हुए।
बैरिया मांझी मार्ग स्थित मठ योगेन्द्र गिरि चट्टी के समीप एक पुलिया हुआ करती थी। इससे पूर्व में मठ योगेन्द्र गिरि, प्रीतम छपरा, डोमन राय के टोला, सेवक राय के टोला, आंशिक धतुरी टोला गांवों में आने वाली बाढ़ या बरसात का पानी निकला करता था। ग्रीनफील्ड एक्सपरेस-वे की कार्यदायी संस्था ने इसे बंद कर दिया। गावों के लोगों ने शिकायत की। उन्हें आश्वस्त किया गया था कि पुलिया के स्थान पर नई पुलिया बनाई जाएगी जबकि ऐसा नहीं हुआ। भारी बारिश हुई और इन गावों के किसानों की फसलें व कुछ मकान आंशिक रूप से पानी से प्रभावित हो गए। बाढ़ का पानी ज्यों का त्यों भरा हुआ है। इसको लेकर सोमवार को ग्रामीणों ने पत्रक तहसील में दिया। कोई कार्रवाई नहीं होता देख मंगलवार की शाम गरामीण मठ योगेन्द्र गिरि चट्टी पर एकत्रित होकर धरना करने लगे। सूचना पर पहुंचे एनकेसी के मैनेजर अमरनाथ सिंह ने आश्वस्त किया कि बुधवार की सुबह उच्चाधिकारियों से अवगत कराकर इस स्थान पर आऊंगा। जलनिकासी की समस्या का समाधान करवाने का प्रयास करूंगा। इस मौके पर बबलू सिंह, अखिलेश सिंह, दुर्गविजय सिंह झल्लन, सुरेन्द्र सिंह व्यास, प्रदीप सिंह, जयप्रकाश सिंह, राजेश वर्मा, सियाराम ठाकुर रहे।