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Ballia News: अनियमित में प्रभारी प्रधानाध्यापक निलंबित
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बलिया। बेसिक शिक्षा अधिकारी के निरीक्षण के दौरान शिक्षा क्षेत्र मुरली छपरा के कंपोजिट विद्यालय शिवपुर नौरंगा में मिड-डे मील, अप्रेन निर्माण, ऑपरेशन कायाकल्प के कार्यों के भुगतान समेत कई मामलों में अनियमितता मिलने पर प्रभारी प्रधानाध्यापक भानु प्रकाश द्विवेदी को निलंबित कर दिया गया है। उन्हें उच्च प्राथमिक विद्यालय रामपुर कोड़हरा से संबद्ध किया गया है।
मामले की जांच खंड शिक्षा अधिकारी मुरली छपरा और जिला समन्वयक (निर्माण) को सौंपी गई है। बेसिक शिक्षा अधिकारी मनीष कुमार सिंह ने 16 अगस्त को कंपोजिट विद्यालय शिवपुर नौरंगा का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान विद्यालय खुला मिला था। कुछ कक्षाओं में ताले लगे थे। नामांकित 222 बच्चों के सापेक्ष मात्र 40 बच्चे ही उपस्थित थे। जबकि पूर्व के दिनों में औसत उपस्थिति 152 दिखाई गई थी। जिसके आधार पर विद्यालय में एमडीएम बना था। विद्यालय में अप्रैन का निर्माण नहीं कराया गया था। ऑपरेशन कायाकल्प के तहत हुए कार्यों को पूरा हुए बिना ही हैंडओवर लिया गया था। इससे निर्माण में धनराशि का दुरुपयोग सामने आया था।
भुगतान के संबंध में दस्तावेज मांगने पर जो कागजात प्रस्तुत किए गए उससे पता चला कि मजदूरी आदि सभी भुगतान एक ही फर्म को किया गया है। फर्म के चयन के संबंध में कोई भी कोटेशन का अभिलेख भी नहीं मिला। उक्त आरोपों को काफी गंभीर प्रवृत्ति का मानते हुए मामले में कार्रवाई की गई है।
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मामले की जांच खंड शिक्षा अधिकारी मुरली छपरा और जिला समन्वयक (निर्माण) को सौंपी गई है। बेसिक शिक्षा अधिकारी मनीष कुमार सिंह ने 16 अगस्त को कंपोजिट विद्यालय शिवपुर नौरंगा का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान विद्यालय खुला मिला था। कुछ कक्षाओं में ताले लगे थे। नामांकित 222 बच्चों के सापेक्ष मात्र 40 बच्चे ही उपस्थित थे। जबकि पूर्व के दिनों में औसत उपस्थिति 152 दिखाई गई थी। जिसके आधार पर विद्यालय में एमडीएम बना था। विद्यालय में अप्रैन का निर्माण नहीं कराया गया था। ऑपरेशन कायाकल्प के तहत हुए कार्यों को पूरा हुए बिना ही हैंडओवर लिया गया था। इससे निर्माण में धनराशि का दुरुपयोग सामने आया था।
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भुगतान के संबंध में दस्तावेज मांगने पर जो कागजात प्रस्तुत किए गए उससे पता चला कि मजदूरी आदि सभी भुगतान एक ही फर्म को किया गया है। फर्म के चयन के संबंध में कोई भी कोटेशन का अभिलेख भी नहीं मिला। उक्त आरोपों को काफी गंभीर प्रवृत्ति का मानते हुए मामले में कार्रवाई की गई है।
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