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प्रधानों ने संवैधानिक जनप्रतिनिधि का दर्जा देने की मांग की
ब्यूरो,अमर उजाला,बलिया
Updated Fri, 02 Sep 2016 08:02 PM IST
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जनपद के ग्राम प्रधानों ने शुक्रवार के दिन मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। पंचायत राज ग्राम प्रधान संगठन के प्रदेश महासचिव त्रिलोकी नाथ पांडेय के नेतृत्व में जनपद के सैकड़ों ग्राम प्रधानों ने ज्ञापन के माध्यम से अपनी आठ सूत्री मांगों में प्रधानों को संवैधानिक जनप्रतिनिधि का दर्जा दिए जाने की मांग की। कहा कि सांसदों विधायकों की तरह प्रधानों को वेतन भत्ता, रेल, बस आदि में मुफ्त कूपन की व्यवस्था की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि पंचायती राज व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए 73वें संविधान संशोधन को पूर्ण रूप से लागू करने तथा ग्राम प्रधानों को इंडिया मार्का टू हैंडपंप लगाने के अधिकार के साथ ही गांव स्तर पर 50 हजार रुपये की आपदा राहत कोष की व्यवस्था की जाने की मांग की। कहा कि ग्राम प्रधान भी सीधे से जनता से चुनकर आते हैं। इनके साथ अन्य जनप्रतिनिधियों की भांति सुविधाओं का ध्यान रखा जाना चाहिए। ज्ञापन सौंपने वालों में विनोद सिंह, मीरा पाठक, घनश्याम पांडेय, कृपाशंकर तिवारी, मनीष कुमार पांडेय, मधुबाला मिश्र, देवव्रत दूबे, माया पांडेय, मदन सिंह, दिनेश्वर गिरी आदि लोग रहे।
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उन्होंने कहा कि पंचायती राज व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए 73वें संविधान संशोधन को पूर्ण रूप से लागू करने तथा ग्राम प्रधानों को इंडिया मार्का टू हैंडपंप लगाने के अधिकार के साथ ही गांव स्तर पर 50 हजार रुपये की आपदा राहत कोष की व्यवस्था की जाने की मांग की। कहा कि ग्राम प्रधान भी सीधे से जनता से चुनकर आते हैं। इनके साथ अन्य जनप्रतिनिधियों की भांति सुविधाओं का ध्यान रखा जाना चाहिए। ज्ञापन सौंपने वालों में विनोद सिंह, मीरा पाठक, घनश्याम पांडेय, कृपाशंकर तिवारी, मनीष कुमार पांडेय, मधुबाला मिश्र, देवव्रत दूबे, माया पांडेय, मदन सिंह, दिनेश्वर गिरी आदि लोग रहे।
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