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सांसद के गोद लिए गांव में प्रधानमंत्री आवास के 80 फीसदी लाभार्थी फर्जी
ब्यूरो,अमर उजाला,बलिया
Updated Mon, 23 Jan 2017 08:22 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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इंदिरा आवास में लाखों-करोड़ों के घोटाले के बाद अब प्रधानमंत्री आवास आवंटन में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। दुबहर विकास खंड अंतर्गत सांसद के गोद लिए गांव ओझवलिया तथा डीएम के गोद लिए गांव उदयपुरा में गरीबों को आवंटित प्रधानमंत्री आवास योजना अपात्रों को भी दे दिया गया है। दोनों गांवों में संबंधित सचिवों द्वारा प्रधानमंत्री आवास के लिए क्रमश: 179 तथा 102 लाभार्थियों का चयन किया गया था।
लेकिन परियोजना निदेशक की जांच में ओझवलिया में जहां 147 , वहीं उदयपुरा गांव में 59 लाभार्थी अपात्र पाए गए। इस तरह सांसद के गोद लिए गांव में 80 फीसदी वहीं डीएम के गोद लिए गांव में भी 50 फीसदी से ज्यादा अपात्रों को प्रधानमंत्री आवास आवंटित किया गया है। गौरतलव हो कि केंद्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद इंदिरा आवास का नाम बदल कर ‘प्रधानमंत्री आवास’ किया गया है।
इसके तहत वित्तीय वर्ष 2016-17 में हर गांवों में लाभार्थियों का चयन भी किया गया है। इसके क्रम में सांसद के गोद लिए गांव ओझवलिया में जहां सचिव द्वारा 179 लोगों को लाभार्थी बनाया गया है, वहीं डीएम के गोद लिए गांव उदयपुरा में 102 लोगों को। इसके बाद सत्यापन के दौरान परियोजना निदेशक राज कुमार त्रिपाठी ने दोनों गांव में जांच कराई।
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ओझवलिया में जहां 179 में 147 लाभार्थी अपात्र पाए गए, वहीं उदयपुरा में 102 में 59 लाभार्थी अपात्र पाए गए। इस पर परियोजना निदेशक ने पत्रांक संख्या 3078 जारी कर जिला विकास अधिकारी को निर्देश दिया कि प्रधानमंत्री आवास के चयन में पंचायत सचिव, एडीओ तथा खंड विकास अधिकारी द्वारा घालमेल किया गया है, लिहाजा इनके ऊपर कार्रवाई की जाय।
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लेकिन परियोजना निदेशक की जांच में ओझवलिया में जहां 147 , वहीं उदयपुरा गांव में 59 लाभार्थी अपात्र पाए गए। इस तरह सांसद के गोद लिए गांव में 80 फीसदी वहीं डीएम के गोद लिए गांव में भी 50 फीसदी से ज्यादा अपात्रों को प्रधानमंत्री आवास आवंटित किया गया है। गौरतलव हो कि केंद्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद इंदिरा आवास का नाम बदल कर ‘प्रधानमंत्री आवास’ किया गया है।
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इसके तहत वित्तीय वर्ष 2016-17 में हर गांवों में लाभार्थियों का चयन भी किया गया है। इसके क्रम में सांसद के गोद लिए गांव ओझवलिया में जहां सचिव द्वारा 179 लोगों को लाभार्थी बनाया गया है, वहीं डीएम के गोद लिए गांव उदयपुरा में 102 लोगों को। इसके बाद सत्यापन के दौरान परियोजना निदेशक राज कुमार त्रिपाठी ने दोनों गांव में जांच कराई।
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ओझवलिया में जहां 179 में 147 लाभार्थी अपात्र पाए गए, वहीं उदयपुरा में 102 में 59 लाभार्थी अपात्र पाए गए। इस पर परियोजना निदेशक ने पत्रांक संख्या 3078 जारी कर जिला विकास अधिकारी को निर्देश दिया कि प्रधानमंत्री आवास के चयन में पंचायत सचिव, एडीओ तथा खंड विकास अधिकारी द्वारा घालमेल किया गया है, लिहाजा इनके ऊपर कार्रवाई की जाय।