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लंगर और सपोर्ट में कमी से टूटा पुल, बह गए पीपे
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नवानगर। क्षेत्र में मंगलवार की शाम को आई आंधी व बारिश के बीच सरयू नदी के खरीद-दरौली घाट पर बना पीपा पुल भी टूट गया और 40 पीपा बह कर दूर चले गए। हालांकि यह पीपा पुल करीब एक सप्ताह पहले ही क्षतिग्रस्त हो हुआ था और एसडीएम की ओर से आवागमन पर प्रतिबंध लगाया था जिससे कोई हादसा नहीं हुआ। आसपास के लोगों ने बताया कि पीपा तीन से चार किमी दूर पुरुषोत्तम पट्टी व निपनिया के बीच नदी किनारे लगे हैं। लेकिन दूसरे दिन बुधवार को भी विभागीय अधिकारी उदासीन बने रहे। ग्रामीणों का कहना रहा कि लंगर और सपोर्ट की कमी से पीपा पुल टूटा, जिससे पीपे नदी में बह गए।
बताया जाता है कि पीपा पुल कुछ दिनों पहले क्षतिग्रस्त हो गया था लेकिन सरयू के लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण पीपा पुल का मरम्मत नहीं हो रहा था। इसी बीच मंगलवार की शाम आई आंधी में एक बार पीपा पुल पूरी तरह बिखर गया और 40 पीपे हवा के झोंके व पानी के बहाव में बह गए। लोगों ने बताया कि लंगर और सपोर्ट की कमी से पीपा पुल टूटा और पीपा नदी में बहने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अलग हुए पीपे करीब तीन से चार किमी दूर पुरुषोत्तम पट्टी और निपनिया के बीच जाकर नदी किनारे लग गए। हालांकि विभाग इससे इंकार कर रहा है। घाघरा का जलस्तर अभी भी बढ़ाव पर है। पिछले चार दिनों में करीब दो मीटर जल स्तर की वृद्धि हुई है। इस बाबत पीडब्ल्यूडी के एई क्षितिज जायसवाल ने बताया कि अचानक आई आंधी की वजह से करीब 40 पीपा अलग हुए हैं जो कुछ दूरी पर जाकर नदी के एक किनारे लग गए हैं। बताया कि आमतौर पर 15 जून तक ही पीपा पुल संचालन का प्रावधान है। अगर जलस्तर में इसी तरह बढ़ाव बना रहा तो पीपा पुल लगाना संभव नहीं होगा।
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बताया जाता है कि पीपा पुल कुछ दिनों पहले क्षतिग्रस्त हो गया था लेकिन सरयू के लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण पीपा पुल का मरम्मत नहीं हो रहा था। इसी बीच मंगलवार की शाम आई आंधी में एक बार पीपा पुल पूरी तरह बिखर गया और 40 पीपे हवा के झोंके व पानी के बहाव में बह गए। लोगों ने बताया कि लंगर और सपोर्ट की कमी से पीपा पुल टूटा और पीपा नदी में बहने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अलग हुए पीपे करीब तीन से चार किमी दूर पुरुषोत्तम पट्टी और निपनिया के बीच जाकर नदी किनारे लग गए। हालांकि विभाग इससे इंकार कर रहा है। घाघरा का जलस्तर अभी भी बढ़ाव पर है। पिछले चार दिनों में करीब दो मीटर जल स्तर की वृद्धि हुई है। इस बाबत पीडब्ल्यूडी के एई क्षितिज जायसवाल ने बताया कि अचानक आई आंधी की वजह से करीब 40 पीपा अलग हुए हैं जो कुछ दूरी पर जाकर नदी के एक किनारे लग गए हैं। बताया कि आमतौर पर 15 जून तक ही पीपा पुल संचालन का प्रावधान है। अगर जलस्तर में इसी तरह बढ़ाव बना रहा तो पीपा पुल लगाना संभव नहीं होगा।
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