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UP: पुलिस ने समाधान दिवस में जाने से रोका, कमरे के बाहर ही रोने लगे घायल शिकायतकर्ता; DM-SP ने जाना ये मामला
Sat, 01 Feb 2025 07:18 PM IST
अमन विश्वकर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, बलिया।
अमर उजाला नेटवर्क, बलिया।
Published by: अमन विश्वकर्मा
Updated Sat, 01 Feb 2025 07:18 PM IST
सार
बलिया के करमौता गांव के निवासी कुछ लोगों ने आरोप लगाया है कि उनकी पुश्तैनी जमीन पर कब्जा किया जा रहा है। जबकि उन लोगों ने इसकी चहारदीवारी भी कराई थी। इसकी शिकायत जब थाने पर की गई तो कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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समाधान दिवस में कमरे के बाहर बिलखते लोगों को रोकती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
संपूर्ण समाधान दिवस पर पहुंची करमौता गांव की महिला सुनीता देवी पत्नी बबलू राम और अन्य लोगों की तहसील सभागार के बाहर रोते हुए वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।
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परिजनों के अनुसार, उसके पूर्वजों को पट्टे पर जमीन मिली है, जिसकी चहारदीवारी भी कराई गई है। पट्टीदारों पर चहारदीवारी गिराने और मरम्मत कराने पर मारपीट कर गंभीर रूप से घायल करने का आरोप लगाया है। इसकी शिकायत थाना से लेकर जनपद स्तर तक की गई थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
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संपूर्ण समाधान दिवस पर शिकायत करने पहुंचने पर आरोप है कि गेट पर मौजूद क्राइम इंस्पेक्टर ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया। इस पर परिजन वहीं, रोने लगे और अपना दुखड़ा सुनाने लगे। बाद में महिला ने जिलाधिकारी से मिलकर आपबीती सुनाई। जिलाधिकारी ने कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
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जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार और एसपी ओमवीर सिंह ने जनशिकायतों को सुनकर निस्तारित करने के निर्देश दिए। इस दौरान कुल 116 प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किए गए, जिसमें छह का मौके पर निस्तारण किया गया। अनुपस्थित रहने पर अधिशासी अभियंता विद्युत खंड तृतीय को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिया। सीएमओ डॉ. वीपी द्विवेदी, डीडीओ आनंद प्रकाश आदि थे।