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पीएम की घोषणा पर बाजार में खलबली
अमर उजाला ब्यूरो /बलिया
Updated Tue, 08 Nov 2016 11:03 PM IST
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500 और 1000 के पुराने नोट बंद किए जाने की जानकारी होते ही शहर में खलबली मच गई।चाय पान की दुकान से लेकर विभिन्न प्रतिष्ठानों में प्रधानमंत्री द्वारा 500 हजार रुपए के नोटों के बंद होने की किए गए घोषणा की चर्चा होने लगी। इस घोषणा का जहां कुछ लोगों ने स्वागत किया वहीं कुछ लोगों ने निंदा भी की।
लोगों का कहना था कि काला धन सामने लाने के लिए प्रधानमंत्री की यह घोषणा सराहनीय है, वहीं कुछ लोगों ने कहा कि इससे बाजार में जाली नोटों पर काफी हद तक अंकुश भी लग सकेगा। मंगलवार की शाम जैसे ही समाचार चैनलों के माध्यम से लोगों को 500 और 1000 के पुराने नोटों के बंद होने की जानकारी मिली चारो तरफ अफरा-तफरी मच गई ।
इस संबंध में जिला अग्रणी बैंक के प्रबंधक रंजीत सिंह का कहना है कि प्रधानमंत्री द्वारा 500 और 1000 रुपय के पुराने नोटों के बंद किए जाने की घोषणा से जो भी अन अकाउंट पैसा है वह सामने आ जाएगा। इससे काफी हद तक ब्लैक मनी पर अंकुश लग सकेगा । वही पूर्वांचल बैंक के सेवानिवृत्त वरिष्ठ प्रबंधक शेषनाथ प्रजापति का कहना है कि प्रधानमंत्री की इस घोषणा से देश की अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ेगा। रिजर्व बैंक के पास अन अकाउंट मनी का काफी लेखा-जोखा उपलब्ध हो सकेगा।
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लोगों का कहना था कि काला धन सामने लाने के लिए प्रधानमंत्री की यह घोषणा सराहनीय है, वहीं कुछ लोगों ने कहा कि इससे बाजार में जाली नोटों पर काफी हद तक अंकुश भी लग सकेगा। मंगलवार की शाम जैसे ही समाचार चैनलों के माध्यम से लोगों को 500 और 1000 के पुराने नोटों के बंद होने की जानकारी मिली चारो तरफ अफरा-तफरी मच गई ।
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इस संबंध में जिला अग्रणी बैंक के प्रबंधक रंजीत सिंह का कहना है कि प्रधानमंत्री द्वारा 500 और 1000 रुपय के पुराने नोटों के बंद किए जाने की घोषणा से जो भी अन अकाउंट पैसा है वह सामने आ जाएगा। इससे काफी हद तक ब्लैक मनी पर अंकुश लग सकेगा । वही पूर्वांचल बैंक के सेवानिवृत्त वरिष्ठ प्रबंधक शेषनाथ प्रजापति का कहना है कि प्रधानमंत्री की इस घोषणा से देश की अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ेगा। रिजर्व बैंक के पास अन अकाउंट मनी का काफी लेखा-जोखा उपलब्ध हो सकेगा।
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