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Ballia News: कोहरे और ठंड से घरों में दुबके लोग, सुबह नौ बजे तक 200 मीटर रही दृश्यता
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बैरिया। शनिवार को सुबह से ही घना कोहरा छाया रहा। दिनभर कोहरे और ठंड के कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया। सुबह के समय अधिक कोहरा होने के कारण सड़क पर विजिबिलिटी कम हो गई। कड़ाके के ठंड और घने कोहरे से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
लोग घरों में दुबके रहे। सुबह जब लोगों की नींद खुली तो बर्फीली वादियों की तरह नजारा दिखा। आसमान में हर तरफ धुंध छाया हुआ था। सुबह 9 बजे तक ग्रामीण इलाके में 200 मीटर से आगे कुछ भी साफ नहीं दिखाई दे रहा था। ऐसे में वाहनों के परिचालन में काफी परेशानी हुई। वाहनों की संख्या भी सड़कों पर कम रही। दूरदराज से आने वाली बसें या तो नहीं आई या काफी लेट पहुंची।
वहीं, रोज बैरिया और जयप्रकाश नगर से बलिया जाने वाली बसों में भी यात्रियों का अभाव रहा। ठंड बढ़ने के कारण कई ट्रेनों को रद्द भी किया गया है। ठंड के कारण दैनिक गतिविधियां प्रभावित हुई है। खासकर सुबह शाम सड़क पर चहल-पहल बिल्कुल समाप्त हो गया है। बैरिया रानीगंज बाजार विशेष कर सुदिष्ट बाबा का मेला सूर्य ढलने के साथ ही वीरान हो जा रहा है। बच्चों को कड़ाके के ठंड में भी स्कूल जाना पड़ रहा है, जिससे अभिभावक परेशान है। ठंड के बढ़ते सितम को झेलने के लिए ग्रामीण क्षेत्र में लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं। हर स्तर पर ठंड से बचने के लिए लोग निजी स्तर पर व्यवस्था में लगे हुए हैं।
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नगर पंचायत से बैरिया में बना एक मात्र रैन बसेरा में अभी तक कोई भी व्यक्ति नहीं पहुंचा है। वहीं, कई अन्य जरूरी जगह पर अलाव नहीं जल पाया है। ठंड के कारण रोगियों की संख्या भी अस्पतालों में बढ़ रही है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के वरिष्ठ चिकित्साधिकारी डॉ आशीष श्रीवास्तव ने बच्चों को ठंड से बचाने का सुझाव दिया है।
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लोग घरों में दुबके रहे। सुबह जब लोगों की नींद खुली तो बर्फीली वादियों की तरह नजारा दिखा। आसमान में हर तरफ धुंध छाया हुआ था। सुबह 9 बजे तक ग्रामीण इलाके में 200 मीटर से आगे कुछ भी साफ नहीं दिखाई दे रहा था। ऐसे में वाहनों के परिचालन में काफी परेशानी हुई। वाहनों की संख्या भी सड़कों पर कम रही। दूरदराज से आने वाली बसें या तो नहीं आई या काफी लेट पहुंची।
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वहीं, रोज बैरिया और जयप्रकाश नगर से बलिया जाने वाली बसों में भी यात्रियों का अभाव रहा। ठंड बढ़ने के कारण कई ट्रेनों को रद्द भी किया गया है। ठंड के कारण दैनिक गतिविधियां प्रभावित हुई है। खासकर सुबह शाम सड़क पर चहल-पहल बिल्कुल समाप्त हो गया है। बैरिया रानीगंज बाजार विशेष कर सुदिष्ट बाबा का मेला सूर्य ढलने के साथ ही वीरान हो जा रहा है। बच्चों को कड़ाके के ठंड में भी स्कूल जाना पड़ रहा है, जिससे अभिभावक परेशान है। ठंड के बढ़ते सितम को झेलने के लिए ग्रामीण क्षेत्र में लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं। हर स्तर पर ठंड से बचने के लिए लोग निजी स्तर पर व्यवस्था में लगे हुए हैं।
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नगर पंचायत से बैरिया में बना एक मात्र रैन बसेरा में अभी तक कोई भी व्यक्ति नहीं पहुंचा है। वहीं, कई अन्य जरूरी जगह पर अलाव नहीं जल पाया है। ठंड के कारण रोगियों की संख्या भी अस्पतालों में बढ़ रही है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के वरिष्ठ चिकित्साधिकारी डॉ आशीष श्रीवास्तव ने बच्चों को ठंड से बचाने का सुझाव दिया है।