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Ballia News: अपनी माटी के लाल के अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े लोग

Fri, 08 Sep 2023 10:52 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 08 Sep 2023 10:52 PM IST
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People gathered to have the last glimpse of their son
रामगढ़/मझौवां। रेवती थाना क्षेत्र के रामपुर निवासी सीआरपीएफ जवान सुनील कुमार पाण्डेय पुत्र रामनाथ पाण्डेय का शव शुक्रवार को गांव पहुंचा तो सभी लोग रो पड़े। शहीद सुनील कुमार पांडेय अमर रहे के नारों से पूरा गांव गूंज उठा। शहीद का शव दरवाजे पर पहुंचा तो परिजन शव से लिपटकर रोने लगे। माहौल ऐसा गमगीन हो गया कि शायद ही किसी की आंखें न भींगी हो। सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त, डीएम रविंद्र कुमार, एसपी एस आनंद, पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह ने परिजनों को ढांढस बंधाया। हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
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सीआरपीएफ जवान सुनील कुमार पांडेय की असम के अरुणाचल प्रदेश सीमा के चेक गेट पर ड्यूटी करते समय छह सितंबर को हमलावरों ने चाकू से हमला कर शहीद कर दिया था। उस समय सुनील अपने साथी के साथ संदिग्ध बाइक सवारों से पूछताछ कर रहे थे। उनकी तैनाती सीआरपीएफ के इंटेलिजेंस विभाग में थी। सीआरपीएफ 95 बटालियन वाराणसी के आईजी सतपाल रावत के नेतृत्व में शहीद का शव रामपुर पहुंचा तो हजारों की भीड़ अपनी माटी के लाल के अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़ी।
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डीएम रविंद्र कुमार व एसपी के नेतृत्व में शहीद जवान का शव कुछ देर दरवाजे पर रुकने के बाद गंगा नदी के हुकुम छपरा घाट के लिए निकला। जो जैसे ही जहां पर सुना अपने माटी के लाल का अंतिम यात्रा के लिए निकल पड़ा। धीरे-धीरे रामपुर से लेकर पचरुखिया ढाले तक करीब 2 किलोमीटर की लंबाई में लंबा करवा बन गया। लोग नारे लगा रहे थे, जब तक सूरज चांद रहेगा। सुनील तेरा नाम रहेगा। अपने साथी के शव को कंधे पर लेकर पहुंचे सीआरपीएफ के जवानों ने गंगा नदी के हुकुम छपरा गंगापुर घाट पर गार्ड ऑफ ऑनर के साथ हवा में तीन चक्र गोलियां चलाकर अंतिम विदाई दी। उसके बाद सुनील के 12 वर्षीय बड़े पुत्र सत्यम कुमार ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। गंगा घाट का माहौल पूरा गमगीन हो गया।
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हर सुविधा उपलब्ध कराने का वादा
रामगढ़। सीआरपीएफ के आईजी सतपाल रावत ने शहीद सुनील की पत्नी अर्चना व पिता रामनाथ पांडेय को ढांढस बंधाते हुए कहा कि सुनील की शहादत बेकार नहीं जाएगी। सुनील के हत्या करने वाले पकड़ लिए गए हैं। ऐसी सजा दी जाएगी कि फिर कोई ऐसा कदम उठाने की हिमाकत न करें। विभाग के तरफ से मिलने वाली हर सुविधा आपको उपलब्ध कराई जाएगी। बेटे के बालिग होने पर विभाग के नियमानुसार प्राथमिकता के आधार पर उन्हें नौकरी भी दी जाएगी।

हमें अपने बेटे पर गर्व है...
रामगढ़। जैसे ही वृद्ध पिता रामनाथ पांडेय को सीआरपीएफ के आईजी सतपाल रावत ने विभाग की तरफ से मिलने वाली सहायता राशि व तिरंगे को पिता के हाथों में सौंपा। पिता ने कहा कि हमें अपने बेटे पर गर्व है कि वह देश की सेवा करते हुए शहीद हुआ है। मेरी आने वाली हर पीढ़ी देश की सेवा के लिए समर्पित रहेगी।
परिजनों व ग्रामीणों की मांग पर जिलाधिकारी व सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने शहीद के नाम पर सड़क व गेट बनवाने का आश्वासन दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि शासन से मिलने वाली हर सहायता राशि उपलब्ध कराने में आपकी हरसंभव मदद की जाएगी। एसपी एस आनंद ने कहा कि शहीद परिवार के साथ पूरा प्रशासनिक अमला 24 घंटे खड़ा रहेगा।


शव पहुंचते ही बेसुध हुई पत्नी
ताबूत में रखा जवान का शव घर पहुंचते ही पत्नी अर्चना बेसुध हो गई। 12 वर्षीय बेटा सत्यम और सात वर्षीय बेटा अनमोल पिता के शव को देख बिलख पड़े।
बुजुर्ग पिता रामनाथ पाण्डेय की आंखें शून्य को देख रही थीं। बड़े भाई अनिल का रोते-रोते बुरा हाल था। माता विद्यावती देवी रोते हुए बार-बार यह कह रही थी कि हे भगवान मेरे बेटे की जगह मुझको क्यों नहीं उठा लिया। सीआरपीएफ में तैनात शहीद सुनील घर के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे। पिता रामनाथ पाण्डेय और बड़े भाई अनिल पाण्डेय गांव पर खेती करते हैं।
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