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Ballia News: बेहतर कार्य करने वाली पंचायतों को मिलेगा आईएसओ प्रमाणन
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पंदह। ग्राम पंचायतों को सशक्त, समृद्ध, स्वावलंबी और बेहतर बनाने के लिए सरकार पूरा प्रयास कर रही है। इसके लिए प्रतिवर्ष लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। अब सरकार की मंशा विकसित ग्रामीण भारत की संकल्पना को साकार में बेहतर योगदान देने वाली ग्राम पंचायतों को अंतरराष्ट्रीय मानकीकरण संगठन (आईएसओ) प्रमाण पत्र प्रदान कराने की है। यदि यह व्यवस्था मूर्त रूप लेती है तो जिले की ग्राम पंचायतें भी आईएसओ प्रमाणन से पहचानी जाएंगी। यही नहीं इससे विकास में फिसड्डी पंचायतों को बेहतर कार्य करने की प्रेरणा भी मिलेगी।
दरअसल, ई-गवर्नेस के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में विभिन्न सेवाओं को सरलता और सहजता से प्रदान किया जा रहा है। इसमें कई ग्राम पंचायतें काफी बेहतर कार्य भी कर रही हैं। गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य व ग्रामीणों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने के बाद भी उनकी पहचान जिले तक ही सिमट कर रह जाती है। ऐसी ग्राम पंचायतों को ही सरकार आईएसओ प्रमाणन से नई पहचान दिलाने की योजना बना ली है। अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने इसके लिए सभी जिलाधिकारियों को आदेशित भी कर दिया है।
आईएएफ-एनएबीसीबी से सूचीबद्ध संस्था देगी प्रमाण पत्र
सरकार ने गाइड लाइन में स्पष्ट किया है कि आईएएफ (अंतरराष्ट्रीय प्रत्यायन फोरम) से अनुमोदित संगठन या एनएबीसीबी (राष्ट्रीय प्रमाणन निकाय प्रत्यायन बोर्ड) से सूचीबद्ध संस्थाओं से ही आईएसओ प्रमाणन प्राप्त किया जा सकता है। ये वे संस्थाएं हैं जो व्यवसाय या उद्योग के उत्पाद और सेवा की जांच कर आईएसओ प्रमाण पत्र जारी करती हैं। इन संस्थाओं द्वारा ग्राम पंचायतों का निरीक्षण व सत्यापन राष्ट्रीय मापदंडों व अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार किया जाएगा। जिसमें खरा उतरने पर ही आईएसओ मान्यता दी जाएगी।
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सुशासन वाली पंचायत बनाने में मिलेगा सहयोग
आईएसओ प्रमाणन ग्राम पंचायत को अलग पहचान देगी पर इसके लिए उसे तय मानक पर खरा भी उतरना होगा। इसके लिए योजनाओं का बेहतर संचालन, गुणवत्ता पूर्ण निर्माण कार्य व सेवाएं, कर्मचारियों का व्यवहार, जन शिकायतों का निस्तारण, अभिलेखों का रख-रखाव समेत ग्राम प्रधान और सचिव को ग्राम पंचायत में संचालित केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं की जानकारी होना भी आवश्यक होगा। इसमें राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत ग्राम पंचायतों को वरीयता मिलेगी। इससे आईएसओ प्रमाणन, सुशासन वाली ग्राम पंचायत बनाने में सहयोगी साबित होगा।
आईएसओ प्रमाणन से विभिन्न विकास कार्यों में बेहतरी आएगी। ग्राम पंचायतें एक तय मानक के तहत गुणवत्तापूर्ण कार्य कराएंगी। इससे केंद्र व राज्य सरकार की पुरस्कार योजना में शामिल होने व पाने का मौका भी मिलेगा।
- दीपक सिंह, बीडीओ, पंदह
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दरअसल, ई-गवर्नेस के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में विभिन्न सेवाओं को सरलता और सहजता से प्रदान किया जा रहा है। इसमें कई ग्राम पंचायतें काफी बेहतर कार्य भी कर रही हैं। गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य व ग्रामीणों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने के बाद भी उनकी पहचान जिले तक ही सिमट कर रह जाती है। ऐसी ग्राम पंचायतों को ही सरकार आईएसओ प्रमाणन से नई पहचान दिलाने की योजना बना ली है। अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने इसके लिए सभी जिलाधिकारियों को आदेशित भी कर दिया है।
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आईएएफ-एनएबीसीबी से सूचीबद्ध संस्था देगी प्रमाण पत्र
सरकार ने गाइड लाइन में स्पष्ट किया है कि आईएएफ (अंतरराष्ट्रीय प्रत्यायन फोरम) से अनुमोदित संगठन या एनएबीसीबी (राष्ट्रीय प्रमाणन निकाय प्रत्यायन बोर्ड) से सूचीबद्ध संस्थाओं से ही आईएसओ प्रमाणन प्राप्त किया जा सकता है। ये वे संस्थाएं हैं जो व्यवसाय या उद्योग के उत्पाद और सेवा की जांच कर आईएसओ प्रमाण पत्र जारी करती हैं। इन संस्थाओं द्वारा ग्राम पंचायतों का निरीक्षण व सत्यापन राष्ट्रीय मापदंडों व अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार किया जाएगा। जिसमें खरा उतरने पर ही आईएसओ मान्यता दी जाएगी।
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सुशासन वाली पंचायत बनाने में मिलेगा सहयोग
आईएसओ प्रमाणन ग्राम पंचायत को अलग पहचान देगी पर इसके लिए उसे तय मानक पर खरा भी उतरना होगा। इसके लिए योजनाओं का बेहतर संचालन, गुणवत्ता पूर्ण निर्माण कार्य व सेवाएं, कर्मचारियों का व्यवहार, जन शिकायतों का निस्तारण, अभिलेखों का रख-रखाव समेत ग्राम प्रधान और सचिव को ग्राम पंचायत में संचालित केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं की जानकारी होना भी आवश्यक होगा। इसमें राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत ग्राम पंचायतों को वरीयता मिलेगी। इससे आईएसओ प्रमाणन, सुशासन वाली ग्राम पंचायत बनाने में सहयोगी साबित होगा।
आईएसओ प्रमाणन से विभिन्न विकास कार्यों में बेहतरी आएगी। ग्राम पंचायतें एक तय मानक के तहत गुणवत्तापूर्ण कार्य कराएंगी। इससे केंद्र व राज्य सरकार की पुरस्कार योजना में शामिल होने व पाने का मौका भी मिलेगा।
- दीपक सिंह, बीडीओ, पंदह