बलियाः प्रभारी मंत्री के सामने छलका कार्यकर्ताओं का दर्द, विधायक सुरेंद्र सिंह ने लगाया करोड़ों के गबन का आरोप
बलिया के बैरिया ब्लॉक में मंत्री अनिल राजभर के सामने कार्यकर्ताओं ने कर्मचारियों, अधिकारियों पर उपेक्षा का आरोप लगाया। वहीं बैरिया विधायक सुरेंद्र सिंह ने कहा कि जिले के अधिकारी और कर्मचारी स्वेच्छाधारी हो गए हैं।
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बलिया के प्रभारी एवं कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर विकास कार्यों की समीक्षा के लिए रविवार को बैरिया ब्लॉक पहुंचे। यहां हुई एक बैठक में भाजपा कार्यकर्ताओं का दर्द छलक उठा। कर्मचारियों, अधिकारियों पर उपेक्षा का आरोप लगाया। साथ ही जनप्रतिनिधियों पर भी मान-सम्मान व हितों की अनदेखी का आरोप जड़ा।
वहीं बैरिया विधायक सुरेंद्र सिंह ने पंचायत का पिछला कार्यकाल समाप्त होने पर नियुक्त प्रशासकों द्वारा मुरलीछपरा व बैरिया विकासखंड के गांवों में विकास कार्यों के नाम पर करोड़ों का घोटाला करने की शिकायत की। इसकी जांच एसआईटी से कराने की मांग की।
कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर के सामने विधायक सुरेंद्र सिंह ने कहा कि अधिकारी और कर्मचारी स्वेच्छाधारी हो गए हैं। इसलिए कई बार मुझे दायरे से बाहर निकल कर काम करना पड़ रहा है। एनएच-31 की दुर्दशा की ओर भी ध्यान आकृष्ट किया। मंत्री ने कहा कि लौटते ही इसकी रिपोर्ट शासन को भेजूंगा।
आपके संगठन के नेता विपक्षी दलों के हाथों बिके हुए हैं। बावजूद इसके आपकी समस्या मुख्यमंत्री के सामने रखूंगा। प्रभारी मंत्री ने कहा कि पहले होमगार्ड को महज चार से पांच हजार रुपये से संतोष करना पड़ता था। हमारी सरकार 21 हजार रुपये दे रही है।
विकास कार्यों में तेजी लाएं अधिकारी-कर्मचारी
विकास कार्यों की समीक्षा में प्रभारी मंत्री अनिल राजभर ने गांवों के विकास कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया। तत्काल विकास कार्यों को शुरू कराने को कहा। कहा कि हर गांव में काम होता दिखना चाहिए। अधूरे शौचालयों, आवास, सचिवालय आदि का निर्माण कार्य पूरा करने को कहा।
कहा कि दूसरी समीक्षा बैठक में स्थलीय निरीक्षण करने गांव जाऊंगा। अधूरा काम मिला तो कार्रवाई की जाएगी। प्रधान संघ बैरिया के अध्यक्ष रोशन गुप्ता के नेतृत्व में ज्ञापन सौंप कर प्रधानों को आकस्मिक व्यय के लिए आडिट मुक्त 50 हजार रुपये खर्च करने का अधिकार, प्रतिमाह 35 हजार रुपये मानदेय, इंडिया मार्का हैंडपंप लगवाने का अधिकार देने की मांग की गई।