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Ballia News: 500 कोचिंग, स्टडी सेंटर में सिर्फ एक का पंजीकरण, फायर एनओसी लेने का रिवाज ही नहीं

Tue, 23 Jun 2026 11:13 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 23 Jun 2026 11:13 PM IST
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Out of 500 coaching and study centers, only one is registered; there is simply no practice of obtaining a Fire NOC.
नगर के एक मोहल्ला प्रथम व द्वितीय तल के कोचिंग पर जाने की सिर्फ एक सीढ़ी।।संवाद
बलिया। जिले में शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में करीब पांच सौ कोचिंग सेंटर, स्टडी केंद्र व कंप्यूटर ट्रेनिंग सेंटर संचालित हो रहे हैं। शिक्षा विभाग में सिर्फ टाउन हॉल सड़क का एक कोचिंग संस्थान पंजीकृत है। पिछले साल 14 पंजीकृत थे, लेकिन उन्होंने नवीनीकरण नहीं कराया। इतना नहीं नहीं, इनमें से किसी के पास अग्निशमन विभाग की एनओसी नहीं है।
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इन कोचिंग सेंटरों में छात्रों की सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आ रही है। छात्र-छात्राओं को ऐसे भवनों में पढ़ाया जा रहा है, जहां आग से बचाव के बुनियादी इंतजाम तक नहीं हैं। जिले के 90 प्रतिशत से अधिक कोचिंग संस्थानों में अग्निशमन उपकरण और आपदा प्रबंधन से जुड़ी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। अधिकांश भवनों में प्रवेश और निकास के लिए केवल एक ही रास्ता है तथा इमरजेंसी एग्जिट की व्यवस्था नहीं है। लखनऊ के कोचिंग संस्थान में आग लगी की घटना के बाद बुधवार को कोचिंग सेंटरों की पड़ताल के हालत बेहद खराब मिले।
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संकरी गलियों में चल रहे कई संस्थान
शहर के सिविल लाइन क्षेत्र में लगभग 70 प्रतिशत कोचिंग सेंटर कचहरी के सामने की कॉलोनियों में संचालित होते हैं। कई संस्थान संकरी गलियों, आवासीय भवनों, टीन शेड और बहुमंजिला इमारतों की ऊपरी मंजिलों पर चल रहे हैं, जहां दमकल वाहनों की पहुंच भी मुश्किल है। अधिकांश भवनों में प्रवेश और निकास के लिए केवल एक ही रास्ता है तथा इमरजेंसी एग्जिट की व्यवस्था नहीं है।
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चार कोचिंग सेंटर भूतल में संचालित
कम किराये के चक्कर में चार कोचिंग सेंटर भूतल में संचालित होते हैं, जिसमें जाने व निकलने का एक ही रास्ता है। एनसीसी तिराहे के पास कोचिंग सेंटर व कंप्यूटर ट्रेनिंग कोचिंग संचालित है, इसमें भी आग से बचाव के इंतजाम नहीं हैं। चार कोचिंग सेंटर में एक-एक बैच में 100 से 150 तक छात्रों को पढ़ाया जाता है, लेकिन सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है। गर्मी के मौसम में कूलर तक नहीं है। बड़ी संस्थान के नाम से संचालित कोचिंग सेंटरों में भी लापरवाही दिखी, आग से बचाव के इंतजाम नहीं दिखा। ग्रामीण क्षेत्रों के कोचिंग संस्थानों की हालत और खराब है।
- कोचिंग सेंटर का संचालन वालों को तय फीस अदा की जाती है। उन्हें छात्रों की सुरक्षा का ख्याल रखना चाहिए। अमित सिंह, निवासी तारनपुर।

कोचिंग संचालकों का अग्निशमन विभाग से एनओसी के बाद रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया जाए। फायर सेफ्टी नियमों के पालन को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। - धर्मेंद्र राय, हैबतपुर निवासी।

हमारे यहां से किसी भी कोचिंग सेंटर को एनओसी नहीं दी गई है। कोचिंग सेंटरों में फायर सेफ्टी सिस्टम की जांच के निर्देश दिए गए हैं। आवश्यक सुरक्षा उपकरण नहीं मिलने पर संबंधित संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। - भारतेंदु जोशी, मुख्य अग्निशमन अधिकारी।
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