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Ballia News: थोक लाइसेंस सिर्फ एक, आबादी के बीच बिना लाइसेंस पटाखों की बिक्री
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नगर के सटे हैबतपुर गांव स्थित पटाखा गोदाम बाहर आग से सुरक्षा के लिए रखा गया अग्निशमन यंत्र।सं
बलिया। दीपावली नजदीक आते ही बाजारों में थोक आतिशबाजी के सामान की दुकानें लगने लगी हैं। प्रशासन ने बिना लाइसेंस के आतिशबाजी की बिक्री पर रोक लगा रखी है। उसके बावजूद थोक व्यापारी बिना लाइसेंस के आबादी के बीच पटाखों की ब्रिकी कर रहे हैं। जिले में थोक पटाखे बेचने का लाइसेंस सिर्फ एक के पास है। जिम्मेदार सबकुछ जानने के बावजूद कार्रवाई करने से बचते हैं।
शहर से सटे माल्देपुर-हैबतपुर मार्ग पर बिना लाइसेंस के थोक पटाखा गोदाम व दुकान का संचालन हो रहा है। आबादी के बीच संचालित दुकान के बाहर आग से बचाव के लिए चार सिलिंडर रखे थे। पानी की टंकी व बालू भरी बाल्टी आसपास नहीं दिखी। एक सिलिंडर की रीफिल तारीख 2023 व दूसरे का 2024 लिखा था। अन्य दो पर कोई तारीख लिखी नहीं थी। वहां काम करने वाले कर्मचारी को पता हीं नहीं कि आग लगने पर सिलिंडर कैसे काम करेगा। पटाखा दुकान से 100 मीटर दूरी पर अंग्रेजी शराब दुकान व एक नर्सिंग होम संचालित होता है। इसका मुख्य गोदाम घनी आबादी के बीच संचालित होता है। रसपाली में लाइसेंसी दुकान व गोदाम का संचालन किया जा रहा है। आबादी के बीच बिना सुरक्षा मानक पूरा किए गोदाम व दुकान से ब्रिकी होती है।
पिछले साल बरामद हुए थे 50 क्विंटल पटाखे
सरकारी आंकड़े के अनुसार, थोक में आतिशबाजी बिक्री का लाइसेंस सिर्फ एक के पास है। पिछले वर्ष रसड़ा पुलिस और सर्विलांस टीम ने श्रीनाथ बाबा रोड स्थित सेंट्रल बैंक के सामने स्थित गोदाम से 50 क्विंटल पटाखे बरामद किए थे। इसकी कीमत दस लाख रुपये से ज्यादा थी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। दो वर्ष में अवैध पटाखा बेचने के दो मामले दर्ज हुए हैं। पटाखे के कारण हर वर्ष दर्जनभर से अधिक आग की घटनाएं होती हैं। चार वर्ष पूर्व मुख्य अग्निशमन विभाग ने सदर कोतवाली के जलालपुर में छापा मारकर घर स्थित गोदाम से पटाखों की बड़ी बरामदगी की थी। उसके बावजूद हर वर्ष नियम को ताक पर रखकर दुकान व गोदाम का संचालन किया जाता है।
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सभी तहसीलों में चोरी छिपे पटाखों की बिक्री
जिले में छह तहसील हैं। रसड़ा, सीयर, सिकंदरपुर, बांसडीह, बैरिया और सदर तहसील। इन सभी तहसीलों में चोरी छिपे पटाखों की अवैध बिक्री की जा रही हैं। दीपावली के मौके पर तहसीलों में भी हर साल पटाखों के कारण आग की घटनाएं होती हैं।
अस्थायी दुकानें लगाने के लिए आवेदन किए जा रहे
दीपावली व छठ पर्व पर शासन की ओर से शहर के रामलीला मैदान सहित सभी तहसीलों में पटाखाें की अस्थायी दुकानें लगवाई जाती हैं। फुटकर दुकानदारों की ओर से अस्थायी दुकानें लगाने के लिए आवेदन किए जा रहे हैं। रामलीला मैदान में वर्ष 2024 में 50 दुकानें लगी थीं। पिछले वर्ष गुरुद्वारा रोड स्थित एक कपड़े के चार मंजिला शो रूम में पटाखे से आग लग गई थी। छोटी आग की 10 से 12 घटनाएं हर साल होती है। आग की घटनाओं के लिए अग्निशमन विभाग तैयारी में रहता है। विभाग अभियान चलाकर लोगों को जागरूक करता है।
बिना लाइसेंस के आतिशबाजी का सामान बेचने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। चेकिंग अभियान चलाकर सुरक्षा मानकों की जांच की जाएगी। फुटकर पटाखों की अस्थायी दुकानों के लिए स्थान का चयन हो गया है। सभी अग्निशमन उपकरणों की री-फिलिंग भी करा लें। प्रशासन की ओर से चयनित स्थल के अलावा कहीं और पटाखों ब्रिकी करते पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। - आशा राम, सिटी मजिस्ट्रेट।
टाउन पाॅलिटेक्निक काॅलेज में लगेंगी पटाखों की दुकानें
बलिया। दीपावली पर जिले में सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन सतर्क है। वर्षो से शहर के रामलीला मैदान में लगने वाली पटाखों की दुकानों के स्थल में इस साल परिवर्तन किया गया है। सुरक्षा का हवाला देते हुए प्रशासन ने टाउन पाॅलिटेक्निक काॅलेज में दुकानें लगाने का निर्णय लिया है। इसको लेकर जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह एवं पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने शुक्रवार को शहर में पटाखों की अस्थायी दुकानों के लिए संभावित स्थलों का निरीक्षण किया। अधिकारियों का काफिला सबसे पहले रामलीला मैदान पहुंचा। अगल-बगल आबादी को देखते हुए अधिकारी आईटीआई मैदान पहुंच गए। अधिकारियों ने जायजा लेने के बाद दोनों स्थान सुरक्षा मानकों के लिहाज से उपयुक्त नहीं पाए। इसके बाद टाउन पॉलिटेक्निक कॉलेज मैदान का निरीक्षण किया। यहां के स्थल को उपयुक्त पाया गया। जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद नगर पालिका अधिकारी सुभाष कुमार को निर्देश दिए कि पटाखा बाजार में सफाई, प्रकाश व्यवस्था, अग्निशमन व्यवस्था सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित कराई जाएं। उन्होंने कहा कि दीपावली के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पटाखा बाजार को निर्धारित मानकों के अनुरूप ही संचालित किया जाएगा और सुरक्षा नियमों का पालन अनिवार्य होगा। निरीक्षण में एडीएम अनिल कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट आसाराम शर्मा एवं अन्य अधिकारी मौजूद थे।
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शहर से सटे माल्देपुर-हैबतपुर मार्ग पर बिना लाइसेंस के थोक पटाखा गोदाम व दुकान का संचालन हो रहा है। आबादी के बीच संचालित दुकान के बाहर आग से बचाव के लिए चार सिलिंडर रखे थे। पानी की टंकी व बालू भरी बाल्टी आसपास नहीं दिखी। एक सिलिंडर की रीफिल तारीख 2023 व दूसरे का 2024 लिखा था। अन्य दो पर कोई तारीख लिखी नहीं थी। वहां काम करने वाले कर्मचारी को पता हीं नहीं कि आग लगने पर सिलिंडर कैसे काम करेगा। पटाखा दुकान से 100 मीटर दूरी पर अंग्रेजी शराब दुकान व एक नर्सिंग होम संचालित होता है। इसका मुख्य गोदाम घनी आबादी के बीच संचालित होता है। रसपाली में लाइसेंसी दुकान व गोदाम का संचालन किया जा रहा है। आबादी के बीच बिना सुरक्षा मानक पूरा किए गोदाम व दुकान से ब्रिकी होती है।
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पिछले साल बरामद हुए थे 50 क्विंटल पटाखे
सरकारी आंकड़े के अनुसार, थोक में आतिशबाजी बिक्री का लाइसेंस सिर्फ एक के पास है। पिछले वर्ष रसड़ा पुलिस और सर्विलांस टीम ने श्रीनाथ बाबा रोड स्थित सेंट्रल बैंक के सामने स्थित गोदाम से 50 क्विंटल पटाखे बरामद किए थे। इसकी कीमत दस लाख रुपये से ज्यादा थी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। दो वर्ष में अवैध पटाखा बेचने के दो मामले दर्ज हुए हैं। पटाखे के कारण हर वर्ष दर्जनभर से अधिक आग की घटनाएं होती हैं। चार वर्ष पूर्व मुख्य अग्निशमन विभाग ने सदर कोतवाली के जलालपुर में छापा मारकर घर स्थित गोदाम से पटाखों की बड़ी बरामदगी की थी। उसके बावजूद हर वर्ष नियम को ताक पर रखकर दुकान व गोदाम का संचालन किया जाता है।
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सभी तहसीलों में चोरी छिपे पटाखों की बिक्री
जिले में छह तहसील हैं। रसड़ा, सीयर, सिकंदरपुर, बांसडीह, बैरिया और सदर तहसील। इन सभी तहसीलों में चोरी छिपे पटाखों की अवैध बिक्री की जा रही हैं। दीपावली के मौके पर तहसीलों में भी हर साल पटाखों के कारण आग की घटनाएं होती हैं।
अस्थायी दुकानें लगाने के लिए आवेदन किए जा रहे
दीपावली व छठ पर्व पर शासन की ओर से शहर के रामलीला मैदान सहित सभी तहसीलों में पटाखाें की अस्थायी दुकानें लगवाई जाती हैं। फुटकर दुकानदारों की ओर से अस्थायी दुकानें लगाने के लिए आवेदन किए जा रहे हैं। रामलीला मैदान में वर्ष 2024 में 50 दुकानें लगी थीं। पिछले वर्ष गुरुद्वारा रोड स्थित एक कपड़े के चार मंजिला शो रूम में पटाखे से आग लग गई थी। छोटी आग की 10 से 12 घटनाएं हर साल होती है। आग की घटनाओं के लिए अग्निशमन विभाग तैयारी में रहता है। विभाग अभियान चलाकर लोगों को जागरूक करता है।
बिना लाइसेंस के आतिशबाजी का सामान बेचने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। चेकिंग अभियान चलाकर सुरक्षा मानकों की जांच की जाएगी। फुटकर पटाखों की अस्थायी दुकानों के लिए स्थान का चयन हो गया है। सभी अग्निशमन उपकरणों की री-फिलिंग भी करा लें। प्रशासन की ओर से चयनित स्थल के अलावा कहीं और पटाखों ब्रिकी करते पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। - आशा राम, सिटी मजिस्ट्रेट।
टाउन पाॅलिटेक्निक काॅलेज में लगेंगी पटाखों की दुकानें
बलिया। दीपावली पर जिले में सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन सतर्क है। वर्षो से शहर के रामलीला मैदान में लगने वाली पटाखों की दुकानों के स्थल में इस साल परिवर्तन किया गया है। सुरक्षा का हवाला देते हुए प्रशासन ने टाउन पाॅलिटेक्निक काॅलेज में दुकानें लगाने का निर्णय लिया है। इसको लेकर जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह एवं पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने शुक्रवार को शहर में पटाखों की अस्थायी दुकानों के लिए संभावित स्थलों का निरीक्षण किया। अधिकारियों का काफिला सबसे पहले रामलीला मैदान पहुंचा। अगल-बगल आबादी को देखते हुए अधिकारी आईटीआई मैदान पहुंच गए। अधिकारियों ने जायजा लेने के बाद दोनों स्थान सुरक्षा मानकों के लिहाज से उपयुक्त नहीं पाए। इसके बाद टाउन पॉलिटेक्निक कॉलेज मैदान का निरीक्षण किया। यहां के स्थल को उपयुक्त पाया गया। जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद नगर पालिका अधिकारी सुभाष कुमार को निर्देश दिए कि पटाखा बाजार में सफाई, प्रकाश व्यवस्था, अग्निशमन व्यवस्था सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित कराई जाएं। उन्होंने कहा कि दीपावली के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पटाखा बाजार को निर्धारित मानकों के अनुरूप ही संचालित किया जाएगा और सुरक्षा नियमों का पालन अनिवार्य होगा। निरीक्षण में एडीएम अनिल कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट आसाराम शर्मा एवं अन्य अधिकारी मौजूद थे।