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Ballia News: 48 घंटे में 20 मीटर ही बनी एनएच की सड़क, आज से आवागमन होगा शुरू
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जयप्रकाश नगर। चांददियर में बाढ़ से कटे एनएच-31 की मरम्मत 48 घंटे में 20 मीटर तक ही हो सकी है। उप जिला अधिकारी बैरिया सुनील कुमार ने बताया कि एनएच के दोनों तरफ बाढ़ का पानी लगा होने के कारण कार्य में विलंब हो रहा है। रविवार तक हर हाल में एनएच पर आवागमन बहाल कर दिया जाएगा।
पहले हल्के वाहनों के परिचालन की अनुमति दी जाएगी। तीन दिन पहले बाढ़ में नेशनल हाईवे का 40 मीटर हिस्सा कटकर बह गया था। इससे बलिया का बिहार से सीधा संपर्क टूट गया था। एनएचआई की ओर से एनएच के कटे हिस्से की मरम्मत युद्ध स्तर की जा रही है। संसाधनों की कमी के चलते मरम्मत कार्य सुस्त है। एनएचएआई आजमगढ़ के परियोजना निदेशक श्रीप्रकाश पाठक ने बताया कि एनएच–31 की मरम्मत का कार्य तेजी से चल रहा है।रविवार सुबह से एनएच पर आवागमन शुरू हो जाएगा। इसके लिए विभाग के लोग 24 घंटे काम कर रहे हैं। संवाद
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हरकत में आया विभाग, सड़क की हुई मरम्मत
बैरिया। बाढ़ में कटकर बह गई रामबालक बाबा सेतु से गोपालनगर तक जाने वाली सड़क की शनिवार को मरम्मत करा दी गई। इसपर से आवागमन भी शुरू हो गया है। सरयू की तेज धारा से बृहस्पतिवार की देर रात सड़क दो स्थानों कटकर बह गई थी। दोनों जगहों पर 100-100 मीटर हिस्सा कटा था। एक स्थान पर गोपालनगर के समाजसेवी सुनील यादव ने रातोंरात मजदूरों को लगाकर किसी तरह बचा लिया। शनिवार को उपजिलाधिकारी सुनील कुमार ने मामले का संज्ञान लिया। पीडब्ल्यूडी को फोनकर सड़क मरम्मत कर आवागमन शुरू कराने का निर्देश दिया। पीडब्ल्यूडी के अवर अभियंता अमित सिंह की देखरेख में मरम्मत कार्य किया गया। अवर अभियंता ने कहा कि समाजसेवी सुनील कुमार ने जितना भी खर्च कर सड़क को टूटने से बचाया है, उसका भुगतान पीडब्ल्यूडी करेगा।
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खतरे के निशान से नीचे आई सरयू, गंगा में भी गिरावट
-- बिजली कटने से बाढ़ पीड़ितों की समस्याओं में इजाफा
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
रामगढ़/बेल्थरारोड। पिछले दो दिनों से सरयू नदी के जलस्तर में गिरावट आ रही है। शनिवार को नदी का पानी खतरे के निशान से नीचे आ गया। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार शनिवार की शाम जलस्तर 63.99 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो लाल निशान 64.01 मीटर से 2 सेंटीमीटर नीचे है। आयोग ने अगले 24 घंटे में जलस्तर में कमी आने का पूर्वानुमान किया है। वहीं, गंगा के जलस्तर में भी घटाव का क्रम जारी है। केंद्रीय जल आयोग गायघाट के अनुसार गंगा का जलस्तर शनिवार की शाम 4:00 बजे 59.650 मीटर दर्ज किया गया। प्रति घंटा एक सेमी का घटाव बना हुआ है। वहीं, खतरे का निशान 57.615 मीटर है। गंगा अब भी खतरे के निशान से दो मीटर ऊपर बह रही है।
एक लाख की आबादी की बिजली आपूर्ति ठप
रामगढ़/बेल्थरारोड। बाढ़ प्रभावित इलाकों में बिजली आपूर्ति की दिक्कत बढ़ गई है। गांवों की बिजली काट दी गई है। केरोसिन या मोमबत्ती की व्यवस्था नहीं की गई है। बदिलपुर से लेकर टेंगरही तक की करीब एक लाख से अधिक की आबादी की बिजली आपूर्ति बंद है। करीब एक सप्ताह से एनएच-31 के दक्षिण दिशा में बसे लोग बाढ़ से घिरे हुए हैं। पीड़ितों तक कोई सहायता नहीं पहुंच पा रही है। पीड़ितों का आरोप हैं की नाव को छोड़कर किसी तरह की कोई सुविधा नहीं मिली है।
किसानों को बड़े पैमाने पर नुकसान, हजारों एकड़ खेती बर्बाद
नरहीं। गड़हांचल में बाढ़ ने बड़े पैमाने पर किसानों को नुकसान पहुंचाया है। 200 एकड़ में की गई परवल, खीरा, भिंडी, बोड़ो, हरी मिर्च, नेनुआ, सतपुतिया, लौकी, करैला, बैंगन आदि की खेती बर्बाद हो गई है। तीन हजार एकड़ धान-मक्का की खेती प्रभावित हुई हैं। खेतों में दुर्गंध उठनी शुरू हो गई है। यहां गंगा, टोंस, मगई नदी एक साथ कहर बरपाती हैं। बाढ़ का पानी करइल क्षेत्र में प्रवेश कर गया है। धान के खेतों में चार फीट तक पानी पांच दिनों से लगा हुआ है। ऐसे में धान की खेती प्रभावित हो जाएगी।
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पहले हल्के वाहनों के परिचालन की अनुमति दी जाएगी। तीन दिन पहले बाढ़ में नेशनल हाईवे का 40 मीटर हिस्सा कटकर बह गया था। इससे बलिया का बिहार से सीधा संपर्क टूट गया था। एनएचआई की ओर से एनएच के कटे हिस्से की मरम्मत युद्ध स्तर की जा रही है। संसाधनों की कमी के चलते मरम्मत कार्य सुस्त है। एनएचएआई आजमगढ़ के परियोजना निदेशक श्रीप्रकाश पाठक ने बताया कि एनएच–31 की मरम्मत का कार्य तेजी से चल रहा है।रविवार सुबह से एनएच पर आवागमन शुरू हो जाएगा। इसके लिए विभाग के लोग 24 घंटे काम कर रहे हैं। संवाद
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हरकत में आया विभाग, सड़क की हुई मरम्मत
बैरिया। बाढ़ में कटकर बह गई रामबालक बाबा सेतु से गोपालनगर तक जाने वाली सड़क की शनिवार को मरम्मत करा दी गई। इसपर से आवागमन भी शुरू हो गया है। सरयू की तेज धारा से बृहस्पतिवार की देर रात सड़क दो स्थानों कटकर बह गई थी। दोनों जगहों पर 100-100 मीटर हिस्सा कटा था। एक स्थान पर गोपालनगर के समाजसेवी सुनील यादव ने रातोंरात मजदूरों को लगाकर किसी तरह बचा लिया। शनिवार को उपजिलाधिकारी सुनील कुमार ने मामले का संज्ञान लिया। पीडब्ल्यूडी को फोनकर सड़क मरम्मत कर आवागमन शुरू कराने का निर्देश दिया। पीडब्ल्यूडी के अवर अभियंता अमित सिंह की देखरेख में मरम्मत कार्य किया गया। अवर अभियंता ने कहा कि समाजसेवी सुनील कुमार ने जितना भी खर्च कर सड़क को टूटने से बचाया है, उसका भुगतान पीडब्ल्यूडी करेगा।
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खतरे के निशान से नीचे आई सरयू, गंगा में भी गिरावट
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
रामगढ़/बेल्थरारोड। पिछले दो दिनों से सरयू नदी के जलस्तर में गिरावट आ रही है। शनिवार को नदी का पानी खतरे के निशान से नीचे आ गया। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार शनिवार की शाम जलस्तर 63.99 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो लाल निशान 64.01 मीटर से 2 सेंटीमीटर नीचे है। आयोग ने अगले 24 घंटे में जलस्तर में कमी आने का पूर्वानुमान किया है। वहीं, गंगा के जलस्तर में भी घटाव का क्रम जारी है। केंद्रीय जल आयोग गायघाट के अनुसार गंगा का जलस्तर शनिवार की शाम 4:00 बजे 59.650 मीटर दर्ज किया गया। प्रति घंटा एक सेमी का घटाव बना हुआ है। वहीं, खतरे का निशान 57.615 मीटर है। गंगा अब भी खतरे के निशान से दो मीटर ऊपर बह रही है।
एक लाख की आबादी की बिजली आपूर्ति ठप
रामगढ़/बेल्थरारोड। बाढ़ प्रभावित इलाकों में बिजली आपूर्ति की दिक्कत बढ़ गई है। गांवों की बिजली काट दी गई है। केरोसिन या मोमबत्ती की व्यवस्था नहीं की गई है। बदिलपुर से लेकर टेंगरही तक की करीब एक लाख से अधिक की आबादी की बिजली आपूर्ति बंद है। करीब एक सप्ताह से एनएच-31 के दक्षिण दिशा में बसे लोग बाढ़ से घिरे हुए हैं। पीड़ितों तक कोई सहायता नहीं पहुंच पा रही है। पीड़ितों का आरोप हैं की नाव को छोड़कर किसी तरह की कोई सुविधा नहीं मिली है।
किसानों को बड़े पैमाने पर नुकसान, हजारों एकड़ खेती बर्बाद
नरहीं। गड़हांचल में बाढ़ ने बड़े पैमाने पर किसानों को नुकसान पहुंचाया है। 200 एकड़ में की गई परवल, खीरा, भिंडी, बोड़ो, हरी मिर्च, नेनुआ, सतपुतिया, लौकी, करैला, बैंगन आदि की खेती बर्बाद हो गई है। तीन हजार एकड़ धान-मक्का की खेती प्रभावित हुई हैं। खेतों में दुर्गंध उठनी शुरू हो गई है। यहां गंगा, टोंस, मगई नदी एक साथ कहर बरपाती हैं। बाढ़ का पानी करइल क्षेत्र में प्रवेश कर गया है। धान के खेतों में चार फीट तक पानी पांच दिनों से लगा हुआ है। ऐसे में धान की खेती प्रभावित हो जाएगी।