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जिले में बढ़ी गेहूं क्रय केंद्रों की संख्या, फिर भी ऊहापोह
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बलिया। गेहूं के कई केंद्रों में बदलाव किया गया है। पूर्व निर्धारित 75 के स्थान पर 106 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। नेफेड के क्रय केंद्रों की संख्या घटाई गई है। इसके अलावा यूपी एग्रो के अलावा बड़ी संख्या में पंजीकृत सहकारी समितियों को क्रय केंद्र बनाया गया है। इसके चलते किसानों में उहापोह की स्थिति है। उधर, निर्धारित लक्ष्य 9.80 लाख कुंतल के सापेक्ष करीब एक पखवारे में क्रय केंद्रों पर 729 किसानों से कुल 43490 कुंतल गेहूं की खरीद हुई है।
शासन के निर्देश पर 15 अप्रैल से गेहूं खरीदने के लिए जिले में कुल 75 क्रय केंद्रों का निर्धारण किया गया। इसमें इसमें मार्केटिंग विभाग के 17, पीसीएफ के 31, एग्रो के 6, नेफेड के 15, एनसीसीएफ के 4 व एफसीआई के दो क्रय केंद्र स्थापित किए गए थे। इसके बाद जहां-तहां क्रय केंद्रों पर खरीद शुरु हुई। अभी एक पखवारा भी नहीं बीता कि अधिकारियों ने क्रय केंद्रों में बदलाव कर दिया और किसानों से अधिक खरीदारी के लिए केंद्रों की संख्या भी बढ़ा दी। अब जिले में कुल 106 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। इसमें पूर्व से निर्धारित नेफेड के चार क्रय केंद्रों को निरस्त किया गया है। अब नेफेड के क्रय केंद्रों की संख्या जहां 15 के स्थान पर 11 हो गई है वहीं यूपी एग्रो की आठ के बदल नौ क्रय केंद्र हो गए हैं। इसके अलावा पंजीकृत 30 सहकारी समितियों को भी क्रय केद्र बनाया गया है जो पूर्व में निर्धारित नहीं थे। क्रय केंद्रों के इधर-उधर करने के कारण संबंधित क्षेत्रों के किसानों के सामने ऊहापोह की स्थिति आ गई है। उधर, मार्केटिंग को छोड़कर अन्य एजेंसियों के क्रय केद्रों पर गेहूं खरीद में रुचि नहीं ली जा रही है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मंगलवार को सुबह 10 बजे कुल जिले में कुल 729 किसानों से 43490 कुंतल गेहूं की खरीद गई है। इसमें मार्केटिंग के क्रय केंद्रों पर 401 किसानों से 24760 कुंतल की खरीद हुई है। इसके अलावा एफसीआई के केंद्रों पर 40 किसानों से 2596 कुंतल, पीसीएफ के केंद्रों पर 209 किसानों से 10221 कुंतल, यूपी एग्रो के केंद्रों पर 59 किसानों से 3191 कुंतल व एनसीसीएफ के केंद्रों पर 20 किसानों से कुल 2721 कुंतल की खरीद हुई है। नेफेड के किसी क्रय केंद्र पर कोई खरीद नहीं की गई है।
नेफेड के प्रबंधक की ओर से ही संशोधन का प्रस्ताव दिया गया जिसके आधार पर उनके चार क्रय केंद्रों को कम किया गया है। खरीदारी लगातार हो रही है। नए निर्धारित क्रय केंद्र भी एक-दो दिनों में संचालित हो जाएंगे तो किसानों को सहूलियत मिलने लगेगी।
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- अविनाश चंद सागरवाल, जिला विपणन अधिकारी, बलिया।
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शासन के निर्देश पर 15 अप्रैल से गेहूं खरीदने के लिए जिले में कुल 75 क्रय केंद्रों का निर्धारण किया गया। इसमें इसमें मार्केटिंग विभाग के 17, पीसीएफ के 31, एग्रो के 6, नेफेड के 15, एनसीसीएफ के 4 व एफसीआई के दो क्रय केंद्र स्थापित किए गए थे। इसके बाद जहां-तहां क्रय केंद्रों पर खरीद शुरु हुई। अभी एक पखवारा भी नहीं बीता कि अधिकारियों ने क्रय केंद्रों में बदलाव कर दिया और किसानों से अधिक खरीदारी के लिए केंद्रों की संख्या भी बढ़ा दी। अब जिले में कुल 106 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। इसमें पूर्व से निर्धारित नेफेड के चार क्रय केंद्रों को निरस्त किया गया है। अब नेफेड के क्रय केंद्रों की संख्या जहां 15 के स्थान पर 11 हो गई है वहीं यूपी एग्रो की आठ के बदल नौ क्रय केंद्र हो गए हैं। इसके अलावा पंजीकृत 30 सहकारी समितियों को भी क्रय केद्र बनाया गया है जो पूर्व में निर्धारित नहीं थे। क्रय केंद्रों के इधर-उधर करने के कारण संबंधित क्षेत्रों के किसानों के सामने ऊहापोह की स्थिति आ गई है। उधर, मार्केटिंग को छोड़कर अन्य एजेंसियों के क्रय केद्रों पर गेहूं खरीद में रुचि नहीं ली जा रही है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मंगलवार को सुबह 10 बजे कुल जिले में कुल 729 किसानों से 43490 कुंतल गेहूं की खरीद गई है। इसमें मार्केटिंग के क्रय केंद्रों पर 401 किसानों से 24760 कुंतल की खरीद हुई है। इसके अलावा एफसीआई के केंद्रों पर 40 किसानों से 2596 कुंतल, पीसीएफ के केंद्रों पर 209 किसानों से 10221 कुंतल, यूपी एग्रो के केंद्रों पर 59 किसानों से 3191 कुंतल व एनसीसीएफ के केंद्रों पर 20 किसानों से कुल 2721 कुंतल की खरीद हुई है। नेफेड के किसी क्रय केंद्र पर कोई खरीद नहीं की गई है।
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नेफेड के प्रबंधक की ओर से ही संशोधन का प्रस्ताव दिया गया जिसके आधार पर उनके चार क्रय केंद्रों को कम किया गया है। खरीदारी लगातार हो रही है। नए निर्धारित क्रय केंद्र भी एक-दो दिनों में संचालित हो जाएंगे तो किसानों को सहूलियत मिलने लगेगी।
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- अविनाश चंद सागरवाल, जिला विपणन अधिकारी, बलिया।