{"_id":"60faed308ebc3ef75b30e668","slug":"now-the-amount-of-dress-of-students-will-come-in-the-account-of-parents-ballia-news-vns6020613194","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब अभिभावकों के खाते में आएगी छात्रों के ड्रेस की धनराशि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब अभिभावकों के खाते में आएगी छात्रों के ड्रेस की धनराशि
विज्ञापन
बलिया। बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के ड्रेस की रकम अब अभिभावकों के खाते में भेजी जाएगी। अभिभावक स्वयं अपने पाल्यों के लिए ड्रेस खरीद सकेंगे। इसके लिए, उनके खाते में 600 रुपये भेजे जाएंगे। विभाग की तरफ से अभिभावकों से बैंक डिटेल समेत अन्य प्रपत्र एकत्र किया जा रहा है।
जिले में 392 कंपोजिट और 259 जूनियर और 1598 प्राथमिक समेत कुल 2249 परिषदीय विद्यालय हैं। इसमें कक्षा एक से आठवीं तक करीब 2.97 लाख छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। परिषदीय विद्यालयों में नामांकित विद्यार्थियों को सरकार की तरफ से प्रत्येक वर्ष पाठ्य पुस्तकों के अलावा ड्रेस, जूता, मोजा, बैग आदि वितरित किया जाता है। पाठ्य पुस्तक, जूता, मोजा और बैग की खरीदारी तो शासन स्तर से की जाती थी, लेकिन ड्रेस की खरीदारी स्थानीय स्तर पर ही की जाती रही है। इसके लिए विद्यालय को एक विद्यार्थी को दो ड्रेस उपलब्ध कराने के लिए छह सौ रुपये दिए जाते थे। ड्रेस की खरीदारी में गांव के लोग समेत अन्य की तरफ से अक्सर गुणवत्ता पर सवाल खड़ाकर जांच की मांग की जाती रही है। इसे गंभीरता से लेते हुए शासन ने इस वर्ष ड्रेस के लिए स्कूलों को मिलने वाले छह सौ रुपये अब अभिभावकों के खाते में भेजने का निर्णय लिया है। इससे अभिभावक अपने बच्चों को मनमाफिक ड्रेस बनवा सकेंगे। अभिभावकों के खाते में ड्रेस की धनराशि भेजने के लिए विभाग की तरफ से अभिभावकों का आधार कार्ड और बैंक डिटेल समेत अन्य कागजात एकत्र करने का कार्य शुरू कर दिया गया है।
विद्यार्थियों को ड्रेस बनवाने के लिए अब उनके अभिभावकों के खाते में ड्रेस की धनराशि भेजी जाएगी। इसके लिए जिले के सभी बीईओ और प्रधानाध्यापकों को अभिभावकों के बैंक डिटेल समेत अन्य प्रपत्र एकत्र करने के निर्देश दिए गए हैं। - शिव नारायन सिंह, बीएसए, बलिया
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले में 392 कंपोजिट और 259 जूनियर और 1598 प्राथमिक समेत कुल 2249 परिषदीय विद्यालय हैं। इसमें कक्षा एक से आठवीं तक करीब 2.97 लाख छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। परिषदीय विद्यालयों में नामांकित विद्यार्थियों को सरकार की तरफ से प्रत्येक वर्ष पाठ्य पुस्तकों के अलावा ड्रेस, जूता, मोजा, बैग आदि वितरित किया जाता है। पाठ्य पुस्तक, जूता, मोजा और बैग की खरीदारी तो शासन स्तर से की जाती थी, लेकिन ड्रेस की खरीदारी स्थानीय स्तर पर ही की जाती रही है। इसके लिए विद्यालय को एक विद्यार्थी को दो ड्रेस उपलब्ध कराने के लिए छह सौ रुपये दिए जाते थे। ड्रेस की खरीदारी में गांव के लोग समेत अन्य की तरफ से अक्सर गुणवत्ता पर सवाल खड़ाकर जांच की मांग की जाती रही है। इसे गंभीरता से लेते हुए शासन ने इस वर्ष ड्रेस के लिए स्कूलों को मिलने वाले छह सौ रुपये अब अभिभावकों के खाते में भेजने का निर्णय लिया है। इससे अभिभावक अपने बच्चों को मनमाफिक ड्रेस बनवा सकेंगे। अभिभावकों के खाते में ड्रेस की धनराशि भेजने के लिए विभाग की तरफ से अभिभावकों का आधार कार्ड और बैंक डिटेल समेत अन्य कागजात एकत्र करने का कार्य शुरू कर दिया गया है।
विज्ञापन
विद्यार्थियों को ड्रेस बनवाने के लिए अब उनके अभिभावकों के खाते में ड्रेस की धनराशि भेजी जाएगी। इसके लिए जिले के सभी बीईओ और प्रधानाध्यापकों को अभिभावकों के बैंक डिटेल समेत अन्य प्रपत्र एकत्र करने के निर्देश दिए गए हैं। - शिव नारायन सिंह, बीएसए, बलिया
विज्ञापन