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अब ई-कवच एप से होगी आशा कार्यकर्ताओं के कार्यों की निगरानी
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बलिया। आशा कार्यकर्ता अब ई-कवच एप पर अपने कार्यों को फीड करेंगी। एक क्लिक पर उनके कार्यों को ऑनलाइन देखा जा सकेगा। इस एप पर उनके कार्यों का ब्योरा रहेगा। आशा ई-एप पर गर्भवती के पंजीकरण, टीकाकरण आदि कार्यों की नियमित फीडिंग क्षेत्र से ही करेंगी। उनके कार्यों की निगरानी भी एप से की जा सकेगी।
जिले से लेकर दिल्ली, लखनऊ तक के अधिकारी कहीं से भी एप पर उनके कार्यों की प्रगति को देख सकेंगे। आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एएनएम क्षेत्र तथा घर-घर जाकर गर्भवती का पंजीकरण, टीकाकरण आदि कार्य करती हैं। आशा कार्यकर्ताओं को अपने कार्यों का कागज पर रिपोर्ट तैयार करनी पड़ती है। अब उन्हें पेन, कागज से छुटकारा मिल जाएगा। उनके कार्यों पर शासन की नजर रहेगी। इसके लिए ई-कवच एप बनाया गया है। आशा और एएनएम को अब इसी एप पर बच्चों और गर्भवती के टीकाकरण का ब्योरा अपलोड करना होगा। साथ ही कौन टीका लगा है और लगना है, इसकी भी जानकारी मिलेगी। एप के जरिए फील्ड से ही ऑनलाइन फीडिंग करने में आसानी होगी। एप से अधिकारी कहीं से भी आशा कार्यकर्ता के कार्यों की प्रगति को देख सकेंगे। जिले में 2875 आशा कार्यकर्ता ई कवच एप से लैस होंगी। ऑनलाइन रिपोर्टिगिं के लिए आशा और एएनएम को मोबाइल दिए गए हैं।
1128 आशा कार्यकर्ताओं को दिया गया फोन
एनआरएचएम के डीपीएम डॉ. आरबी यादव ने बताया कि 2875 आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया गया है। 1128 आशा कार्यकर्ताओं को एंड्रायड फोन उपलब्ध करा दिया गया। शेष को भी शीघ्र ही एंड्रायड फोन वितरित कर दिया जाएगा। इस पोर्टल के माध्यम से आशा कार्यकर्ता अब ऑनलाइन ई कवच एप से आशा कार्यकर्ताओं को आसानी होगी।
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ई कवच एप की मदद से आशा कार्यकर्ता फील्ड से डाटा फीड कर सकेंगी। मोबाइल के जरिए गर्भवती और बच्चों के स्वास्थ्य संबंधी जानकारी को भी एप पर अपलोड करेंगी। इससे महिलाओं और बच्चों की सेहत की सटीक जानकारी मिल सकेगी। बच्चों और महिलाओं को कौन सा टीका लगा और कौन सा बाकी है। - डॉ. आरबी यादव, डीपीएम, एनआरएचएम, बलिया
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जिले से लेकर दिल्ली, लखनऊ तक के अधिकारी कहीं से भी एप पर उनके कार्यों की प्रगति को देख सकेंगे। आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एएनएम क्षेत्र तथा घर-घर जाकर गर्भवती का पंजीकरण, टीकाकरण आदि कार्य करती हैं। आशा कार्यकर्ताओं को अपने कार्यों का कागज पर रिपोर्ट तैयार करनी पड़ती है। अब उन्हें पेन, कागज से छुटकारा मिल जाएगा। उनके कार्यों पर शासन की नजर रहेगी। इसके लिए ई-कवच एप बनाया गया है। आशा और एएनएम को अब इसी एप पर बच्चों और गर्भवती के टीकाकरण का ब्योरा अपलोड करना होगा। साथ ही कौन टीका लगा है और लगना है, इसकी भी जानकारी मिलेगी। एप के जरिए फील्ड से ही ऑनलाइन फीडिंग करने में आसानी होगी। एप से अधिकारी कहीं से भी आशा कार्यकर्ता के कार्यों की प्रगति को देख सकेंगे। जिले में 2875 आशा कार्यकर्ता ई कवच एप से लैस होंगी। ऑनलाइन रिपोर्टिगिं के लिए आशा और एएनएम को मोबाइल दिए गए हैं।
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1128 आशा कार्यकर्ताओं को दिया गया फोन
एनआरएचएम के डीपीएम डॉ. आरबी यादव ने बताया कि 2875 आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया गया है। 1128 आशा कार्यकर्ताओं को एंड्रायड फोन उपलब्ध करा दिया गया। शेष को भी शीघ्र ही एंड्रायड फोन वितरित कर दिया जाएगा। इस पोर्टल के माध्यम से आशा कार्यकर्ता अब ऑनलाइन ई कवच एप से आशा कार्यकर्ताओं को आसानी होगी।
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ई कवच एप की मदद से आशा कार्यकर्ता फील्ड से डाटा फीड कर सकेंगी। मोबाइल के जरिए गर्भवती और बच्चों के स्वास्थ्य संबंधी जानकारी को भी एप पर अपलोड करेंगी। इससे महिलाओं और बच्चों की सेहत की सटीक जानकारी मिल सकेगी। बच्चों और महिलाओं को कौन सा टीका लगा और कौन सा बाकी है। - डॉ. आरबी यादव, डीपीएम, एनआरएचएम, बलिया