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नहर में पानी नहीं, कैसे होगी खेतों की सिंचाई
अमर उजाला ब्यूरो/बलिया
Updated Mon, 03 Jul 2017 10:35 PM IST
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करीब पखवारे भर पहले जब धान की बेहन डाली गई, उस वक्त भी नहर में पानी नहीं था, जैसे-तैसे किसान बेहन को तो जिंदा बचा लिए और अब तक उसकी रोपाई की बारी आई तो अब भी नहराें से पानी गायब है। जब योगी सरकार आई तो उम्मीद जगी थी कि नहरें हमेशा पानी से लबालग रहेंगी। लेकिन हालात नहीं बदले।
गड़वार माइनर में पानी न होने के कारण जिगनी, मनियर, सहसपुरा, बहलोलपुर, जैतपुरा, हरिपुर, सरयां, चांदपुर, महाकरपुर, नारायणपाली, परासियाखुर्द, बिसुकिया, दुमदुमा, मिठवार, एकवारी के सैकड़ों किसान आज माथे पर हाथ धरे बैठे हैं। नहरों में पानी नहीं है, ऊपर से इंद्र भगवान भी कुछ ज्यादा मेहरबान नहीं हो रहे हैं। ऐसे में धान की रोपाई तयशुदा समय पर न होने पर इसका प्रतिकूल असर पैदावार पर पड़ेगा और यही सोचकर किसान चिंतित हैं। किसान एवं पूर्व प्रधान बच्चा सिंह ने बताया कि गड़वार माइनर से निकलने वाली नहर झार-झंखाड़ से बिल्कुल जकड़ चुकी है। वहीं फौजी गंगा सागर यादव ने कहा कि जिले के आलाधिकारी खानापूर्ति के लिए अपने हिसाब के ठेकेदारों को भेजकर कहीं-कहीं तो घास काटने का काम किए हैं। लेकिन कई-कई किमी तक ऐसे ही झंखाड़ बना हुआ है।
वहीं रामजी सिंह अड़ियल ने कहा कि सिंचाई विभाग के आलाधिकारी अगर नहर की सफाई एवं पानी के संचालन पर तत्काल ध्यान नहीं दिए तो नहर पर बैठाने के लिए किसान बाध्य होंगे। नहर की सफाई एवं पानी न छोडे़ जाने को लेकर किसान जितेंद्र यादव, श्रीकांत ठाकुर, रमाशंकर सिंह, हरिहर चौधरी, हरेराम यादव, शिवानंद पांडेय, राजकुमार पांडेय, रामप्रवेश पांडेय आदि किसानों ने जिलाधिकारी का भी ध्यान आकृष्ट कराया है। सिंचाई विभाग के एक्सईएन जंगबहादुर पटेल का कहना है कि दो दिन के अंदर सफाई करवाकर किसानों के लिए पानी का प्रबंध करवा दूंगा।
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गड़वार माइनर में पानी न होने के कारण जिगनी, मनियर, सहसपुरा, बहलोलपुर, जैतपुरा, हरिपुर, सरयां, चांदपुर, महाकरपुर, नारायणपाली, परासियाखुर्द, बिसुकिया, दुमदुमा, मिठवार, एकवारी के सैकड़ों किसान आज माथे पर हाथ धरे बैठे हैं। नहरों में पानी नहीं है, ऊपर से इंद्र भगवान भी कुछ ज्यादा मेहरबान नहीं हो रहे हैं। ऐसे में धान की रोपाई तयशुदा समय पर न होने पर इसका प्रतिकूल असर पैदावार पर पड़ेगा और यही सोचकर किसान चिंतित हैं। किसान एवं पूर्व प्रधान बच्चा सिंह ने बताया कि गड़वार माइनर से निकलने वाली नहर झार-झंखाड़ से बिल्कुल जकड़ चुकी है। वहीं फौजी गंगा सागर यादव ने कहा कि जिले के आलाधिकारी खानापूर्ति के लिए अपने हिसाब के ठेकेदारों को भेजकर कहीं-कहीं तो घास काटने का काम किए हैं। लेकिन कई-कई किमी तक ऐसे ही झंखाड़ बना हुआ है।
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वहीं रामजी सिंह अड़ियल ने कहा कि सिंचाई विभाग के आलाधिकारी अगर नहर की सफाई एवं पानी के संचालन पर तत्काल ध्यान नहीं दिए तो नहर पर बैठाने के लिए किसान बाध्य होंगे। नहर की सफाई एवं पानी न छोडे़ जाने को लेकर किसान जितेंद्र यादव, श्रीकांत ठाकुर, रमाशंकर सिंह, हरिहर चौधरी, हरेराम यादव, शिवानंद पांडेय, राजकुमार पांडेय, रामप्रवेश पांडेय आदि किसानों ने जिलाधिकारी का भी ध्यान आकृष्ट कराया है। सिंचाई विभाग के एक्सईएन जंगबहादुर पटेल का कहना है कि दो दिन के अंदर सफाई करवाकर किसानों के लिए पानी का प्रबंध करवा दूंगा।
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