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36 घंटे बाद भी कार्यस्थल पर नहीं पहुंचा कोई जिम्मेदार
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रामगढ़। गंगा पार हो रहे ड्रेजिंग कार्य को शुक्रवार को किसानों की ओर से रोकने के 36 घंटे बाद भी कोई अधिकारी या जनप्रतिनिधि ड्रेजिंग कार्यस्थल पर नहीं पहुंचा। इसके चलते ड्रेजिंग कार्य प्रभावित होने की आशंका है।
बैरिया तहसील के पुरवा शाहपुर के दर्जनों काश्तकारों ने एकजुट होकर अपनी मांगों को लेकर गंगा पार हो रहे ड्रेजिंग कार्य को शुक्रवार को रोक दिया था। इसके साथ ही गंगापुर, सोनारटोला व दूबे छपरा के साथ ही नौरंगा में भी चल रहे कटानरोधी कार्य पर ब्रेक लग गया है। उधर, शाहपुर के किसानों ने आरोप लगाया है कि इस ड्रेजिंग कार्य में लगभग 400 एकड़ उपजाऊ भूमि प्रभावित हो रही है जो कि गंगा की कटान में अपना सब कुछ खो चुके काश्तकारों की एकमात्र पूंजी है। इसी के सहारे जैसे-तैसे वे अपना और अपने बच्चों का पालन पोषण करते आए हैं। सरकार बिना कोई राहत दिए इस पर ड्रेजिंग कार्य करा रही है। जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों से गुहार लगाई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
शाहपुर के काश्तकार राधेश्याम तिवारी, अनिल सिंह, रामेश्वर सिंह, नागेन्द्र सिंह, मोहन तिवारी आदि ने विभाग के आरोप लगाया कि हम लोगों की पुश्तैनी जमीन का उचित मुआवजा मिलना चाहिए। कहा कि पहले लोगों ने खेत से दक्षिण दिशा में ड्रेजिंग कार्य के लिए जगह चयनित किया गया था। उसके बाद बैराज खण्ड बाराणसी के द्वारा रात के अंधेरे में हमलोगों की भूमि पर झंडा लगा दिया। इसके बाद से ही हमलोग सम्बन्धित अधिकारी और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाते रहे लेकिन आज तक किसी ने भी नहीं सुना और कार्य को अनवरत जारी रखा। अब कार्य हमारे पुस्तैनी उपजाऊ भूमि हुए खेत पर भी शुरू होने जा रहा है और शासन प्रशासन द्वारा हमारी सुधि नहीं ली जा रही है। ज्ञात हो कि पचरुखिया मौजे में बैराज खंड वाराणसी द्वारा गंगा नदी की धारा को मोड़ने के लिए ड्रेजिंग कार्य चल रहा है। इसके लिए करीब 400 एकड़ कृषि योग्य भूमि भी चिह्नित है।
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बैरिया तहसील के पुरवा शाहपुर के दर्जनों काश्तकारों ने एकजुट होकर अपनी मांगों को लेकर गंगा पार हो रहे ड्रेजिंग कार्य को शुक्रवार को रोक दिया था। इसके साथ ही गंगापुर, सोनारटोला व दूबे छपरा के साथ ही नौरंगा में भी चल रहे कटानरोधी कार्य पर ब्रेक लग गया है। उधर, शाहपुर के किसानों ने आरोप लगाया है कि इस ड्रेजिंग कार्य में लगभग 400 एकड़ उपजाऊ भूमि प्रभावित हो रही है जो कि गंगा की कटान में अपना सब कुछ खो चुके काश्तकारों की एकमात्र पूंजी है। इसी के सहारे जैसे-तैसे वे अपना और अपने बच्चों का पालन पोषण करते आए हैं। सरकार बिना कोई राहत दिए इस पर ड्रेजिंग कार्य करा रही है। जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों से गुहार लगाई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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शाहपुर के काश्तकार राधेश्याम तिवारी, अनिल सिंह, रामेश्वर सिंह, नागेन्द्र सिंह, मोहन तिवारी आदि ने विभाग के आरोप लगाया कि हम लोगों की पुश्तैनी जमीन का उचित मुआवजा मिलना चाहिए। कहा कि पहले लोगों ने खेत से दक्षिण दिशा में ड्रेजिंग कार्य के लिए जगह चयनित किया गया था। उसके बाद बैराज खण्ड बाराणसी के द्वारा रात के अंधेरे में हमलोगों की भूमि पर झंडा लगा दिया। इसके बाद से ही हमलोग सम्बन्धित अधिकारी और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाते रहे लेकिन आज तक किसी ने भी नहीं सुना और कार्य को अनवरत जारी रखा। अब कार्य हमारे पुस्तैनी उपजाऊ भूमि हुए खेत पर भी शुरू होने जा रहा है और शासन प्रशासन द्वारा हमारी सुधि नहीं ली जा रही है। ज्ञात हो कि पचरुखिया मौजे में बैराज खंड वाराणसी द्वारा गंगा नदी की धारा को मोड़ने के लिए ड्रेजिंग कार्य चल रहा है। इसके लिए करीब 400 एकड़ कृषि योग्य भूमि भी चिह्नित है।
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