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Ballia News: 72 घंटे में नौ मकान सरयू में समा गए

Thu, 11 Jul 2024 06:34 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 11 Jul 2024 06:34 AM IST
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Nine houses were engulfed in Saryu in 72 hours
बैरिया। गोपालनगर टाड़ी में बुधवार की भोर में रामकिसुन, बच्चा जी यादव व प्रभुनाथ यादव सहित तीन लोगों का पक्का मकान सरयू नदी में समा गया। मंगलवार की देर शाम रामनाथ यादव, यशोदा नंद यादव, पवन यादव, रामखेलावन यादव व धर्मराज यादव सहित पांच लोगों का मकान सरयू नदी में समा गया। तीन दिनों में नौ लोगों का आशियाना नदी में समा गया। उत्तरी दीयरांचल के गोपालनगर, वशिष्ठ नगर, मानगढ़ व शिवाल मठिया सहित चार ग्राम पंचायतों के 50 हजार की आबादी बाढ़ की चपेट में है। कटान तेज देख पूरी बस्ती में भगदड़ की स्थिति है। कटान पीड़ितों ने बताया कि पिछले तीन दिनों में लगभग 70 बीघा उपजाऊ खेत भी सरयू नदी में समा चुका है।
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काटन की सूचना पर मंगलवार की देर शाम अपर जिलाधिकारी देवेंद्र प्रताप सिंह व विधायक जयप्रकाश चंचल पहुंचे। इस दौरान एडीएम और विधायक ने कटान स्थल के निरीक्षण किया तथा काटन पीड़ितों से बात कर वापस लौट गए। मौके पर मौजूद उप जिलाधिकारी सुनील कुमार को कटान पीड़ितों को हर संभव मदद पहुंचाने के निर्देश अपर जिला अधिकारी ने दिए। बुधवार की सुबह पुनः तीन मकान सरयू नदी में समा गए। जिसकी सूचना पर उप जिलाधिकारी बैरिया सुनील कुमार मौके पर पहुंचे। कटान पीड़ितों को हर संभव सहयोग व सहायता का भरोसा दिया। इस दौरान बीडीओ रेवती शकील अहमद, गोपाल नगर चौकी इंचार्ज लालमणि सरोज, क्षेत्रीय लेखपाल राजू यादव आदि मौजूद रहे।
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दो बीघा में लगी परवल की फसल सरयू में समाहित : बैरिया। सरयू नदी में मकान के अलावा दो बीघे परवल की फसल भी समा गई। वशिष्ठ नगर के सीमावर्ती क्षेत्र गोपालनगर मौजा में हर साल 100 से अधिक किसान 500 बीघे से अधिक भूमि लगान पर लेकर परवल की खेती करते हैं। किसान धीरेंद्र बीन ने बताया कि दियारे के करीब 100 बीन, मल्लाह जाति के गरीब तबके के किसान 500 बीघा से अधिक भूमि लगान पर लेकर परवल की खेती करते है। किसान जयकिशोर बीन, जित्येन्द्र, वीरेंद्र, गोडी, ललन, धनई, हरिन्द्र, जयराम आदि किसानों ने बताया कि बुधवार की भोर में परवल का फसल सरयू नदी में समा गई।
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आशियाना उजाड़ने में जुटे तटवर्ती इलाकों के लोग : बांसडीह। नेपाल से पानी छोड़े जाने के बाद सरयू नदी के तटवर्ती क्षेत्रों में बसे गांव के लोगों के लिए खतरे की घंटी बज गई है। सरयू नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। तहसील के टिकुलिया, भुजपुरवा, मलाही चक, सुल्तानपुर गांव के पास कटान करते हुए नदी पहुंच गई है। तटवर्ती इलाकों के बाशिंदे में अपना आशियाना उजाड़ने में जुट गए है। टिकुलिया भोजपुरवा के रामजी यादव के परिवार ने खुद अपने आशियाने उजाड़ रहे हैं। बच्चा लाल यादव का दो दिन पहले ही घर सरयू ने निगल लिया। वहीं, खेदन राजभर और रामाशंकर राजभर ने अपना दो तीन दिन पहले ही घर तोड़ लिया।

बाढ़ चौकीयों का एसडीएम ने किया निरीक्षण : बांसडीह। सरयू नदी में बढ़ते जलस्तर को लेकर बुधवार के दिन बांसडीह एसडीएम अभिषेक प्रियदर्शी ने नायब तहसीलदार सुधांशु श्रीवास्तव के साथ विभिन्न बाढ़ चौकियों का निरीक्षण किया तथा कर्मचारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिया। एसडीएम ने टिकुलिया, भोजपुरवा, रेगहा, रामपुर नम्बरी, चितबिसाव सहित बाढ़ चौकिया, पर्वतपुर, खेवसर, चांदपुर का दौरा किया।




एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा जल स्तर : बेल्थरारोड। पिछले एक सप्ताह से सरयू नदी के जलस्तर में वृद्धि जारी है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार बुधवार की शाम जलस्तर 63.960 मीटर रिकॉर्ड किया गया। जबकि लाल निशान 64.010 मीटर है। एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से जलस्तर में वृद्धि हो रही है। चैनपुर गुलौरा के पास बने ठोकरों के पास नदी का पानी पहुंच गया है। इस बीच कुछ तटीय क्षेत्रों में कटान हो रही है।
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