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छठ के बाद चमक उठेगा नंदीग्राम
अमर उजाला ब्यूरो/बलिया
Updated Sat, 05 Nov 2016 10:29 PM IST
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ऐतिहासिक ददरी मेला के नंदीग्राम में नगर पालिका प्रशासन को मेले में आने वाले पशुओं से अब तक करीब छह लाख की आय हो चुकी है। छठ पूजा के बाद नंदी ग्राम पशु मेला सजने के कयास लगाए जा रहे हैं।
मेला प्रशासन की माने तो पिछले साल की अपेक्षा आमदनी इस बार कम है। अभी आसपास के प्रांतों के पशु व्यापारी और पशुपालक ही मेले में आए हैं। नंदी ग्राम पशु मेला 31 अक्तूबर से ही शुरू हुआ है, जिसमें पशुओं की बुकिंग के जरिए 21500 रुपये मेला प्रशासन को प्राप्त हुए। एक नंवबर को 57 हजार छह सौ रुपये तथा घोड़ा की बुकिंग से 12 हजार 150 रुपये तथा मवेशियों की बिक्री से 2940 रुपया प्राप्त हुआ है। वहीं दो नवंबर को बैलहटा बुकिंग से 66 हजार 750 रुपये, घोड़ा बुकिंग से 38400, बैलहटा बिक्री से 49 हजार, घोड़ा पंजीकरण से 98 सौ रुपये मेला प्रबंधन को आमदनी हुई है। तीन नवंबर को बैलहटा बुकिंग से 57 हजार तीन सौ, घोड़ा बुकिंग से 11 हजार सात सौ, तथा बैलहटा बिक्री से 62 हजार 332 रुपये तथा घोड़ा बिक्री से 16 हजार 72 रुपये आमदनी हुई है।
इसी तरह चार नंवबर को बैलहटा बिक्री से 50 हजार पांच सौ तथा घोड़ा बिक्री से 29 हजार 250 रुपये, वहीं बैलहटा पंजीकरण से 98हजार आठ सौ, घोड़ा पंजीकरण से 29 हजार चार सौ, तथा अड़ी शुल्क 15 सौ रुपये मेला प्रबंधन को प्राप्त हुए है। पांच नंबवर को भी दोपहर तक घोड़ा बुकिंग तथा बैलहटा बुकिंग एवं पंजीकरण से 36 हजार दो सौ रुपये प्राप्त हुए है।
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मेला प्रशासन की माने तो पिछले साल की अपेक्षा आमदनी इस बार कम है। अभी आसपास के प्रांतों के पशु व्यापारी और पशुपालक ही मेले में आए हैं। नंदी ग्राम पशु मेला 31 अक्तूबर से ही शुरू हुआ है, जिसमें पशुओं की बुकिंग के जरिए 21500 रुपये मेला प्रशासन को प्राप्त हुए। एक नंवबर को 57 हजार छह सौ रुपये तथा घोड़ा की बुकिंग से 12 हजार 150 रुपये तथा मवेशियों की बिक्री से 2940 रुपया प्राप्त हुआ है। वहीं दो नवंबर को बैलहटा बुकिंग से 66 हजार 750 रुपये, घोड़ा बुकिंग से 38400, बैलहटा बिक्री से 49 हजार, घोड़ा पंजीकरण से 98 सौ रुपये मेला प्रबंधन को आमदनी हुई है। तीन नवंबर को बैलहटा बुकिंग से 57 हजार तीन सौ, घोड़ा बुकिंग से 11 हजार सात सौ, तथा बैलहटा बिक्री से 62 हजार 332 रुपये तथा घोड़ा बिक्री से 16 हजार 72 रुपये आमदनी हुई है।
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इसी तरह चार नंवबर को बैलहटा बिक्री से 50 हजार पांच सौ तथा घोड़ा बिक्री से 29 हजार 250 रुपये, वहीं बैलहटा पंजीकरण से 98हजार आठ सौ, घोड़ा पंजीकरण से 29 हजार चार सौ, तथा अड़ी शुल्क 15 सौ रुपये मेला प्रबंधन को प्राप्त हुए है। पांच नंबवर को भी दोपहर तक घोड़ा बुकिंग तथा बैलहटा बुकिंग एवं पंजीकरण से 36 हजार दो सौ रुपये प्राप्त हुए है।
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