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Ballia News: अवैध खनन में दर्ज मुकदमे में कई मृतकों के नाम
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लालगंज। बालू भंडारण को लेकर पूर्व में हुई एफआईआर में दर्जनों मृतकों के नाम सामने आने पर विभागीय कार्रवाई पर प्रश्न उठने लगे है। खनन निरीक्षक की तहरीर पर दर्ज मुकदमे में थाना बैरिया में दर्जनों मृतकों पर एफआईआर होने की बात सामने आई है। इससे एक बार फिर साफ हो गई है कि अवैध खनन रोकने के लिए बनाया गया विभाग कार्रवाई में किस तरीके से सतही कार्रवाई करता है।
मई में खान निरीक्षक ने बालू भंडारण को लेकर भूस्वामियों पर मुक़दमा दर्ज कराया था। आनन-फानन में लिखे मुकदमे में दर्जन से अधिक मृतकों के नाम शामिल हैं। हद तो यह है कि दशकों पहले मृत व्यक्तियों के नाम भी एफआईआर में शामिल हैं। मुरारपट्टी निवासी प्रदुम्न पुत्र विशुन दयाल, सूरजदेव पुत्र विशुन दयाल, नामदेव पुत्र प्रभु दयाल, भानु पाठक पुत्र प्रभु दयाल, राम गोविंद पुत्र रामजन्म आदि मृतक है। इनकी दशकों पहले मौत हो चुकी है।
खान निरीक्षक की तहरीर पर इन लोगों के खिलाफ भी बालू भंडारण का मुकदमा दर्ज कर दिया गया था। इससे विभागीय कार्रवाई पर प्रश्न चिन्ह उठने लगा है। चर्चा है कि वास्तव में बालू का अवैध व्यवसाय करने वालों को बचाने के लिए उक्त नामों पर मुकदमा दर्ज कर खानापूर्ति की गई है। इस तरह की कार्रवाई से आसपास के कई काश्तकारों में खलबली मची हुई है।
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किसानों को डर सता रहा है कि विभाग कब और किसका नाम घसीट दे, जबकि बालू व्यवसाय से लाभ लेने वाले लोग खुले में चैन के साथ घूम रहे हैं। इस संदर्भ में क्षेत्राधिकारी बैरिया मो. उस्मान ने कहा कि खान निरीक्षक बलिया जितेश कुमार की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है। संबंधित मुकदमा जांच प्रक्रिया में है। यदि एफआईआर में मृतकों का नाम सामने आता है तो उन्हें हटा दिया जाएगा।
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मई में खान निरीक्षक ने बालू भंडारण को लेकर भूस्वामियों पर मुक़दमा दर्ज कराया था। आनन-फानन में लिखे मुकदमे में दर्जन से अधिक मृतकों के नाम शामिल हैं। हद तो यह है कि दशकों पहले मृत व्यक्तियों के नाम भी एफआईआर में शामिल हैं। मुरारपट्टी निवासी प्रदुम्न पुत्र विशुन दयाल, सूरजदेव पुत्र विशुन दयाल, नामदेव पुत्र प्रभु दयाल, भानु पाठक पुत्र प्रभु दयाल, राम गोविंद पुत्र रामजन्म आदि मृतक है। इनकी दशकों पहले मौत हो चुकी है।
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खान निरीक्षक की तहरीर पर इन लोगों के खिलाफ भी बालू भंडारण का मुकदमा दर्ज कर दिया गया था। इससे विभागीय कार्रवाई पर प्रश्न चिन्ह उठने लगा है। चर्चा है कि वास्तव में बालू का अवैध व्यवसाय करने वालों को बचाने के लिए उक्त नामों पर मुकदमा दर्ज कर खानापूर्ति की गई है। इस तरह की कार्रवाई से आसपास के कई काश्तकारों में खलबली मची हुई है।
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किसानों को डर सता रहा है कि विभाग कब और किसका नाम घसीट दे, जबकि बालू व्यवसाय से लाभ लेने वाले लोग खुले में चैन के साथ घूम रहे हैं। इस संदर्भ में क्षेत्राधिकारी बैरिया मो. उस्मान ने कहा कि खान निरीक्षक बलिया जितेश कुमार की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है। संबंधित मुकदमा जांच प्रक्रिया में है। यदि एफआईआर में मृतकों का नाम सामने आता है तो उन्हें हटा दिया जाएगा।