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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ballia News ›   More patients with breathing difficulties and chest tightness are arriving at the emergency department due to the change in weather.

Ballia News: मौसम में बदलाव से इमरजेंसी में पहुंच रहे सांस की परेशानी व सीने में जकड़न के ज्यादा मरीज

Sun, 27 Sep 2026 12:54 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 27 Sep 2026 12:54 AM IST
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More patients with breathing difficulties and chest tightness are arriving at the emergency department due to the change in weather.
जिला अस्पताल के वार्ड में भर्ती मरीज।संवाद
बलिया। जिला अस्पताल में शनिवार को सुबह ओपीडी में करीब 828 मरीज इलाज कराने पहुंचे जो अन्य दिनों की तुलना में सात सौ ज्यादा कम रहे। वहीं इमरजेंसी में 24 घंटे में 96 मरीज गंभीर हालत में पहुंचे। जिसमें सांस, सीने की जकड़न, लो बीपी के 40 फीसदी मरीज रहे।
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बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवात अर्नब ने मौसम का मिजाज बदल दिया है। इससे जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ी है। जिले में तीन दिन से हो रही बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। इससे ठंड बढ़ गई है। शनिवार को सुबह से आसमान में बादल तेज हवा के साथ रुक-रुक कर बारिश होती रही, दोपहर बाद कुछ समय के लिए बारिश रुकी तो लोग गर्म कपड़े पहनकर घरों से निकले। मौसम खराब होने से वातावरण में नमी सेहत बिगाड़ रही है। संक्रमण की जद में बच्चों से लेकर बुजुर्ग आ रहे हैं। अस्थमा व गंभीर रोगियों की सांसे उखड़ रही है। ओपीडी में मरीजों की भीड़ कम हो गई है, वहीं इमरजेंसी में बढ़ गई है।
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बदलते मौसम में थोड़ी सी लापरवाही मरीजों की बढ़ा रही परेशानी :

बदलते मौसम में थोड़ी सी लापरवाही सांस, अस्थमा व एलर्जी के मरीजों की दिक्कत बढ़ा दे रही है। मौसम में नमी के कारण वायरस का संक्रमण बढ़ गया है। पुराने मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। एलर्जी के मरीजों को सर्दी-जुकाम, नाक से पानी, गले में खराश, आंख में खुजली से परेशान है। सुबह से बारिश होने के कारण आधा से भी कम मरीज ओपीडी में पहुंचे। फिजिशियन ने बताया कि मौसम बदलने से सांस व एलर्जी के मरीजों की परेशानी बढ़ जाती है। वातावरण में नमी के कारण वायरस ग्रोथ करते हैं। इसके कारण संक्रमण तेजी से होता है। शुगर के मरीज को भी दिक्कत होती है। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही से अस्थमा के पुराने मरीजों की परेशानी बढ़ जाती है। उन्हें सांस लेने में दिक्कत होती है। इस मौसम में सावधानी बरतनी चाहिए।
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इस बाबत सीएमएस डॉ. एसके यादव ने कहा कि अस्पताल में सभी प्रकार की दवाएं व जांच निशुल्क है। सांस के मरीजों की संख्या बढ़ने पर सभी वार्डों में ऑक्सीजन सिलेंडर के अलावा कंस्ट्रेटर मशीन रखवा गया है। 48 बेड में 34 पर पाइप लाइन से ऑक्सीजन सप्लाई मिल रही है। चिकित्सक अलर्ट है।

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ये बरतें सावधानी

- नियमित दवा का सेवन करें।

- सांस, अस्थमा, एलर्जी के मरीज मास्क लगाएं।

- छींकते समय मुंह पर रुमाल व हाथ लगाएं।

- गुनगुना पानी का सेवन करें।

- तला, मसाला, दही, घी का कम सेवन करें।

- सड़क के किनारे खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन न करें।

- फास्ट फूड के खाने से परहेज करें।

- सफाई पर ध्यान दें, हाथ धोकर भोजन करें।
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