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Ballia News: 23.75 करोड़ से बन रहा आधुनिक सीसीयू
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जिला अस्पताल के सीसीयू वार्ड के लिए कर्मचारियों का भवन तोड़ता जेसीबी। फाइल फोटो
बलिया। जिला अस्पताल में 23.75 करोड़ से 50 बेड के अत्याधुनिक क्रिटिकल केयर यूनिट (सीसीयू) के निर्माण की प्रक्रिया तेज हो गई है। शुक्रवार को निर्माण सामग्री लेकर ट्रक जिला अस्पताल परिसर में पहुंचे।
सीसीयू के लिए चयनित स्थल पर निर्माण कार्य शुरू करने से पहले ट्रॉमा सेंटर के बगल स्थित सात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के आवासों को ध्वस्त कर दिया गया है। शेष पांच आवासों को 15 अगस्त के बाद तोड़े जाने की तैयारी है।
करीब 23.75 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह सीसीयू प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत तैयार किया जा रहा है। इसका शिलान्यास 12 जुलाई को प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने किया था। परियोजना को करीब 16 महीने में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
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सीसीयू में वेंटिलेटर, हाई-एंड मॉनिटरिंग सिस्टम, ऑक्सीजन सप्लाई और आपातकालीन उपचार की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही गंभीर मरीजों के इलाज के लिए प्रशिक्षित चिकित्सा कर्मियों की व्यवस्था की जाएगी। इसके शुरू होने के बाद हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक, सड़क दुर्घटना समेत अन्य गंभीर मामलों में मरीजों को बेहतर इलाज के लिए वाराणसी, मऊ, गोरखपुर और पटना जैसे शहरों में रेफर करने की जरूरत काफी हद तक कम होने की उम्मीद है।
वर्तमान में गंभीर मरीजों में से प्रतिदिन करीब 15 से 20 या उससे अधिक मरीज बेहतर उपचार के लिए बड़े शहरों की ओर रेफर किए जाते हैं। लंबे समय से जिला अस्पताल में सीसीयू की जरूरत महसूस की जा रही थी। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इसके शुरू होने से जिले की करीब 40 लाख आबादी को गंभीर चिकित्सा सेवाओं में बड़ी राहत मिलेगी। सीसीयू मेडिकल कॉलेज से भी संबद्ध होकर काम करेगा।
सीएमएस डॉ. एसके यादव ने बताया कि सीसीयू निर्माण के लिए चयनित स्थान पर मौजूद भवनों को ध्वस्त कर कार्यदायी संस्था ने निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि परियोजना पूरी होने के बाद गंभीर मरीजों को जिला स्तर पर ही बेहतर उपचार की सुविधा मिल सकेगी।
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सीसीयू के लिए चयनित स्थल पर निर्माण कार्य शुरू करने से पहले ट्रॉमा सेंटर के बगल स्थित सात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के आवासों को ध्वस्त कर दिया गया है। शेष पांच आवासों को 15 अगस्त के बाद तोड़े जाने की तैयारी है।
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करीब 23.75 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह सीसीयू प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत तैयार किया जा रहा है। इसका शिलान्यास 12 जुलाई को प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने किया था। परियोजना को करीब 16 महीने में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
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सीसीयू में वेंटिलेटर, हाई-एंड मॉनिटरिंग सिस्टम, ऑक्सीजन सप्लाई और आपातकालीन उपचार की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही गंभीर मरीजों के इलाज के लिए प्रशिक्षित चिकित्सा कर्मियों की व्यवस्था की जाएगी। इसके शुरू होने के बाद हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक, सड़क दुर्घटना समेत अन्य गंभीर मामलों में मरीजों को बेहतर इलाज के लिए वाराणसी, मऊ, गोरखपुर और पटना जैसे शहरों में रेफर करने की जरूरत काफी हद तक कम होने की उम्मीद है।
वर्तमान में गंभीर मरीजों में से प्रतिदिन करीब 15 से 20 या उससे अधिक मरीज बेहतर उपचार के लिए बड़े शहरों की ओर रेफर किए जाते हैं। लंबे समय से जिला अस्पताल में सीसीयू की जरूरत महसूस की जा रही थी। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इसके शुरू होने से जिले की करीब 40 लाख आबादी को गंभीर चिकित्सा सेवाओं में बड़ी राहत मिलेगी। सीसीयू मेडिकल कॉलेज से भी संबद्ध होकर काम करेगा।
सीएमएस डॉ. एसके यादव ने बताया कि सीसीयू निर्माण के लिए चयनित स्थान पर मौजूद भवनों को ध्वस्त कर कार्यदायी संस्था ने निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि परियोजना पूरी होने के बाद गंभीर मरीजों को जिला स्तर पर ही बेहतर उपचार की सुविधा मिल सकेगी।