बलिया। गांधीवादी युवाओं द्वारा वीबी जी राम जी के विरोध में निकाली जा रही मनरेगा बचाओ यात्रा मंगलवार को सहतवार से शुरू होकर छाता, बांसडीह रोड, शंकरपुर, तिखमपुर होते हुए नगर में पहुंची। यात्रा के दौरान ग्रामीणों, मजदूरों और महिलाओं से संवाद कर मनरेगा से जुड़े मुद्दों पर जागरूकता किया गया। यह यात्रा 17 जनवरी को गोरखपुर जिले के चौरी-चौरा से प्रारंभ हुई है। यह देवरिया, बलिया, मऊ और गाजीपुर होते हुए वाराणसी तक जाएगी। यात्रा का समापन 17 फरवरी को वाराणसी में होगा।
बांसडीह रोड तिराहे पर सांसद प्रतिनिधि हिमांशु त्रिपाठी ने गमछा भेंट कर यात्रा में शामिल लोगों का स्वागत किया। उन्होंने कुछ दूर तक साइकिल भी चलाई। बलिया शहर में सपा सांसद सनातन पांडेय ने युवाओं का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मनरेगा ग्रामीण भारत की रीढ़ है। इसके कमजोर होने से लाखों गरीब परिवारों की आजीविका पर असर पड़ेगा। उन्होंने इस अभियान को मजदूरों की आवाज़ बताया। गांधीवादी युवाओं ने विभिन्न स्थानों पर मिले समर्थन के लिए जनता और संगठनों का आभार व्यक्त किया। यात्रा में शामिल विवेक मिश्रा ने कहा कि मनरेगा कानून को कमजोर करने वाले मजदूर विरोधी प्रावधानों से करोड़ों श्रमिकों की आजीविका प्रभावित हो रही है। आरोप लगाया कि बिना पर्याप्त चर्चा और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के कानून में बदलाव किए गए हैं। इन्हें वापस लिया जाना चाहिए। प्रमुख मांगों में मजदूर विरोधी कानून वापस लेने व न्यूनतम मजदूरी 400 रुपये प्रतिदिन आदि शामिल है। यात्रा में मंगलवार को सांसद प्रतिनिधि हिमांशु पांडेय, सिविल लाइंस के सभासद अमित दुबे, कुंवर सिंह महाविद्यालय के पूर्व छात्र संघ महामंत्री प्रशांत रिंशु, अतुल मिश्रा आदि मौजूद रहे। यात्रा में मुख्य रूप से बलिया के विवेक मिश्रा, मऊ के मृत्युंजय मौर्या, कन्हैया साहनी, बृजेश साहनी, देवरिया के सतीश साहनी आदि रहे।