‘मौके से गायब रहते हैं सचिव’
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ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकारी सचिव को बचाने चाहते हैं। वहीं अधिकारियों का कहना है कि मामले में सचिव और बीडीओ पत्रावली उपलब्ध कराने में हाथ खड़े कर दे रह हैं ऐसे में जांच आख्या किस आधार पर प्रस्तुत किया जाए।
विकास खंड गड़वार अंतर्गत बाराबांध गांव निवासी कांग्रेस के जिला कार्यकारिणी के महासचिव कन्हैया पांडेय ने 14 अगस्त 2014 को शपथ पत्र देकर तत्कालीन जिलाधिकारी मुरली मनोहर से शिकायत की थी कि गांव के सचिव ने राज्यवित्त, तेरहां वित्त, समाजवादी पेंशन, शौचालय आदि में लगभग छह लाख रुपये का गबन किया है।
डीएम ने सीडीओ के. बालाजी को इस मामले की जांच सौंप दी। उन्होंने डीडीओ जगत नारायण राय को जांच सौंप दिया। डीडीओ ने इस मामले में जिला मत्स्य पालन अधिकारी श्रीराम को जांच अधिकारी नियुक्त कर 26 अगस्त 2015 को पत्रांक संख्या 1290/2015-16 जारी कर आख्या मांगी।
लेकिन जांच अधिकारी कोई रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं कर सके। लेकिन उन्होंने डीडीओ को प्रेषित रिपोर्ट में कहा था कि सचिव मौके से हमेशा गायब रहते हैं और बीडीओ सुधा सिंह से अभिलेख मांगने पर वो हाथ खड़ी कर देती हैं। जिस पर जिला विकास अधिकारी ने आठ जनवरी 2016 को सीधे खंड विकास अधिकारी को पत्रांक 2082/2015-16 जारी कर तीन दिन के अंदर जांच अधिकारी का सहयोग कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।
लेकिन बीडीओ भी जांच आख्या प्रस्तुत नहीं कर सकीं। डीडीओ ने पुन: 14 मार्च 2016 को पत्रांक 2761/2015-16 जारी कर बीडीओ से आरोपी सचिव के विरुद्ध साक्ष्य सहित आरोप पत्र प्रेषित करने का आदेश दिया। लेकिन इस बार भी बीडीओ जांच आख्या प्रस्तुत करने में आनाकानी कर गईं।
इस मामले में जांच अधिकारी मत्स्य पालन अधिकारी श्रीराम का कहना है कि बीडीओ द्वारा अभिलेख उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है और मौके से सचिव गायब मिल रहे हैं। बीडीओ के सहयोग के बिना जांच संभव नहीं है। हालांकि मैंने धरातल पर जो जांच की है उसमें सचिव के खिलाफ शिकायत सही है।
जांचोपरांत ही मामले का परिदृश्य साफ हो पाएगा। उध्ार, डीडीओ जगत नारायण राय ने कहा जांच प्रक्रिया में है। बीडीओ से जांच आख्या मांगी गई है। यदि बीडीओ जांच अधिकारी का सहयोग नहीं कर रहे हैं तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।