{"_id":"5874f24e4f1c1b577fba8d29","slug":"matdan-suchi-me-hai-bada-gadbadjhala","type":"story","status":"publish","title_hn":"मतदाता सूची में है बड़ा गड़बड़झाला ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मतदाता सूची में है बड़ा गड़बड़झाला
ब्यूरो,अमर उजाला,बलिया
Updated Tue, 10 Jan 2017 08:10 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विकासखंड हनुमानगंज क्षेत्र के पांच गांव 2011 आर्थिक गणना की सूची प्रकाशन से वंचित रह गये हैं। जिस कारण इन गांवों के पात्र लाभार्थी केंद्र सरकार या प्रदेश सरकार द्वारा संचालित योजनाओं से वंचित रह गए हैं। इसमें तीन गांवों की सूची ऑनलाइन दिखा रही है, जबकि दो गांव की सूची ऑनलाइन अब भी नहीं है। इसको लेकर ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।
शासन द्वारा जिले में 2011 में आर्थिक गणना कराई गई। इसके बाद शासन-प्रशासन द्वारा सूची भी प्रकाशित की गई और सूची को अपलोड कर दिया गया। लेकिन जिला प्रशासन की उदासीनता के कारण विकास खंड हनुमानगंज के मिड्ढा, बहेरी उर्फ प्रेमचक, हैबतपुर, जलालपुर व शंकरपुर गांव की सूची में नाम प्रकाशित नहीं की गई।
वहीं शंकरपुर व जलालपुर गांव को सूची के साथ ही अपलोउ तक नहीं किया गया है। ऐसे में इन पांचों गांव के गरीब, असहाय, निराश्रित लोग केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास तथा प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना लोहिया आवास सहित विभिन्न योजनाओं से वंचित हो गए है।
विज्ञापन
कारण कि जब तक इन गांवों का नाम सूची में नहीं होगा, तब तक इन गांवों के पात्रों को योजनाओं का लाभ मिल पाना मुश्किल हो जाएगा। पीडी राजकुमार त्रिपाठी ने बताया कि जिन गांवाें की गणना की सूची अपलोड या प्रकाशित नहीं हुई है, उसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।
विज्ञापन
शासन द्वारा जिले में 2011 में आर्थिक गणना कराई गई। इसके बाद शासन-प्रशासन द्वारा सूची भी प्रकाशित की गई और सूची को अपलोड कर दिया गया। लेकिन जिला प्रशासन की उदासीनता के कारण विकास खंड हनुमानगंज के मिड्ढा, बहेरी उर्फ प्रेमचक, हैबतपुर, जलालपुर व शंकरपुर गांव की सूची में नाम प्रकाशित नहीं की गई।
विज्ञापन
वहीं शंकरपुर व जलालपुर गांव को सूची के साथ ही अपलोउ तक नहीं किया गया है। ऐसे में इन पांचों गांव के गरीब, असहाय, निराश्रित लोग केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास तथा प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना लोहिया आवास सहित विभिन्न योजनाओं से वंचित हो गए है।
विज्ञापन
कारण कि जब तक इन गांवों का नाम सूची में नहीं होगा, तब तक इन गांवों के पात्रों को योजनाओं का लाभ मिल पाना मुश्किल हो जाएगा। पीडी राजकुमार त्रिपाठी ने बताया कि जिन गांवाें की गणना की सूची अपलोड या प्रकाशित नहीं हुई है, उसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।