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महाविद्यालय के शिक्षकों को मिले प्रतिनिधित्व
ब्यूरो,अमर उजाला,बलिया
Updated Fri, 27 Jan 2017 07:55 PM IST
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- फोटो : फाइल फोटो
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जनपद के महाविद्यालय के शिक्षकों की समस्याओं को लेकर जनपद महाविद्यालयीय शिक्षक एसोसिएशन की बैठक डा. बृजेश सिंह की अध्यक्षता में कालेज में शुक्रवार को हुई। जिसमें जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय में उनकी सहभागिता को लेकर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में शिक्षकों ने निर्णय लिया कि महाविद्यालय के शिक्षकों को विश्वविद्यालय के विभिन्न समितियों में उचित प्रतिनिधित्व मिले। समन्वयक एवं संकाय अध्यक्ष की नियुक्ति दस महाविद्यालयों के शिक्षकों में से वरिष्ठता के क्रम के आधार पर नियुक्त किया जाय। एमए में सेमेस्टर समाप्त किया जाय। शोध निदेशक के लिए यूजी एवं पीजी का मतभेद दूर किया जाय।
डॉ. रंगनाथ मिश्र ने कहा कि चूंकि जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय, वीर बहादुर पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर की भांति एफिलिएटिंग विश्वविद्यालय है। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ वाराणसी दीन दयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय गोरखपुर जैसी आवासीय विश्वविद्यालय नहीं हैं।
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यहां पर पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर नियमावली एवं परिनियमावली को ही लागू की जाय। जो अधिकार वहां के शिक्षकों को है वही अधिकार जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय के शिक्षकों को दिया जाय। इस मौके पर डा. अवनीशचंद्र पांडेय तथा श्रीरंगनाथ मिश्र को महामंत्री विश्वविद्यालयी, महाविद्यालयी शिक्षक संघ तथा जनपद के अध्यक्ष डा. बृजेश सिंह की मांगों को समर्थन करते हुए सभी महाविद्यालयों के शिक्षकों ने उनका समर्थन तथा सहयोग करने को कहा।
इस मौके पर डा. बब्बन राम, प्रकाशचंद्र त्रिपाठी, डा. संजय श्रीवास्तव, डा. अशोक कुमार सिंह, डा. सच्चिदानंद, डा. अशोक यादव, डा. अखिलेश राय, डा. निशा राघव, डा. दिनेश यादव, रमाकांत सिंह, डा. यमुना प्रसाद मिश्र सहित सैकड़ों शिक्षक मौजूद रहे।
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बैठक में शिक्षकों ने निर्णय लिया कि महाविद्यालय के शिक्षकों को विश्वविद्यालय के विभिन्न समितियों में उचित प्रतिनिधित्व मिले। समन्वयक एवं संकाय अध्यक्ष की नियुक्ति दस महाविद्यालयों के शिक्षकों में से वरिष्ठता के क्रम के आधार पर नियुक्त किया जाय। एमए में सेमेस्टर समाप्त किया जाय। शोध निदेशक के लिए यूजी एवं पीजी का मतभेद दूर किया जाय।
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डॉ. रंगनाथ मिश्र ने कहा कि चूंकि जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय, वीर बहादुर पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर की भांति एफिलिएटिंग विश्वविद्यालय है। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ वाराणसी दीन दयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय गोरखपुर जैसी आवासीय विश्वविद्यालय नहीं हैं।
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यहां पर पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर नियमावली एवं परिनियमावली को ही लागू की जाय। जो अधिकार वहां के शिक्षकों को है वही अधिकार जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय के शिक्षकों को दिया जाय। इस मौके पर डा. अवनीशचंद्र पांडेय तथा श्रीरंगनाथ मिश्र को महामंत्री विश्वविद्यालयी, महाविद्यालयी शिक्षक संघ तथा जनपद के अध्यक्ष डा. बृजेश सिंह की मांगों को समर्थन करते हुए सभी महाविद्यालयों के शिक्षकों ने उनका समर्थन तथा सहयोग करने को कहा।
इस मौके पर डा. बब्बन राम, प्रकाशचंद्र त्रिपाठी, डा. संजय श्रीवास्तव, डा. अशोक कुमार सिंह, डा. सच्चिदानंद, डा. अशोक यादव, डा. अखिलेश राय, डा. निशा राघव, डा. दिनेश यादव, रमाकांत सिंह, डा. यमुना प्रसाद मिश्र सहित सैकड़ों शिक्षक मौजूद रहे।