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लोहिया दर्शन को आत्मसात करने पर बल
ब्यूरो, अमर उजाला, बलिया
Updated Mon, 23 Mar 2015 11:18 PM IST
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समाजवाद के प्रणेता डा. राममनोहर लोहिया की 103वीं जयंती नगर स्थित सपा कार्यालय पर सोमवार को मनाई गई। इस अवसर पर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। सपा नेताओं ने लोहिया के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए लोहिया दर्शन को आत्मसात करने पर बल दिया।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष यशपाल सिंह ने कहा कि डा. लोहिया का जीवन आम आदमी के लिए समर्पित था। पूंजीवादी ताकतों के विरुद्ध उन्होंने आजीवन लड़ाई लड़ी।
उनका मानना था कि गांव गरीब मजदूर किसान की बस्ती में जब तक उजाला नहीं फैलेगा, तब तक देश की खुशहाली की कल्पना नहीं की जा सकती।
आज देश में पूंजीवादी ताकतें मजबूत हो रही हैं और वे आम आदमी को निगलना चाहती हैं। कहा कि हम सब समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं को पूरी मजबूती के साथ पूंजीवादी ताकतों के विरुद्ध संघर्ष में आगे आना होगा। इस मौके पर चंद्रशेखर सिंह, परमात्मानंद पांडेय, डा. विश्राम यादव, नंद गोपाल गुप्ता आदि रहे।
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गोष्ठी को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष यशपाल सिंह ने कहा कि डा. लोहिया का जीवन आम आदमी के लिए समर्पित था। पूंजीवादी ताकतों के विरुद्ध उन्होंने आजीवन लड़ाई लड़ी।
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उनका मानना था कि गांव गरीब मजदूर किसान की बस्ती में जब तक उजाला नहीं फैलेगा, तब तक देश की खुशहाली की कल्पना नहीं की जा सकती।
आज देश में पूंजीवादी ताकतें मजबूत हो रही हैं और वे आम आदमी को निगलना चाहती हैं। कहा कि हम सब समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं को पूरी मजबूती के साथ पूंजीवादी ताकतों के विरुद्ध संघर्ष में आगे आना होगा। इस मौके पर चंद्रशेखर सिंह, परमात्मानंद पांडेय, डा. विश्राम यादव, नंद गोपाल गुप्ता आदि रहे।
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