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Ballia News: घर से बुलाकर हत्या करने में दो को आजीवन कारावास
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बलिया। अपर जनपद न्यायाधीश महेश चंद्र वर्मा की अदालत ने घर से बुलाकर हत्या करने और शव को छिपाने के मामले में सुनवाई करते हुए दो लोगों को सश्रम आजीवन कारावास व 80-80 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर एक वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना पड़ेगा।
वादी मुकदमा सुखनंदन सिंह पुत्र स्व. रामबदन सिंह निवासी शोभा छपरा बैरिया ने थाना में तहरीर दी थी कि उसका पुत्र जितेंद्र सिंह (26) वीसीआर चलाता था। 14 फरवरी 2021 को श्री भगवान सिंह पुत्र बुद्धिराम सिंह और संजीव सिंह पुत्र रामबचन सिंह निवासी फकरू राय का टोला उसे सट्टा दिलाने के बहाने बुलाकर ले गए। तीन चार दिन बाद जितेंद्र के न आने पर दोनों से पूछा तो बताया कि छपरा में बड़ा काम दिलाया है। कुछ दिन बाद आएगा।
कई दिनों तक न आने पर छपरा में खोजबीन भी कि लेकिन पता नहीं चला। पूछने पर आरोपी हीलाहवाली करते रहे। 29 अप्रैल 2021 को बैजू टोला बिहार के लोगों ने बताया कि दो-ढाई महीने पहले एक लाश सरयू के किनारे मिली थी। जाकर कपड़े आदि से पहचान की तो वो जितेंद्र की लाश थी। किसी बात पर अपमानित होकर आरोपियों ने जितेंद्र की हत्याकर उसकी लाश वहां फेंक दी थी।
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सुनवाई के दौरान न्यायालय ने सभी साक्ष्यों का अवलोकन किया और गवाहों को सुना उसके बाद वादी की तरफ से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता विनय कुमार सिंह और राजेंद्र गुप्ता ने दलील पेश की। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपियों को दोषी पाया गया और सजा सुनाई गई।
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वादी मुकदमा सुखनंदन सिंह पुत्र स्व. रामबदन सिंह निवासी शोभा छपरा बैरिया ने थाना में तहरीर दी थी कि उसका पुत्र जितेंद्र सिंह (26) वीसीआर चलाता था। 14 फरवरी 2021 को श्री भगवान सिंह पुत्र बुद्धिराम सिंह और संजीव सिंह पुत्र रामबचन सिंह निवासी फकरू राय का टोला उसे सट्टा दिलाने के बहाने बुलाकर ले गए। तीन चार दिन बाद जितेंद्र के न आने पर दोनों से पूछा तो बताया कि छपरा में बड़ा काम दिलाया है। कुछ दिन बाद आएगा।
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कई दिनों तक न आने पर छपरा में खोजबीन भी कि लेकिन पता नहीं चला। पूछने पर आरोपी हीलाहवाली करते रहे। 29 अप्रैल 2021 को बैजू टोला बिहार के लोगों ने बताया कि दो-ढाई महीने पहले एक लाश सरयू के किनारे मिली थी। जाकर कपड़े आदि से पहचान की तो वो जितेंद्र की लाश थी। किसी बात पर अपमानित होकर आरोपियों ने जितेंद्र की हत्याकर उसकी लाश वहां फेंक दी थी।
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सुनवाई के दौरान न्यायालय ने सभी साक्ष्यों का अवलोकन किया और गवाहों को सुना उसके बाद वादी की तरफ से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता विनय कुमार सिंह और राजेंद्र गुप्ता ने दलील पेश की। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपियों को दोषी पाया गया और सजा सुनाई गई।