{"_id":"67aced0e17724c5a2b091854","slug":"life-imprisonment-to-the-accused-of-rape-and-murder-ballia-news-c-190-1-ana1001-133367-2025-02-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ballia News: दुष्कर्म और हत्या के दोषी को उम्रकैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ballia News: दुष्कर्म और हत्या के दोषी को उम्रकैद
विज्ञापन
बलिया। सत्रह वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म और उसकी हत्या करने के मामले में बुधवार को अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-एक ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी की अदालत ने दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई।
अदालत ने दोषी आंचल राजभर निवासी रामपुर कानून गोयना उभांव पर उम्रकैद के साथ ही 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माने को धनराशि जमा नहीं करने पर दोषी को अतिरिक्त छह मास की सजा भुगतनी पड़ेगी।
उभांव थाना अंतर्गत एक गांव के पास चार जनवरी 2022 को किशोरी की लाश मिली थी। किशोरी के परिजनों ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। आरोप लगाया कि उसकी बेटी की हत्या कर किसी ने पानी में फेंक दिया है। पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना की। विवेचक ने जांच की तो अभियुक्त आंचल का नाम प्रकाश में आया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर चालान कर दिया। पीड़िता के पोस्टमार्टम एवं डीएनए टेस्ट से दुष्कर्म की घटना भी साबित हुई।
विज्ञापन
इस मामले में जांच के उपरांत पुलिस ने 6 अप्रैल 2022 को चार्जशीट न्यायालय में प्रस्तुत कर दी। इसके बाद सीजेएम कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए सेक्शन कोर्ट में भेज दिया। परीक्षण के दौरान अभियोजन पक्ष से अधिवक्ता ने वादी मुकदमा, विवेचक, डॉक्टर, समेत सत्रह गवाहों की गवाही करवाई।
विज्ञापन
अदालत ने दोषी आंचल राजभर निवासी रामपुर कानून गोयना उभांव पर उम्रकैद के साथ ही 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माने को धनराशि जमा नहीं करने पर दोषी को अतिरिक्त छह मास की सजा भुगतनी पड़ेगी।
विज्ञापन
उभांव थाना अंतर्गत एक गांव के पास चार जनवरी 2022 को किशोरी की लाश मिली थी। किशोरी के परिजनों ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। आरोप लगाया कि उसकी बेटी की हत्या कर किसी ने पानी में फेंक दिया है। पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना की। विवेचक ने जांच की तो अभियुक्त आंचल का नाम प्रकाश में आया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर चालान कर दिया। पीड़िता के पोस्टमार्टम एवं डीएनए टेस्ट से दुष्कर्म की घटना भी साबित हुई।
विज्ञापन
इस मामले में जांच के उपरांत पुलिस ने 6 अप्रैल 2022 को चार्जशीट न्यायालय में प्रस्तुत कर दी। इसके बाद सीजेएम कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए सेक्शन कोर्ट में भेज दिया। परीक्षण के दौरान अभियोजन पक्ष से अधिवक्ता ने वादी मुकदमा, विवेचक, डॉक्टर, समेत सत्रह गवाहों की गवाही करवाई।