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फाटक में रिसाव से सैकड़ों एकड़ खेत जलमग्न
अमर उजाला ब्यूरोः बलिया
Updated Sun, 10 Jul 2016 01:27 AM IST
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क्षेत्र के कठोड़ा रेग्युुलेटर का फाटक ठीक तरह से बंद नहीं किया गया। इसके चलते शुक्रवार की शाम से फाटक से जल का रिसाव होने लगा। शनिवार को सैकड़ों एकड़ धान और अन्य फसलें डूब गई हैं। इसको लेकर किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है। किसानों का कहना है कि अगर रिसाव तत्काल बंद नहीं किया गया तो उन्हें काफी नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। विभाग की तरफ से रिसाव बंद करने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है।
मालूम हो कि रिसाव होने की जानकारी होने पर शनिवार को अधिशासी अभियंता कुमार गौरव एवं एसडीओ आरएस यादव ने मौका मुआयना कर हालात का जायजा लिया। उन्होंने जेई को तत्काल मजदूर लगाकर बालू से भरी बोरी डालने को निर्देश दिया। जिसके बाद राहत कार्य पुलिस की मौजूदगी में आरंभ हुआ।
रिसाव से कठोड़ा निवासी बैजनाथ राजभर, सोनू राय,चिंटू राय, उपेंद्र राय, रामजन्म, प्रदीप द्विवेदी, धनु, देवभूषण राय, नमोनारायण राय, नरेंद्र राय, अरविंद राय, विश्वनाथ राय, प्रवीण, तारकेश्वर आदि की सैकड़ों एकड़ फसल डूब गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि रिसाव कम नहीं हुआ तो कठोड़ा, जमुई, डूहाबिहरा, नरहनी, मझवलिया, मुईया, झोरीडी, सहित अन्य गाँव भी इसके चपेट में आ जाएंगे।
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मालूम हो कि रिसाव होने की जानकारी होने पर शनिवार को अधिशासी अभियंता कुमार गौरव एवं एसडीओ आरएस यादव ने मौका मुआयना कर हालात का जायजा लिया। उन्होंने जेई को तत्काल मजदूर लगाकर बालू से भरी बोरी डालने को निर्देश दिया। जिसके बाद राहत कार्य पुलिस की मौजूदगी में आरंभ हुआ।
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रिसाव से कठोड़ा निवासी बैजनाथ राजभर, सोनू राय,चिंटू राय, उपेंद्र राय, रामजन्म, प्रदीप द्विवेदी, धनु, देवभूषण राय, नमोनारायण राय, नरेंद्र राय, अरविंद राय, विश्वनाथ राय, प्रवीण, तारकेश्वर आदि की सैकड़ों एकड़ फसल डूब गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि रिसाव कम नहीं हुआ तो कठोड़ा, जमुई, डूहाबिहरा, नरहनी, मझवलिया, मुईया, झोरीडी, सहित अन्य गाँव भी इसके चपेट में आ जाएंगे।
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