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Ballia News: नहीं लगाए उद्योग तो लौटानी होगी जमीन
Sat, 04 Mar 2023 05:08 PM IST
वाराणसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलिया
संवाद न्यूज एजेंसी, बलिया
Updated Sat, 04 Mar 2023 05:08 PM IST
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वर्षो से खाली पड़ी हैं जमीनें, दस आवंटियों को नोटिस जारी
उचित जवाब न मिलने पर समिति के समक्ष प्रस्ताव का होगा निरस्तीकरण
संवाद न्यूज एजेंसी
बलिया। वर्षों पूर्व उद्योग स्थापित करने के लिए सरकारी जमीनों का आवंटन किया गया था, लेकिन कई उद्यमियों ने जमीन मिलने के बाद भी उद्योगों की स्थापना नहीं की। ऐसे में औद्योगिक क्षेत्र में कई जमीनें खाली पड़ी हैं। हाल ही में संपन्न हुई इनवेस्टर्स समिट में कई निवेशकों ने जमीन की भी मांग की है। ऐसे में विभाग ने खाली पड़ी जमीनों का ब्योरा जुटाना शुरू कर दिया है।
करीब दो दर्जन उद्यमियों को विभाग ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। उचित जवाब न मिलने की स्थिति में समिति के समक्ष प्रस्ताव कर जमीनों का आवंटन निरस्त कराया जाएगा।
जिला उद्योग केंद्र की ओर से बनरही, माधोपुर, जिगनीखास में औद्योगिक क्षेत्र का विकास किया गया था। इन औद्योगिक क्षेत्रों में उद्योगों की स्थापना के लिए जिला प्रशासन ने अलग-अलग कंपनियों व उद्योगपतियों को जमीनें आवंटित की थीं। मकसद था कि जिले की अर्थव्यवस्था में सुधार होगा और लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।
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हाल ही में हुई इन्वेस्टर्स समिट के दौरान 71 उद्यमियों ने एमओयू हस्ताक्षर करने के साथ ही विभाग से जमीन मुहैया कराने की मांग की है। हालांकि, उद्योग केंद्र के औद्योगिक क्षेत्रों में जमीन खाली न होने से अब तक आवंटन नहीं हो पाया है। ऐसे में पूर्व में आवंटित की गई जमीनों को खंगालना शुरू किया गया है। जिला उद्योग केंद्र की ओर से दो औद्योगिक क्षेत्रों अनरही और माधोपुर के करीब दस आवंटियों को नोटिस भेजकर उद्योगों की स्थापना की स्थिति के बारे में जानकारी मांगी गई है।
इन लोगों ने अब तक उद्योग नहीं स्थापित किए हैं और जमीन भी वापस नहीं की है। तीन बार नोटिस जारी करने के बाद भी जवाब न मिलने पर आवंटन निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
जिन उद्यमियों ने जमीन आवंटित कराने के बाद भी उद्योग स्थापित नहीं किए हैं, उन्हें नोटिस जारी किया गया है। उचित जवाब न मिलने पर निरस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। - अशोक कुमार गुप्ता, सांख्यकीय अधिकारी, डीआईसी
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उचित जवाब न मिलने पर समिति के समक्ष प्रस्ताव का होगा निरस्तीकरण
संवाद न्यूज एजेंसी
बलिया। वर्षों पूर्व उद्योग स्थापित करने के लिए सरकारी जमीनों का आवंटन किया गया था, लेकिन कई उद्यमियों ने जमीन मिलने के बाद भी उद्योगों की स्थापना नहीं की। ऐसे में औद्योगिक क्षेत्र में कई जमीनें खाली पड़ी हैं। हाल ही में संपन्न हुई इनवेस्टर्स समिट में कई निवेशकों ने जमीन की भी मांग की है। ऐसे में विभाग ने खाली पड़ी जमीनों का ब्योरा जुटाना शुरू कर दिया है।
करीब दो दर्जन उद्यमियों को विभाग ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। उचित जवाब न मिलने की स्थिति में समिति के समक्ष प्रस्ताव कर जमीनों का आवंटन निरस्त कराया जाएगा।
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जिला उद्योग केंद्र की ओर से बनरही, माधोपुर, जिगनीखास में औद्योगिक क्षेत्र का विकास किया गया था। इन औद्योगिक क्षेत्रों में उद्योगों की स्थापना के लिए जिला प्रशासन ने अलग-अलग कंपनियों व उद्योगपतियों को जमीनें आवंटित की थीं। मकसद था कि जिले की अर्थव्यवस्था में सुधार होगा और लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।
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हाल ही में हुई इन्वेस्टर्स समिट के दौरान 71 उद्यमियों ने एमओयू हस्ताक्षर करने के साथ ही विभाग से जमीन मुहैया कराने की मांग की है। हालांकि, उद्योग केंद्र के औद्योगिक क्षेत्रों में जमीन खाली न होने से अब तक आवंटन नहीं हो पाया है। ऐसे में पूर्व में आवंटित की गई जमीनों को खंगालना शुरू किया गया है। जिला उद्योग केंद्र की ओर से दो औद्योगिक क्षेत्रों अनरही और माधोपुर के करीब दस आवंटियों को नोटिस भेजकर उद्योगों की स्थापना की स्थिति के बारे में जानकारी मांगी गई है।
इन लोगों ने अब तक उद्योग नहीं स्थापित किए हैं और जमीन भी वापस नहीं की है। तीन बार नोटिस जारी करने के बाद भी जवाब न मिलने पर आवंटन निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
जिन उद्यमियों ने जमीन आवंटित कराने के बाद भी उद्योग स्थापित नहीं किए हैं, उन्हें नोटिस जारी किया गया है। उचित जवाब न मिलने पर निरस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। - अशोक कुमार गुप्ता, सांख्यकीय अधिकारी, डीआईसी