{"_id":"6329f19e84364f5b18180098","slug":"land-is-not-available-on-search-of-345-farmers-taking-benefit-of-samman-nidhi-ballia-news-vns6751866145","type":"story","status":"publish","title_hn":"345 किसानों के खोजने पर नहीं मिल रही जमीन, ले रहे सम्मान निधि का लाभ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
345 किसानों के खोजने पर नहीं मिल रही जमीन, ले रहे सम्मान निधि का लाभ
विज्ञापन
बलिया। किसान सम्मान निधि का लाभ लेने वाले लाभार्थियों का सत्यापन राजस्व और कृषि विभाग की ओर से किया जा रहा है। अब तक 345 ऐसे लाभार्थी मिले हैं, जिनका राजस्व विभाग में जमीन का ब्योरा नहीं मिल सका है। हालांकि अभी सत्यापन का कार्य जारी है और 25 सितंबर को पूरी तस्वीर सामने आएगी। ऐसे लाभार्थियों से रिकवरी की कार्रवाई भी हो सकती है।
किसान सम्मान निधि योजना के तहत जिले में 417423 किसानों को यह लाभ दिया जाता है और कुल 11 किस्त जारी हो चुकी हैं। शासन की ओर से किसान सम्मान निधि लेने वाले किसानों को ई-केवाईसी का फरमान जारी किया लेकिन जिले के किसान ई-केवाईसी कराने में रुचि नहीं दिखा रहे। अब शासन की ओर से किसानों के भूलेख संबंधी अभिलेखों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया है। इसके लिए राजस्वकर्मी (लेखपाल) किसानों का विवरण (खतौनी, खसरा, रकबा, बैनामा या वरासत) दर्ज कर रहे हैं। एक अगस्त से ही यह कार्य चल रहा है।
तहसीलों से मिल रही रिपोर्ट के आधार पर कृषि विभाग की ओर से किसानों का ब्योरा पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है। सत्यापन के बाद अब तक करीब 1.90 लाख किसानों का डाटा अपलोड किया जा चुका है। अधिकारियों की मानें तो कई ऐसे किसान भी मिल रहे हैं, जो योजना की शुरुआत में जमीन के आधार पर आवेदन किया लेकिन वर्तमान में उस जमीन पर या तो घर बन गए हैं या फिर जमीन बेच दी गई है। अभी सत्यापन का कार्य चल रहा है और अब तक 345 ऐसे किसान मिले हैं, जिनके पास कोई जमीन राजस्व विभाग के रिकार्ड में नहीं मिल रहा है। इसमें सबसे अधिक किसान सदर तहसील के हैं। शुरुआती दौर में तमाम भूमिहीन, आयकर दाता आदि ने तथ्य छिपाकर आवेदन कर लाभ लेना शुरू कर दिया। शासन ने ऐसे लोगों को चिह्नित करने के लिए भूमि अंकन का कार्य शुरू कराया है। किसानों का खसरा अपडेट किया जा रहा है।
विज्ञापन
कृषि उपनिदेशक इंद्राज ने बताया कि किसान सम्मान निधि प्राप्त करने वाले किसानों का सत्यापन किया जा रहा है। तहसीलों से मिल रही रिपोर्ट के आधार निर्धारित पोर्टल पर डाटा अपलोड किया जा रहा है। कई ऐसे किसान मिल रहे हैं, जिनके पास वर्तमान में कोई भूमि नहीं है। सत्यापन कार्य पूरा होने के बाद पूरी तस्वीर साफ हो जाएगी।
विज्ञापन
किसान सम्मान निधि योजना के तहत जिले में 417423 किसानों को यह लाभ दिया जाता है और कुल 11 किस्त जारी हो चुकी हैं। शासन की ओर से किसान सम्मान निधि लेने वाले किसानों को ई-केवाईसी का फरमान जारी किया लेकिन जिले के किसान ई-केवाईसी कराने में रुचि नहीं दिखा रहे। अब शासन की ओर से किसानों के भूलेख संबंधी अभिलेखों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया है। इसके लिए राजस्वकर्मी (लेखपाल) किसानों का विवरण (खतौनी, खसरा, रकबा, बैनामा या वरासत) दर्ज कर रहे हैं। एक अगस्त से ही यह कार्य चल रहा है।
विज्ञापन
तहसीलों से मिल रही रिपोर्ट के आधार पर कृषि विभाग की ओर से किसानों का ब्योरा पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है। सत्यापन के बाद अब तक करीब 1.90 लाख किसानों का डाटा अपलोड किया जा चुका है। अधिकारियों की मानें तो कई ऐसे किसान भी मिल रहे हैं, जो योजना की शुरुआत में जमीन के आधार पर आवेदन किया लेकिन वर्तमान में उस जमीन पर या तो घर बन गए हैं या फिर जमीन बेच दी गई है। अभी सत्यापन का कार्य चल रहा है और अब तक 345 ऐसे किसान मिले हैं, जिनके पास कोई जमीन राजस्व विभाग के रिकार्ड में नहीं मिल रहा है। इसमें सबसे अधिक किसान सदर तहसील के हैं। शुरुआती दौर में तमाम भूमिहीन, आयकर दाता आदि ने तथ्य छिपाकर आवेदन कर लाभ लेना शुरू कर दिया। शासन ने ऐसे लोगों को चिह्नित करने के लिए भूमि अंकन का कार्य शुरू कराया है। किसानों का खसरा अपडेट किया जा रहा है।
विज्ञापन
कृषि उपनिदेशक इंद्राज ने बताया कि किसान सम्मान निधि प्राप्त करने वाले किसानों का सत्यापन किया जा रहा है। तहसीलों से मिल रही रिपोर्ट के आधार निर्धारित पोर्टल पर डाटा अपलोड किया जा रहा है। कई ऐसे किसान मिल रहे हैं, जिनके पास वर्तमान में कोई भूमि नहीं है। सत्यापन कार्य पूरा होने के बाद पूरी तस्वीर साफ हो जाएगी।