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Ballia News: नगर और ग्राम पंचायतों में बनेंगे ज्ञान केंद्र
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बलिया। पुस्तकालय की तर्ज पर अब गांवों में सार्वजनिक ज्ञान केंद्र बनाए जाएंगे, जहां विख्यात लेखकों व कवियों की पुस्तकों के साथ ही समाचार पत्र भी पढ़ने को मिलेंगे। प्रथम चरण में 288 ग्राम पंचायतों के साथ ही नगर निकायों के 28 वार्डों में केंद्र खोले जाएंगे। इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिन गांवों में सचिवालय भवन हैं, वहां पर ये केंद्र प्राथमिकता पर स्थापित होंगे। जहां सचिवालय नहीं हैं, वहां के प्राथमिक व माध्यमिक स्कूलों में इसका संचालन कराया जाएगा।
जिला स्तर पर सीडीओ की अध्यक्षता में समिति का गठन हुआ है। समिति स्थानों का चयन कर ज्ञान केंद्र की स्थापना के लिए बजट जारी करेगी। प्रत्येक ज्ञान केंद्र पर चार लाख रुपये का खर्च आएगा। सार्वजनिक ज्ञान केंद्रों में अलग अलग कार्य के लिए बजट तय है। दो लाख रुपये पुस्तकालय के भवन निर्माण व मरम्मत पर खर्च होंगे। इसमें 25 हजार रुपये में स्मार्ट एलईडी टीवी, 60 हजार में चार मेज, 15 हजार में नेटवर्किंग व डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, 35 हजार में किताबें, 3500 में बच्चों की मेज, आठ हजार में महिलाओं के लिए कार्नर, 12 हजार में कुर्सियां, 3500 रुपये में डेस्क, 10 हजार में बिजली व्यवस्था, 28 हजार में अन्य संसाधनों की व्यवस्था पर खर्च होंगे।
सार्वजनिक ज्ञान केंद्र खोलने के लिए नगर पालिका में जमीन चिह्नित करने की जिम्मेदारी ईओ को दी गई है। जबकि ग्रामीण क्षेत्र में केंद्र खोलने के लिए जमीन की जिम्मेदारी डीपीआरओ सहित बीएसए को दी गई है।
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ईओ, बीएसए व डीपीआरओ को जिम्मेदारी
सार्वजनिक ज्ञान केंद्र के स्थापना की प्रक्रिया चल रही है। सीडीओ को योजना का नोडल अधिकारी नामित किया गया है। केंद्र खोलने के संबंध में बैठक होनी है।
-अतुल तिवारी, जिला पुस्तकालय प्रभारी।
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जिला स्तर पर सीडीओ की अध्यक्षता में समिति का गठन हुआ है। समिति स्थानों का चयन कर ज्ञान केंद्र की स्थापना के लिए बजट जारी करेगी। प्रत्येक ज्ञान केंद्र पर चार लाख रुपये का खर्च आएगा। सार्वजनिक ज्ञान केंद्रों में अलग अलग कार्य के लिए बजट तय है। दो लाख रुपये पुस्तकालय के भवन निर्माण व मरम्मत पर खर्च होंगे। इसमें 25 हजार रुपये में स्मार्ट एलईडी टीवी, 60 हजार में चार मेज, 15 हजार में नेटवर्किंग व डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, 35 हजार में किताबें, 3500 में बच्चों की मेज, आठ हजार में महिलाओं के लिए कार्नर, 12 हजार में कुर्सियां, 3500 रुपये में डेस्क, 10 हजार में बिजली व्यवस्था, 28 हजार में अन्य संसाधनों की व्यवस्था पर खर्च होंगे।
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सार्वजनिक ज्ञान केंद्र खोलने के लिए नगर पालिका में जमीन चिह्नित करने की जिम्मेदारी ईओ को दी गई है। जबकि ग्रामीण क्षेत्र में केंद्र खोलने के लिए जमीन की जिम्मेदारी डीपीआरओ सहित बीएसए को दी गई है।
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ईओ, बीएसए व डीपीआरओ को जिम्मेदारी
सार्वजनिक ज्ञान केंद्र के स्थापना की प्रक्रिया चल रही है। सीडीओ को योजना का नोडल अधिकारी नामित किया गया है। केंद्र खोलने के संबंध में बैठक होनी है।
-अतुल तिवारी, जिला पुस्तकालय प्रभारी।