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सीमावर्ती क्षेत्रों पर पुलिस की पैनी नजर
अमर उजाला ब्यूरो /बलिया
Updated Sat, 07 Jan 2017 11:57 PM IST
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सीमावर्ती क्षेत्रों पर पुलिस की पैनी नजर
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विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद जनपद के सीमावर्ती क्षेत्रों पर पुलिस की पैनी नजर है। चुनाव के मद्देनजर इन क्षेत्रों में पुलिस औचक वाहन चेकिंग के साथ ही अपराधियों को दबोचने का अभियान शुरू कर दिया है। सीमा से लगे सभी थानों के थानाध्यक्षों को सीमावर्ती क्षेत्रों पर विशेष नजर रखने और अपराधियों को पकड़ने का निर्देश दिया है। ताकि चुुनाव शांति पूर्ण तरीके से सम्पन्न हो सके।
बलिया जिले का अधिकतम हिस्सा बिहार सीमा से लगा हुआ है। जिसमें कोटवानाराणपुर से लेकर जयप्रकाशनगर तक गंगा नदी और मांझी घाट से तूर्तीपार तक घाघरा नदी सीमा रेखा है। ऐसे में बिहार से अपराधी आसानी से यूपी की सीमा में घुस अपराध को अंजाम देने के बाद भाग निकलते हैं या यूपी के अपराधी घटनाओं को अंजाम देकर बिहार में जाकर शरण ले लेते हैं। यही नहीं तस्कर भी आसानी से अवैध असलहा सहित अवैध शराब और पशुओं की तस्करी नदियों के सहारे करते हैं।
चुनाव के दौरान इन्हीं रास्तों से अपराधी घटनाओं के अंजाम देकर मतदाताओं में दहशत फैलाते हैं और जब तक पुलिस पहुंचती है, तब तक अपराधी बिहार भाग निकलने में सफल हो जाते हैं। यही नहीं अवैध असलहों को भी तस्कर आसानी से यूपी के सीमा में पहुंचा देते हैं। इसे रोकना आम दिनों में तो पुलिस के लिए चुनौती रहती ही है, चुनाव के समय में यह चुनौती और बढ़ जाती है। इसी के मद्देनजर नवागत पुलिस अधीक्षक ने सीमा से सटे थानों के थानाध्यक्षों को सीमा क्षेत्रों पर पैनी नजर रखने और यूपी-बिहार की सीमा को जोड़ने वाले मार्गों पर चेकिंग अभियान तेज करने का निर्देश दे दिया है।
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ताकि अपराधियों के आवागमन पर नकेल कसा जा सके और विधानसभा चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। बता दें कि जिले की करीब ढाई सौ किमी का क्षेत्र बिहार से लगा हुआ है। पुलिस की थोड़ी से लापरवाही विधानसभा चुनाव के दौरान अशांति पैदा कर सकती है।
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बलिया जिले का अधिकतम हिस्सा बिहार सीमा से लगा हुआ है। जिसमें कोटवानाराणपुर से लेकर जयप्रकाशनगर तक गंगा नदी और मांझी घाट से तूर्तीपार तक घाघरा नदी सीमा रेखा है। ऐसे में बिहार से अपराधी आसानी से यूपी की सीमा में घुस अपराध को अंजाम देने के बाद भाग निकलते हैं या यूपी के अपराधी घटनाओं को अंजाम देकर बिहार में जाकर शरण ले लेते हैं। यही नहीं तस्कर भी आसानी से अवैध असलहा सहित अवैध शराब और पशुओं की तस्करी नदियों के सहारे करते हैं।
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चुनाव के दौरान इन्हीं रास्तों से अपराधी घटनाओं के अंजाम देकर मतदाताओं में दहशत फैलाते हैं और जब तक पुलिस पहुंचती है, तब तक अपराधी बिहार भाग निकलने में सफल हो जाते हैं। यही नहीं अवैध असलहों को भी तस्कर आसानी से यूपी के सीमा में पहुंचा देते हैं। इसे रोकना आम दिनों में तो पुलिस के लिए चुनौती रहती ही है, चुनाव के समय में यह चुनौती और बढ़ जाती है। इसी के मद्देनजर नवागत पुलिस अधीक्षक ने सीमा से सटे थानों के थानाध्यक्षों को सीमा क्षेत्रों पर पैनी नजर रखने और यूपी-बिहार की सीमा को जोड़ने वाले मार्गों पर चेकिंग अभियान तेज करने का निर्देश दे दिया है।
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ताकि अपराधियों के आवागमन पर नकेल कसा जा सके और विधानसभा चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। बता दें कि जिले की करीब ढाई सौ किमी का क्षेत्र बिहार से लगा हुआ है। पुलिस की थोड़ी से लापरवाही विधानसभा चुनाव के दौरान अशांति पैदा कर सकती है।