बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में नाबालिग को शादी का झांसा देकर बहला-फुसलाकर भगाने और यौन उत्पीड़न के मामले में विशेष न्यायालय पॉक्सो कोर्ट संख्या-8 के न्यायाधीश प्रथम कान्त ने दोषी किशोर अपचारी को 25 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने पॉक्सो एक्ट की धारा-6 के तहत 20 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। न्यायालय ने भादंवि की धारा-363 में पांच वर्ष के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड तथा धारा-366 में सात वर्ष के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा नहीं करने पर क्रमश: तीन माह और छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। हालांकि, सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
अदालत ने आदेश दिया कि अन्वेषण, जांच और विचारण के दौरान किशोर ने अभिरक्षा में जो अवधि बिताई है, उसे सजा की अवधि में समायोजित किया जाएगा। साथ ही स्पेशल होम गाजीपुर के अधीक्षक को निर्देश दिया कि किशोर के 21 वर्ष की आयु पूरी करने तक उसके अध्ययन के साथ शारीरिक और मानसिक विकास की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। 21 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद शेष सजा भुगतने के लिए उसे जिला कारागार भेजा जाएगा। न्यायालय ने किशोर न्याय अधिनियम की धारा-20 के तहत परिवीक्षा अधिकारी के माध्यम से किशोर की प्रगति रिपोर्ट भी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। दंडादेश को बिना विलंब लागू करने का आदेश छह अक्तूबर 2026 को पारित किया गया।