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कार्रवाई की भय दिखाकर बंद करना चाहते हैं पत्रकारों की जुबां

Wed, 06 Apr 2022 11:06 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 06 Apr 2022 11:06 PM IST
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Journalists want to shut their mouths by showing fear of action
पत्रकारों पर दर्ज फर्जी मुकदमा वापस लेने तथा ससम्मान रिहाई की मांग को लेकर रसड़ा कस्बा स्थित गां? - फोटो : BALLIA
बेल्थरारोड/बांसडीह/सिंकदरपुर। यूपी बोर्ड परीक्षा के पेपर लीक मामले में तीन पत्रकारों की गिरफ्तारी पर जनपदवासियों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। गिरफ्तारी खिलाफ आंदोलन की चिंगारी अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी फैलने लगी है। बुधवार को बेल्थरारोड, बांसडीह और सिंकदरपुर के पत्रकारों ने जिला प्रशासन की कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन किया। राज्यपाल को ज्ञापन भेज गिरफ्तार पत्रकारों की रिहाई और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
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बेल्थरारोड में पत्रकारों ने बांहों में काली पट्टी बांध रेलवे चौराहा से जुलूस निकाला। नगर भ्रमण करते हुए तहसील पहुंचे और राज्यपाल को संबोधित पांच सूत्रीय ज्ञापन नायब तहसीलदार दीपक सिंह को सौंपा। श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के जिलाध्यक्ष अनूप कुमार हेमकर ने कहा कि सच को उजागर करने वाले पत्रकारों को झूठे मुकदमे में फंसाना नकल माफिया से प्रशासनिक अमले की सांठगांठ को उजागर करता है। प्रशासन भयभीत करके पत्रकारों की जुबान बंद करना चाहता है। विजय मद्धेशिया ने कहा कि पत्रकारों पर मुकदमा लादकर प्रशासन अपनी नाकामी छिपा रहा है। जयप्रकाश बरनवाल ने कहा कि यह लोकतांत्रिक मूल्यों का हनन है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नवीन मिश्रा, राजू राय, अशोक जायसवाल, शब्बीर अहमद, रणजीत सिंह, उमेश, रविंद्रनाथ, अनमोल आनंद, अंजनी राय, अभयेश मिश्र, घनश्याम गुप्त, निलेश गुप्त, अरविंद यादव, मोहम्मद सुफियान, धीरज गुप्त, अमरनाथ गुप्त, संजय ठाकुर समेत दर्जनों पत्रकार मौजूद रहे।
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बांसडीह में संयुक्त पत्रकार संघर्ष मोर्चा ने संयोजक समिति के सदस्य शशिकांत मिश्रा एवं मकसूदन सिंह के नेतृत्व में एसडीएम सीमा पांडेय को सात सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा और कहा कि जब तक पत्रकारों को रिहा नहीं किया जाता तब आंदोलन चलता रहेगा। उन्होंने पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने, पत्रकारों को शासन स्तर से सूचीबद्ध करने, प्रेस मान्यता नियमावली में संशोधन, पत्रकार आयोग गठित की मांग की। इसले पहले अंबेडकर चौराहे से जुलूस भी निकाला गया जो तहसील पर जाकर समाप्त हुआ। रविशंकर पांडेय, सुशील कुमार ठाकुर, राम प्रताप तिवारी, विनोद कुमार वर्मा, रितेश तिवारी, वीरेंद्र सिंह, जितेंद्र उपाध्याय, राममिलन तिवारी, उपेंद्र तिवारी, सत्येंद्र कुमार सिंह, एजाज अहमद, सरफराज खान, भीम सिंह, कैलाशपति सिंह, डॉ. विनय कुमार सिंह, रत्नेश सिंह, अभिषेक मिश्र, नरेंद्र मिश्र, वीर बहादुर सिंह, सुधीर कुमार मिश्र, आनंद सिंह, शिवसागर पांडेय, अनिल केसरी, विनोद कुमार पांडेय, दिनेश कुमार सिंह, रितेश तिवारी,उपेंद्र तिवारी मौजूद रहे।
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सिकंदरपुर में पत्रकारों ने काली पट्टी बांध कर पैदल मार्च निकाला। तहसील कार्यालय पहुंचकर राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एसडीएम प्रशांत कुमार नायक को सौंपा। वक्ताओं ने कहा कि आज सच लिखना गुनाह बन गया है। बृजेंद्र सिंह, शम्भूनाथ मिश्र, अजय तिवारी, अजित पाठक, धीरज मिश्र, संतोष शर्मा, इमरान, रमेश जायसवाल, अतुल राय, रजनीश श्रीवास्तव, विनोद गुप्ता, मनीष गुप्ता, नारायण पांडेय, अनिल तिवारी, अंगद, निकेश राय, लड्डन, बख्तियार खां, अरविंद पांडेय सहित दर्जनों पत्रकार मौजूद रहे।

पत्रकारों पर दर्ज फर्जी मुकदमा वापस करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन बेल्थरार

पत्रकारों पर दर्ज फर्जी मुकदमा वापस करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन बेल्थरार- फोटो : BALLIA

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