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घट रही नदी में कटान तेज
ब्यूरो/अमर उजाला बलिया
Updated Tue, 01 Sep 2015 10:41 PM IST
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घाघरा नदी के जलस्तर में लगातार हो रही कमी से कटान की गति बढ़ गई है। है। इससे बाढ़ की संभावना तो फिलहाल टल गई है लेकिन चैनपुर गुलौरा और आसपास के क्षेत्रों में हो रहे तेज कटान से लोगों की नींद उड़ गई है। रोजाना कई एकड़ कृषि योग्य उपजाऊ भूमि नदी की जलधारा में विलीन हो रही है। कटान के रोकथाम की व्यवस्था न किए जाने से तटवर्ती बाशिंदों में आक्रोश है।
केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक मंगलवार को अपराह्न घाघरा का जलस्तर 63.20 मीटर दर्ज किया गया, जो लाल निशान 81 सेमी नीचे है। सोमवार की शाम से जलस्तर में स्थिरता आ गई है। आयोग ने अगले 24 घंटे में जलस्तर घटने का अनुमान लगाया है।
जलस्तर में कमी के चलते हाहानाला से लेकर चैनपुर, गुलौरा, मठिया और टंगुनिया तक कटान हो रहा है। देवरिया जनपद के बरहज के पास बनाए गए ठोकर से टकराकर नदी का पानी सीधे हाहानाला, टंगुनिया राजभर बस्ती, चैनपुर ढाला, पंचायत भवन गुलौरा, मठिया शिवाला, खैराखास और तुर्तीपार की ओर तीव्र गति से कृषि योग्य उपजाऊ भूमि को नदी काट रहा है। पिछले दो वर्षो में सैकड़ों एकड़ भूमि नदी में समाहित हो चुकी है।
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केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक मंगलवार को अपराह्न घाघरा का जलस्तर 63.20 मीटर दर्ज किया गया, जो लाल निशान 81 सेमी नीचे है। सोमवार की शाम से जलस्तर में स्थिरता आ गई है। आयोग ने अगले 24 घंटे में जलस्तर घटने का अनुमान लगाया है।
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जलस्तर में कमी के चलते हाहानाला से लेकर चैनपुर, गुलौरा, मठिया और टंगुनिया तक कटान हो रहा है। देवरिया जनपद के बरहज के पास बनाए गए ठोकर से टकराकर नदी का पानी सीधे हाहानाला, टंगुनिया राजभर बस्ती, चैनपुर ढाला, पंचायत भवन गुलौरा, मठिया शिवाला, खैराखास और तुर्तीपार की ओर तीव्र गति से कृषि योग्य उपजाऊ भूमि को नदी काट रहा है। पिछले दो वर्षो में सैकड़ों एकड़ भूमि नदी में समाहित हो चुकी है।
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