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एकात्म मानववाद के प्रणेता थे पं. दीन दयाल : देवेंद्र यादव
ब्यूरो/ अमर उजाला बलिया
Updated Fri, 25 Sep 2015 11:35 PM IST
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भारतीय जनता पार्टी कार्यालय पर शुक्रवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 99वीं जयंती मनाई गई। इस मौके पर जिलाध्यक्ष देवेंद्र यादव ने उनके जीवन पर प्रकाश डाला। कहा कि वह एकात्म मानववाद के प्रणेता थे।
जिलाध्यक्ष यादव ने कहा कि वह राष्ट्र के ऐसे धरोहर थे, जिसकी प्रतिपूर्ति कभी नहीं की जा सकती। उनके बताए रास्ते पर चलकर ही भारतीय जनता पार्टी ने देश में ही नहीं बल्कि विश्व में अपना परचम लहराया है।
वह एकात्म मानववाद की बात करते रहते थे। उनका जीवन एक महान त्यागी, तपस्वी और सादगी से भरा था। जनसंघ का राष्ट्रीय अध्यक्ष होते हुए भी अपने जीवन में कभी भी अहंकार और यशोगान को बढ़ावा नहीं दिया।
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यादव ने कहा कि उनकी सोच थी कि समाज के अंतिम व्यक्ति का विकास हो तथा उसे बराबरी का हक मिले। इसलिए उन्होंने दरिद्र नारायण को ही अराध्य देव मानकर काम किया।
उनके मन में राष्ट्रीयता की भावना कूटकूट कर भरी थी। उनमें आदर्श और चरित्र निर्माण करने की अद्भुत क्षमता थी। इस मौके पर सुरेंद्र सिंह, नकुल चौबे आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन महामंत्री जयप्रकाश साहु ने किया।
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जिलाध्यक्ष यादव ने कहा कि वह राष्ट्र के ऐसे धरोहर थे, जिसकी प्रतिपूर्ति कभी नहीं की जा सकती। उनके बताए रास्ते पर चलकर ही भारतीय जनता पार्टी ने देश में ही नहीं बल्कि विश्व में अपना परचम लहराया है।
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वह एकात्म मानववाद की बात करते रहते थे। उनका जीवन एक महान त्यागी, तपस्वी और सादगी से भरा था। जनसंघ का राष्ट्रीय अध्यक्ष होते हुए भी अपने जीवन में कभी भी अहंकार और यशोगान को बढ़ावा नहीं दिया।
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यादव ने कहा कि उनकी सोच थी कि समाज के अंतिम व्यक्ति का विकास हो तथा उसे बराबरी का हक मिले। इसलिए उन्होंने दरिद्र नारायण को ही अराध्य देव मानकर काम किया।
उनके मन में राष्ट्रीयता की भावना कूटकूट कर भरी थी। उनमें आदर्श और चरित्र निर्माण करने की अद्भुत क्षमता थी। इस मौके पर सुरेंद्र सिंह, नकुल चौबे आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन महामंत्री जयप्रकाश साहु ने किया।