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सार्वजनिक स्थानों से अतिक्रमण हटाने का निर्देश भी जिले में हवा हवाई

Thu, 21 Apr 2022 11:33 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 21 Apr 2022 11:33 PM IST
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Instructions to remove encroachment from public places are also air in the district
बलिया। शासन की ओर से सार्वजनिक स्थानों, गड़ही, तालाब, चक रोड आदि से अतिक्रमण हटाने का निर्देश बेमानी साबित हुआ है। कई गांवों के लोग शिकायत करके थक चुके हैं। अधिकारी इस मामले में ज्यादातर उदासीनता ही बरतते हैं, जिसके चलते अवैध कब्जे बढ़ते ही जा रहे हैं। हालांकि जिला प्रशासन का दावा है कि उसने 118 हेक्टेयर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जा चुका है।
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सरकार ने आठ मई 2017 को सार्वजनिक स्थानों से अतिक्रमण को लेकर शासनादेश जारी किया था। इसके तहत प्रभावशाली व दबंग व्यक्तियों, राजनीतिक संरक्षण प्राप्त लोगों तथा स्थानीय अधिकारियों की मिलीभगत से सरकारी भूमियों, धार्मिक संस्थानों, प्रतिष्ठानों, लावारिस संपत्तियों के अलावा गरीब व कमजोर व्यक्तियों की भूमियों पर अवैध कब्जा को हटाया जाना था। खासकर गांवों में स्थित सार्वजनिक उपयोग की भूमि, तालाब, पोखरे, चारागाह, कब्रिस्तान, श्मशान, कुंआ, सड़क किनारे की जमीन, चकमार्ग, चकनाली आदि पर अतिक्रमण के मामले कार्रवाई करने का प्रावधान था। लेकिन जिले में यह शासनादेश करीब पांच वर्ष साल बाद भी महज दिखावा बन कर रह गया है। आज भी सार्वजनिक जमीनों पर दबंग निर्माण आदि कराने से नहीं हिचक रहे हैं। इतना ही नहीं अतिक्रमण हटाने को लेकर राजस्व व पुलिस विभाग की टीम भी गठित हुई लेकिन यह भी कागजों तक ही सिमट कर रह गई। आज भी आए दिन तहसीलों व थानों पर अतिक्रमण को लेकर शिकायतें आती हैं लेकिन राजस्व विभाग टालमटोल कर कोरम पूरा कर लेता है। खासकर ग्रामीण इलाकों में गड़ही व तालाब का दायरा अतिक्रमण के कारण सिकुड़ता गया जिसके चलते जल निकासी की समस्या बनी हुई है। इसके बावजूद इस बाबत ठोस कार्रवाई नहीं होती।
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नरही थाना क्षेत्र के सोहांव गांव निवासी मुनींद्र नाथ राय ने गांव में स्थित गड़ही को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए वर्ष 2017 में अधिकारियों को आवेदन दिया। कोई कार्रवाई नहीं हुई। वह लगातार इस गड़ही को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए जिलाधिकारी व दूसरे वरिष्ठ जन सुनवाई पोर्टल पर भी शिकायत की। वर्ष 2019 में तत्कालीन डीएम ने अतिक्रमण हटाने का निर्देश सदर तहसील को दिया लेकिन आज भी यह मामला अधर में लटका है।
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सोहांव ब्लॉक के भरौली गांव में कागजों में आठ गड़हियां हैं। इनका रकबा करीब 20 एकड़ है। इनमें से कई गड़हियों का नामोनिशान मिट चुका है और कुछ सिमट गई हैं। भरौली निवासी व गड़हा विकास मंच के अध्यक्ष चंद्रमणि राय ने वर्ष 2018 से 2021 तक कई बार गड़हियों से अतिक्रमण हटाने के लिए शिकायत किया लेकिन हर बार लीपापोती होती रही। जन सुनवाई पोर्टल पर शिकायत किया तो अधिकारियों ने यह रिपोर्ट लगा दी कि इसके लिए वाद दायर करें। इससे तंग आकर श्री राय ने शिकायत करना ही छोड़ दिया।
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