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Ballia News: फर्जी अंकपत्र पर नियुक्ति के आरोप में प्रधानाध्यापक पर कार्रवाई के निर्देश
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पंदह। शिक्षा क्षेत्र पंदह के प्राथमिक विद्यालय चौहानपुर (बाछापार) के प्रधानाध्यापक ध्रुवनाथ यादव के विरुद्ध कथित रूप से कूटचित एवं फर्जी अंकपत्र-प्रमाणपत्र के आधार पर नियुक्ति पाने के मामले में शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) आजमगढ़ मंडल मनोज कुमार मिश्र ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को प्रकरण में नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
एडी बेसिक ने जारी पत्र में कहा कि प्रधानाध्यापक ध्रुवनाथ यादव के बीएड अंकपत्र के सत्यापन में अंक-भेद (डिस्क्रेपेंसी) पाया गया है। इस संबंध में उनसे कारण बताओ नोटिस जारी कर अधिकतम 15 दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा जाए। यदि आरोपी शिक्षक की ओर से प्रस्तुत स्पष्टीकरण प्रमाणित नहीं पाया जाता है, तो इसे गंभीर कदाचार मानते हुए सेवा समाप्ति से संबंधित अंतिम नोटिस जारी किया जाए। अंतिम नोटिस के लिए केवल सात दिन का समय देने के निर्देश हैं। नोटिस के साथ साक्ष्य एवं सत्यापन आख्या संलग्न करने तथा उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा अधिनियम एवं अध्यापक सेवा नियमावली का उल्लेख अनिवार्य रूप से करने को कहा गया है।
एडी बेसिक ने यह भी निर्देश दिया है कि निर्धारित 15 व 7 दिन की अवधि बीतने के बाद यदि आरोपी द्वारा संतोषजनक व साक्ष्ययुक्त जवाब नहीं दिया जाता है, तो बर्खास्तगी की कार्रवाई की जाए। साथ ही प्रकरण में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराते हुए विभागीय नियमानुसार रिकवरी की कार्रवाई भी की जाएगी। इसके अलावा सहायक शिक्षा निदेशक ने 20 जुलाई 2020 के बाद शिक्षा क्षेत्र पंदह में तैनात रहे खंड शिक्षा अधिकारियों की सूची भी सात दिन के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि प्रकरण की समुचित जांच आगे बढ़ाई जा सके।
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एडी बेसिक ने जारी पत्र में कहा कि प्रधानाध्यापक ध्रुवनाथ यादव के बीएड अंकपत्र के सत्यापन में अंक-भेद (डिस्क्रेपेंसी) पाया गया है। इस संबंध में उनसे कारण बताओ नोटिस जारी कर अधिकतम 15 दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा जाए। यदि आरोपी शिक्षक की ओर से प्रस्तुत स्पष्टीकरण प्रमाणित नहीं पाया जाता है, तो इसे गंभीर कदाचार मानते हुए सेवा समाप्ति से संबंधित अंतिम नोटिस जारी किया जाए। अंतिम नोटिस के लिए केवल सात दिन का समय देने के निर्देश हैं। नोटिस के साथ साक्ष्य एवं सत्यापन आख्या संलग्न करने तथा उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा अधिनियम एवं अध्यापक सेवा नियमावली का उल्लेख अनिवार्य रूप से करने को कहा गया है।
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एडी बेसिक ने यह भी निर्देश दिया है कि निर्धारित 15 व 7 दिन की अवधि बीतने के बाद यदि आरोपी द्वारा संतोषजनक व साक्ष्ययुक्त जवाब नहीं दिया जाता है, तो बर्खास्तगी की कार्रवाई की जाए। साथ ही प्रकरण में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराते हुए विभागीय नियमानुसार रिकवरी की कार्रवाई भी की जाएगी। इसके अलावा सहायक शिक्षा निदेशक ने 20 जुलाई 2020 के बाद शिक्षा क्षेत्र पंदह में तैनात रहे खंड शिक्षा अधिकारियों की सूची भी सात दिन के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि प्रकरण की समुचित जांच आगे बढ़ाई जा सके।
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