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पाठ्यक्रम में लानी होगी भारतीय संस्कृति और सभ्यता : डाॅ. एनपी सिंह

Sun, 24 Nov 2024 10:37 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 24 Nov 2024 10:37 PM IST
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Indian culture and civilization will have to be brought in the curriculum: Dr. NP Singh
भीमपुरा। भारत में एकता अखंडता संप्रभुता बनाए रखने के लिए शिक्षा के पाठ्यक्रम में भारतीय संस्कृति सभ्यता को लाना पड़ेगा। तभी हमारे बच्चों का सर्वांगीण विकास संभव है। ये बातें भारतीय शिक्षा बोर्ड के कार्यकारी अध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त आईएएस डॉ. एनपी सिंह ने रविवार को इब्राहिमपट्टी स्थित दुब्बर कृषक इंटर कॉलेज के सभागार में कहीं।
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पतंजलि योगपीठ की ओर से दुब्बर कृषक इंटर कॉलेज के प्रांगण में भारतीय शिक्षा बोर्ड के गठन और उसके पाठ्यक्रम को लेकर चर्चाएं की गईं। इसमें शिक्षा बोर्ड के कार्यकारी अध्यक्ष सेवानिवृत आईएएस डॉ. एनपी सिंह ने कहा कि पहले के लोगों ने हमारे भारतीय इतिहास को पाठ्यक्रमों से निकाल दिया। इसके कारण आज भारतीय संस्कृति, सभ्यता पर ग्रहण लग गया है। आज हमें जागना होगा। हमारे पूर्वज, हमारे ऋषि मुनि ने देश की संस्कृति, सभ्यता और एकता के लिए जो संघर्ष किया उसे बच्चों को बताना पड़ेगा। तभी हमारा देश विश्व के पटल पर दिखेगा और हमारे बच्चे इसकी महत्ता को समझेंगे। इसीलिए भारतीय ज्ञान परंपरा की शिक्षा प्रणाली को आधुनिकता के दौर मजबूत करने के लिए भारतीय शिक्षा बोर्ड का गठन किया गया है। ये केंद्रीय मंत्रालय से मान्यता प्राप्त है। इस दौरान विद्यालय के प्रधानाचार्य हरिवंश यादव में मुख्य अतिथि का अंगवस्त्र व मेमेंटो देकर सम्मानित किया। प्रबंधक उमेश यादव, ओमप्रकाश यादव, देवेंद्र सिंह, अमरजीत यादव, डॉ. आनंद जायसवाल, अंगेश यादव दिनेश, हरिश्चंद यादव, सुनील, रमेश आदि लोग मौजूद रहे।
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