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एनएच-31 पर जल्द शुरू हों अधूरे कार्य, की जाए जांच

Fri, 16 Jul 2021 10:51 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 16 Jul 2021 10:51 PM IST
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Incomplete work should be started soon on NH-31, investigation should be done
बैरिया। एनएच-31 पर अब तक कराए गए पांच किमी मरम्मत कार्य का मामला तूल पकड़ने लगा है। सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने शुक्रवार को एनएच के समीक्षा अधिकारी (आरओ) विपनेश शर्मा से फोन पर दो टूक कहा कि एनएच-31 के सुदृढ़ीकरण कार्य में खेल बहुत हो गया। अब ऐसा नहीं चलेगा। मार्ग का निर्माण कार्य एक साल में महज पांच किमी हुआ वह भी इसी बरसात में उखड़ गया। मामले की जांच कर दोषियों पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए। हर हाल में तत्काल कार्य शुरू होना चाहिए। समीक्षा अधिकारी ने आश्वस्त किया कि तत्काल कार्य शुरू कराया जाएगा।
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गौरतलब हो कि 24 जून 2020 को राजस्थान की सड़क निर्माण कंपनी ने उत्तरप्रदेश व बिहार को जोड़ने वाली एनएच-31 सड़क के सुदृढ़ीकरण का कार्य शुरू कराया था। एक साल में महक पांच किलोमीटर सोनबरसा से नवका टोला तक ही हुआ है। इसी बरसात में पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। नवका टोला से पूरब संबंधित कंपनी ने सड़क खोदकर छोड़ दी है। इधर सोनबरसा से बेलहरी तक सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं। आवागमन में काफी कष्ट कारक साबित हो रहे हैं। मांझी से गाजीपुर तक 183 किलोमीटर लंबी सड़क के सुदृढ़ीकरण के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने 180 करोड़ रुपए स्वीकृत किए थे। लगभग 90 लाख रुपए प्रति किलोमीटर कार्य होना था। सांसद ने कहा की सड़क निर्माण कंपनी और विभागीय अधिकारियों के लापरवाही के कारण दिक्कतें आई हैं। 20 जुलाई को भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से भी मिलकर उनका ध्यान आकृष्ट कराऊंगा।
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प्रति माह होगा ड्रोन से सर्वे, पेमेंट रोका
बैरिया। एनएचएआई के तकनीकी प्रबंधक योगेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि अब ड्रोन से इस मार्ग के मरम्मत पर नजर रखेंगे। प्रतिमाह इसकी रिपोर्ट सासन को भेजा जाएगी। गाजीपुर से बलिया के मांझी घाट तक 130 किमी एनएच-31 की मरम्मत में एक साल से संबंधित कंपनी द्वारा लापरवाही बरती जा रही है। इनका पेमेंट रोक दिया गया है। अब ड्रोन कैमरे से किलोमीटर वाइज वीडियो फुटेज बनवाएंगे। इसकी खरीद के लिए विभाग टेंडर आमंत्रित करने जा रहा है। उसके बाद यह आंकलन किया जाएगा कि कंपनी ने क्या काम किया। ड्रोन के माध्यम से कार्य की प्रगति रिपोर्ट भी मंत्रालय को भेजी जाती रहेगी।
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